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Pratapgarh News: सरकारी कार्य में बाधा डालने के एफआईआर में पूर्व विधायक दोषमुक्त
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तेरह वर्ष पहले पूर्व विधायक बृजेश सौरभ पर दर्ज एफआईआर में एमपी एमएलए कोर्ट ने पूर्व विधायक समेत छह लोगों को दोषमुक्त किया है। पूर्व विधायक समर्थकों के साथ बाबूगंज बाजार में बदहाल बिजली व्यवस्था के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रहे थे।
घटना आठ अक्तूबर 2013 की है। पूर्व विधायक बृजेश सौरभ अंतू और बाबूगंज के व्यापारियों के साथ बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए आंदोलन कर रहे थे। प्रशासन ने उन्हें मनाने का प्रयास किया लेकिन वह बिजली सप्लाई ठीक न होने तक धरने पर बैठने की जिद पर अड़े रहे। सीओ सिटी ने उन्हें वार्ता करने के लिए अंतू थाने पर बुलाया।
पूर्व विधायक और सीओ के बीच नोकझोंक होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान पुलिस पूर्व विधायक, उनके जनसंपर्क अधिकारी हरिशंकर मिश्र, आलोक दुबे, व्यापारी अभय जायसवाल, संदीप चौधरी सहित दर्जनभर समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया था। तत्कालीन थानाध्यक्ष संतोष दुबे की तहरीर पर पूर्व विधायक पांच लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, धरना-प्रदर्शन करने सहित अन्य धाराओं में एफआईआर पंजीकृत किया था।
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मंगलवार को एमपी एमएलए कोर्ट की न्यायाधीश मीनाक्षी यादव ने पूर्व विधायक समेत उनके समर्थकों पर दर्ज मुकदमे में दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट का फैसला आने पर पूर्व विधायक ने इसे न्याय का जीत बताते हुए कहा कि सपा सरकार की दंडात्मक नीति के चलते उन पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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घटना आठ अक्तूबर 2013 की है। पूर्व विधायक बृजेश सौरभ अंतू और बाबूगंज के व्यापारियों के साथ बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए आंदोलन कर रहे थे। प्रशासन ने उन्हें मनाने का प्रयास किया लेकिन वह बिजली सप्लाई ठीक न होने तक धरने पर बैठने की जिद पर अड़े रहे। सीओ सिटी ने उन्हें वार्ता करने के लिए अंतू थाने पर बुलाया।
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पूर्व विधायक और सीओ के बीच नोकझोंक होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान पुलिस पूर्व विधायक, उनके जनसंपर्क अधिकारी हरिशंकर मिश्र, आलोक दुबे, व्यापारी अभय जायसवाल, संदीप चौधरी सहित दर्जनभर समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया था। तत्कालीन थानाध्यक्ष संतोष दुबे की तहरीर पर पूर्व विधायक पांच लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, धरना-प्रदर्शन करने सहित अन्य धाराओं में एफआईआर पंजीकृत किया था।
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मंगलवार को एमपी एमएलए कोर्ट की न्यायाधीश मीनाक्षी यादव ने पूर्व विधायक समेत उनके समर्थकों पर दर्ज मुकदमे में दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट का फैसला आने पर पूर्व विधायक ने इसे न्याय का जीत बताते हुए कहा कि सपा सरकार की दंडात्मक नीति के चलते उन पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया था।