{"_id":"697e679ea8cbf32f11040c7f","slug":"three-men-convicted-of-robbery-have-been-sentenced-to-two-years-in-prison-each-along-with-fines-pilibhit-news-c-121-1-lkh1003-152923-2026-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: डकैती के तीन दोषियों को दो-दो साल का कारावास, जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: डकैती के तीन दोषियों को दो-दो साल का कारावास, जुर्माना
विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। दुकान का चैनल व ताले तोड़ कर लाखों रुपये के सोने व चांदी के जेवर सहित नकदी उड़ाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश महेशानंद झा ने तीन दोषियों को दो-दो साल की सजा और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एक आरोपी की दौरान मुकदमा मृत्यु हो गई थी, जबकि चार के विरुद्ध आरोप साबित न होने पर उन्हें बरी कर दिया गया।
थाना न्यूरिया के मझोला निवासी खुर्शीद अख्तर ने 23 नवंबर 2011 को थाना न्यूरिया में तहरीर देकर कहा कि उसकी मझोला बाजार में कपड़े व ज्वेलरी की दुकान है। रात साढ़े तीन बजे मझोला पुलिस चौकी से उसके मोबाइल पर फोन आया कि तुम्हारी दुकान के सामने एक गाड़ी खड़ी थी, जो हमको देखकर भाग गई। दुकान के पास आकर देखा तो दुकान का चैनल व शटर खुला हुआ है। वह तुरंत परिवार के सदस्यों व अन्य लोगों को लेकर गए। डकैतों ने अपने औजारों से चैनल व शटर खोल लिया था। दुकान के अंदर दीवार से लगी हुई अलमारी जिसका वजन तीन क्विंटल था, जिसमें 600 ग्राम सोने के बने हुए जेवर, करीब 12 किलो ग्राम चांदी के जेवर और 40 हजार रुपये नकद थे। दूसरी तिजोरी में पांच हजार रुपये रखे थे। दोनों तिजोरी डकैत ले गए।
चौकीदार को तलाश किया तो वह सत्रह मील पुलिस चौकी के पास मिला। पूछने पर चौकीदार ने बताया डकैत उसको जबरन अपहरण कर के साथ ले गए और यहां छोड़ गए। डकैत करीब 25 लाख का माल लूट ले गए थे। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना में महल कल्यानी थाना नानकमता के जगतार सिंह उर्फ जग्गा, सफिनम कलिया थाना जसपुर के पाला उर्फ कृपाल सिंह, लखविंदर सिंह उर्फ लक्खी, चंदेली थाना खटीमा के भगत सिंह, ग्राम चिचूआ थाना नानकमता के जर्मल सिंह, ग्राम सलवा थाना नानकमता के कुलवंत सिंह उर्फ काली, ग्राम कलिया कलां थाना जसपुर के जितेंद्र व जसपाल के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किए।
सुनवाई के दौरान आरोपी जगतार सिंह की मृत्यु हो गई। अन्य सात आरोपियों के विरुद्ध सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता रवि गंगवार ने पैरवी कर कई गवाह न्यायालय में पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपी पाला, भगत सिंह, जितेंद्र व जसपाल के विरुद्ध आरोप सिद्ध न होने पर उन्हें दोष मुक्त कर दिया, जबकि लखविंदर सिंह, जर्मल सिंह व कुलवंत सिंह उर्फ काली को दोषी पाते हुए प्रत्येक को सजा सुनाई।
Trending Videos
थाना न्यूरिया के मझोला निवासी खुर्शीद अख्तर ने 23 नवंबर 2011 को थाना न्यूरिया में तहरीर देकर कहा कि उसकी मझोला बाजार में कपड़े व ज्वेलरी की दुकान है। रात साढ़े तीन बजे मझोला पुलिस चौकी से उसके मोबाइल पर फोन आया कि तुम्हारी दुकान के सामने एक गाड़ी खड़ी थी, जो हमको देखकर भाग गई। दुकान के पास आकर देखा तो दुकान का चैनल व शटर खुला हुआ है। वह तुरंत परिवार के सदस्यों व अन्य लोगों को लेकर गए। डकैतों ने अपने औजारों से चैनल व शटर खोल लिया था। दुकान के अंदर दीवार से लगी हुई अलमारी जिसका वजन तीन क्विंटल था, जिसमें 600 ग्राम सोने के बने हुए जेवर, करीब 12 किलो ग्राम चांदी के जेवर और 40 हजार रुपये नकद थे। दूसरी तिजोरी में पांच हजार रुपये रखे थे। दोनों तिजोरी डकैत ले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
चौकीदार को तलाश किया तो वह सत्रह मील पुलिस चौकी के पास मिला। पूछने पर चौकीदार ने बताया डकैत उसको जबरन अपहरण कर के साथ ले गए और यहां छोड़ गए। डकैत करीब 25 लाख का माल लूट ले गए थे। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना में महल कल्यानी थाना नानकमता के जगतार सिंह उर्फ जग्गा, सफिनम कलिया थाना जसपुर के पाला उर्फ कृपाल सिंह, लखविंदर सिंह उर्फ लक्खी, चंदेली थाना खटीमा के भगत सिंह, ग्राम चिचूआ थाना नानकमता के जर्मल सिंह, ग्राम सलवा थाना नानकमता के कुलवंत सिंह उर्फ काली, ग्राम कलिया कलां थाना जसपुर के जितेंद्र व जसपाल के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किए।
सुनवाई के दौरान आरोपी जगतार सिंह की मृत्यु हो गई। अन्य सात आरोपियों के विरुद्ध सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता रवि गंगवार ने पैरवी कर कई गवाह न्यायालय में पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपी पाला, भगत सिंह, जितेंद्र व जसपाल के विरुद्ध आरोप सिद्ध न होने पर उन्हें दोष मुक्त कर दिया, जबकि लखविंदर सिंह, जर्मल सिंह व कुलवंत सिंह उर्फ काली को दोषी पाते हुए प्रत्येक को सजा सुनाई।
