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बढ़ते तापमान में गन्ने की फसल में लग रहा रोग, निगरानी की जरूरत : गन्नाधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Mon, 15 Jun 2026 11:40 PM IST
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गन्ने की फसल में लगे रोग की जानकारी लेते गन्ना विभाग के अफसर व मौजूद किसान। स्रोत विभाग।
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पीलीभीत। बढ़ते तापमान के चलते गन्ने की फसल में माइट (मकड़ी) का प्रकोप देखने को मिल रहा है। यह रोग सूक्ष्म कीट पत्तियों की निचली सतह से रस चूसकर फसल को क्षति पहुंचा रहा है। इसको लेकर गन्नाधिकारी ने एडवाइजरी जारी की है।
जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव ने बताया कि माइट के प्रभावी नियंत्रण के लिए समेकित कीट प्रबंधन अपनाना आवश्यक है। किसानों को खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखनी चाहिए और संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाना चाहिए। नाइट्रोजन उर्वरकों का अत्यधिक प्रयोग माइट प्रकोप को बढ़ावा दे सकता है। खेतों को खरपतवार मुक्त रखें और अत्यधिक प्रभावित पत्तियों को काटकर नष्ट कर दें।
उन्होंने बताया कि जैविक नियंत्रण के अंतर्गत नीम आधारित उत्पादों का प्रयोग लाभकारी सिद्ध होता है। साथ ही मित्र जीवों एवं प्राकृतिक शत्रुओं का संरक्षण किया जाना चाहिए। भौतिक नियंत्रण के रूप में पत्तियों की निचली सतह पर पानी की तेज फुहार देने से माइट की संख्या में कमी लाई जा सकती है।
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जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव ने बताया कि माइट के प्रभावी नियंत्रण के लिए समेकित कीट प्रबंधन अपनाना आवश्यक है। किसानों को खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखनी चाहिए और संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाना चाहिए। नाइट्रोजन उर्वरकों का अत्यधिक प्रयोग माइट प्रकोप को बढ़ावा दे सकता है। खेतों को खरपतवार मुक्त रखें और अत्यधिक प्रभावित पत्तियों को काटकर नष्ट कर दें।
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उन्होंने बताया कि जैविक नियंत्रण के अंतर्गत नीम आधारित उत्पादों का प्रयोग लाभकारी सिद्ध होता है। साथ ही मित्र जीवों एवं प्राकृतिक शत्रुओं का संरक्षण किया जाना चाहिए। भौतिक नियंत्रण के रूप में पत्तियों की निचली सतह पर पानी की तेज फुहार देने से माइट की संख्या में कमी लाई जा सकती है।