Pilibhit News: अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार में छह पुलिसकर्मी निलंबित, एसपी सुकीर्ति माधव ने की बड़ी कार्रवाई
पीलीभीत में एसपी सुकीर्ति माधव ने अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार करने वाले पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई की है। एसपी ने छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। एक सिपाही को लाइन हाजिर किया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पीलीभीत में एसपी सुकीर्ति माधव ने सोमवार को अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के आरोप में छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया, जबकि एक मुख्य आरक्षी को लाइन हाजिर किया है। गोपनीय सूचना के आधार पर कराई प्रारंभिक जांच में पुलिसकर्मियों पर अनुचित लाभ लेने के प्रयास, विभागीय गोपनीयता भंग करने, गलत आचरण और विभाग की छवि धूमिल करने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। मामले की विस्तृत जांच संबंधित सीओ को सौंपी गई है।
एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि कार्रवाई गोपनीय सूचनाओं और विभिन्न स्तरों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर प्रारंभिक जांच के बाद की गई। निलंबित पुलिस कर्मियों में एलआईयू में तैनात मुख्य आरक्षी बिन्देश्वर मौर्य और महिला मुख्य आरक्षी अनीता, न्यूरिया थाने में तैनात मुख्य आरक्षी सतीश कुमार, कोतवाली में तैनात मुख्य आरक्षी अजय कुमार व आरक्षी महेश कुमार व बीसलपुर कोतवाली में तैनात मुख्य आरक्षी जितेंद्र कुमार शामिल हैं। इन सभी पर जनता के साथ गलत व्यवहार, विभागीय नियमों के उल्लंघन और अनुचित गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप हैं।
मुख्य आरक्षी अजय कुमार लाइन हाजिर
दियोरिया कला थाने में तैनात मुख्य आरक्षी अजय कुमार को अभद्र व्यवहार और अनुशासनहीनता के आरोप में लाइनहाजिर किया है। एसपी ने बताया कि सभी मामलों में अलग-अलग स्तर से शिकायतें प्राप्त हुई थीं। शिकायतों की गोपनीय जांच कराई, इसमें प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि हुई। प्रकरण की विस्तृत जांच संबंधित सर्किल अधिकारियों को सौंपी है।
जांच रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय और आवश्यक होने पर विधिक कार्रवाई भी की जाएगी। एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग की विश्वसनीयता और जनता का विश्वास सर्वोच्च प्राथमिकता है। भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता व किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधि के प्रति विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति है।