Pilibhit News: पीलीभीत टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी हिट, चूका बीच पर मोटरबोट की सैर फ्लॉप, जानिए वजह
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रमुख पर्यटन स्थल चूका बीच पर मोटरबोट सफारी से सैलानियों का रुझान कम दिख रहा है। इस सत्र के दौरान ढाई माह में सिर्फ सौ सैलानियों ने ही मोटरबोट की सैर की है। जबकि जंगल सफारी करने वालों का आंकड़ा दस हजार पहुंच गया है।
विस्तार
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में एक नवंबर से 15 जनवरी तक 10 हजार से अधिक सैलानियों ने जंगल सफारी का आनंद लिया, लेकिन शारदा डैम में संचालित मोटरबोट सफारी को बेहद कम पसंद किया गया। दो माह से अधिक समय बीतने के बावजूद मोटरबोट से सैर करने वाले सैलानियों की संख्या महज 100 तक सिमट कर रह गई, जिससे वन निगम की चिंता बढ़ गई है।
देशभर में मिनी गोवा के रूप में पहचान बना चुके पीलीभीत टाइगर रिजर्व का चूका बीच अपनी प्राकृतिक सुंदरता और अनूठे ठहराव विकल्पों के लिए मशहूर है। यहां बनी थारू, बैंबो और ट्री हट पर्यटकों को खासा आकर्षित करती हैं। इसके अलावा चूका बीच के किनारे शारदा डैम में लहराता पानी सैलानियों को सुकून भरा अनुभव देता है।
सैलानियों की सुविधा के लिए वन निगम की ओर से शारदा डैम में दो मोटरबोट संचालित की जा रही हैं। एक मोटरबोट सफारी में एक से छह व्यक्ति तक सैर कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए पांच हजार रुपये शुल्क निर्धारित है। खास बात यह है कि यदि एक ही सैलानी सफारी करता है, तब भी उसे पूरे पांच हजार रुपये अदा करने होते हैं।
शुल्क ज्यादा होने के कारण नहीं भा रही मोटरबोट
मोटरबोट से तीन किलोमीटर तक करीब एक घंटे तक सैर कराई जाती है। माना जा रहा है कि शुल्क अधिक होने की वजह से मोटरबोट सफारी सैलानियों को कम भा रही है। पिछले सत्र में इन्हीं दिनों के दौरान 160 से अधिक सैलानियों ने मोटरबोट सफारी की थी। इस गिरावट को लेकर वन निगम के अधिकारी सर्द मौसम को वजह बता रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि ठंड के मौसम में पानी पर सफारी करने से सैलानी कतराते हैं, इसके चलते मोटरबोट की मांग कम रहती है। हालांकि कुछ जानकार का कहना है कि अधिक शुल्क और सीमित सुविधा भी वजह हो सकती है। वन निगम के चूका इंचार्ज पुलकित कुमार ने बताया कि सत्र की शुरुआत से लेकर 15 जनवरी तक करीब 100 सैलानियों ने मोटरबोट की सैर की है। संख्या पिछले सत्र की अपेक्षा कम रही है।
