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Pilibhit News: शासन की टीम करेगी डीआईओएस कार्यालय में करोड़ों के घोटाले की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 13 Mar 2026 12:05 AM IST
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पीलीभीत। डीआईओएस ऑफिस के करोड़ों के घोटाले की जांच के लिए आखिरकार शासन स्तर से कमेटी का गठन कर दिया गया है। अपर शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। टीम जल्द ही पूरे मामले की गहनता से जांच शुरू करेगी। माना जा रहा है कि इस पूरे मामले में कई डीआईओएस, लेखाधिकारी और कोषागार के जिम्मेदारों की भूमिका सामने आएगी।
डीआईओएस ऑफिस में पिछले माह विभागीय बजट को ठिकाने लगाने का खेल सामने आया था। कार्यालय में चपरासी से बाबू बनकर काम करने वाले इल्हाम शम्सी की पत्नी के खाते में एक करोड़ का विभागीय लेनदेन का मामला सामने आने के बाद घोटाले की परतें खुली थीं। डीएम के स्तर से जांच कराई गई तो सामने आया कि एक नहीं बल्कि करीब 35 खातों में विभागीय मद का संदिग्ध लेनदेन किया गया।
इसमें इल्हाम के करीबियों के करीब चार खाते में भी 2.5 करोड़ का लेनदेन पाया गया। यह खेल वर्ष 2019 से शुरू हुआ था। इसमें विभागीय लिपिक से लेकर तत्कालीन डीआईओएस, लेखाधिकारी व कोषागार के जिम्मेदारों तक की सहमति के बाद धनराशि का लेनदेन किया गया।
जांच के बाद इल्हाम शम्सी को निलंबित करने के साथ उसके व उसकी उसकी पत्नी अर्शी खातून के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। अर्शी को जेल भेज दिया गया। इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने मंडलीय टीम के अलावा शासन स्तर से जांच कराने की लिए पत्राचार किए थे। इसपर अब शासन ने संज्ञान लेकर जांच कमेटी का गठन कर दिया है।
अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है। टीम जल्द ही पूरे मामले की जांच शुरू करेंगी। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि शासन स्तर से जांच कमेटी बनाई गई है। जो पूरे प्रकरण की गहनता से जांच करेगी।
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डीआईओएस ऑफिस में पिछले माह विभागीय बजट को ठिकाने लगाने का खेल सामने आया था। कार्यालय में चपरासी से बाबू बनकर काम करने वाले इल्हाम शम्सी की पत्नी के खाते में एक करोड़ का विभागीय लेनदेन का मामला सामने आने के बाद घोटाले की परतें खुली थीं। डीएम के स्तर से जांच कराई गई तो सामने आया कि एक नहीं बल्कि करीब 35 खातों में विभागीय मद का संदिग्ध लेनदेन किया गया।
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इसमें इल्हाम के करीबियों के करीब चार खाते में भी 2.5 करोड़ का लेनदेन पाया गया। यह खेल वर्ष 2019 से शुरू हुआ था। इसमें विभागीय लिपिक से लेकर तत्कालीन डीआईओएस, लेखाधिकारी व कोषागार के जिम्मेदारों तक की सहमति के बाद धनराशि का लेनदेन किया गया।
जांच के बाद इल्हाम शम्सी को निलंबित करने के साथ उसके व उसकी उसकी पत्नी अर्शी खातून के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। अर्शी को जेल भेज दिया गया। इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने मंडलीय टीम के अलावा शासन स्तर से जांच कराने की लिए पत्राचार किए थे। इसपर अब शासन ने संज्ञान लेकर जांच कमेटी का गठन कर दिया है।
अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है। टीम जल्द ही पूरे मामले की जांच शुरू करेंगी। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि शासन स्तर से जांच कमेटी बनाई गई है। जो पूरे प्रकरण की गहनता से जांच करेगी।