{"_id":"6a5524272f26990c7d0dbfd4","slug":"bhagipur-animal-hospital-has-been-without-a-doctor-for-two-years-waiting-for-vaccination-pratapgarh-news-c-262-1-ptp1003-172705-2026-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh News: भागीपुर पशु अस्पताल दो साल से डॉक्टर विहीन, टीकाकरण का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh News: भागीपुर पशु अस्पताल दो साल से डॉक्टर विहीन, टीकाकरण का इंतजार
विज्ञापन
रानीगंज के भागीपुर स्थित पशु चिकित्सालय। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिवगढ़ ब्लॉक के भागीपुर गांव स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय पिछले दो साल से डॉक्टर विहीन है। यहां का संचालन फार्मासिस्ट के भरोसे हो रहा है। बारिश शुरू होते ही खुरपका-मुंहपका और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। पशुपालकों का आरोप है कि अभी तक टीकाकरण शुरू नहीं हो सका है।
फार्मासिस्ट राजपत प्रभाकर ने बताया, दो साल से डॉक्टर का पद खाली है। रैबीज का इंजेक्शन कुछ ही दिनों पहले खत्म हुआ है। उनका दावा है कि पशुओं को खुरपका और मुंहपका का टीका लगाया जा रहा है। जबकि पशुपालकों का कहना है कि बरसात में खुरपका और मुंहपका के केस बढ़ जाते हैं, लेकिन अभी तक टीकाकरण नहीं शुरू हो सका।
पशुपालकों का कहना है कि मवेशी के बीमार होने के बाद चिकित्सक इलाज करने के लिए नहीं आते हैं। अस्पताल लेकर जाइए तो डॉक्टर नहीं मिलते हैं। मजबूरन निजी पशु चिकित्सकों को बुलाना पड़ता है। इलाज के नाम पर हजारों रुपये खर्च करना पड़ता है।
विज्ञापन
इनसेट:-
क्या बोले लोग
इस साल गलाघोंटू का टीका भी नहीं लगा। यहां कोई सुनने वाला नहीं है। दूर से आते हैं तो दवा भी नहीं मिलती। डॉक्टर आए तो पशुओं का समय पर इलाज हो।
पशुपालक अनुज विश्वकर्मा, भागीपुर।
--
अस्पताल जाने के बाद पशुओं का इलाज नहीं करते, अब तक खुरपका और मुंहपका का टीका मवेशियों को नहीं लगाया गया है। रैबीज का टीका भी उपलब्ध नहीं है।
दिनेश मौर्य, भागीपुर।
वर्जन-- -
50 अस्पतालों में केवल 30 डॉक्टर तैनात हैं। इस कारण कुछ दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई से घर-घर टीमें जाएंगी और पशुओं को खुरपका और मुंहपका का टीका लगाएंगी।
रामशब्द, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
विज्ञापन
फार्मासिस्ट राजपत प्रभाकर ने बताया, दो साल से डॉक्टर का पद खाली है। रैबीज का इंजेक्शन कुछ ही दिनों पहले खत्म हुआ है। उनका दावा है कि पशुओं को खुरपका और मुंहपका का टीका लगाया जा रहा है। जबकि पशुपालकों का कहना है कि बरसात में खुरपका और मुंहपका के केस बढ़ जाते हैं, लेकिन अभी तक टीकाकरण नहीं शुरू हो सका।
विज्ञापन
पशुपालकों का कहना है कि मवेशी के बीमार होने के बाद चिकित्सक इलाज करने के लिए नहीं आते हैं। अस्पताल लेकर जाइए तो डॉक्टर नहीं मिलते हैं। मजबूरन निजी पशु चिकित्सकों को बुलाना पड़ता है। इलाज के नाम पर हजारों रुपये खर्च करना पड़ता है।
विज्ञापन
इनसेट:-
क्या बोले लोग
इस साल गलाघोंटू का टीका भी नहीं लगा। यहां कोई सुनने वाला नहीं है। दूर से आते हैं तो दवा भी नहीं मिलती। डॉक्टर आए तो पशुओं का समय पर इलाज हो।
पशुपालक अनुज विश्वकर्मा, भागीपुर।
अस्पताल जाने के बाद पशुओं का इलाज नहीं करते, अब तक खुरपका और मुंहपका का टीका मवेशियों को नहीं लगाया गया है। रैबीज का टीका भी उपलब्ध नहीं है।
दिनेश मौर्य, भागीपुर।
वर्जन
50 अस्पतालों में केवल 30 डॉक्टर तैनात हैं। इस कारण कुछ दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई से घर-घर टीमें जाएंगी और पशुओं को खुरपका और मुंहपका का टीका लगाएंगी।
रामशब्द, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।

रानीगंज के भागीपुर स्थित पशु चिकित्सालय। संवाद

रानीगंज के भागीपुर स्थित पशु चिकित्सालय। संवाद