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Raebareli News: 200 सड़कें बदहाल, हिचकोले खा रहे लोग
Tue, 11 Aug 2026 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 11 Aug 2026 12:52 AM IST
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बछरावां ब्लॉक क्षेत्र की बदहाल सड़क।
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रायबरेली। जिले में पिछले दिनों हुई बारिश से लगभग 200 सड़कें बदहाल हो गई हैं। इन सड़कों पर सफर करना दो लाख लोगों के लिए जोखिम भरा है। सड़कों की बदहाली ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस साल मरम्मत कराई गई सड़कों की दशा फिर जस की तस हो गई। खास बात ये है कि इसमें कई ऐसी सड़कें हैं, जिनकी हाल में ही मरम्मत कराई गई थी।
मरम्मत कार्य में मानक का ध्यान नहीं दिए जाने की वजह से सड़कें बदहाल हो गईं। खासकर बछरावां, महराजगंज, लालगंज, हलोर, सरेनी, खीरों ब्लॉक क्षेत्र में कई ऐसी सड़कें हैं, जिनकी दशा बेहद खराब है। कई सड़कें ऐसी हैं जिनकी दो व पांच साल से मरम्मत नहीं हुई है। आए दिन हादसे हो रहे हैं, बल्कि लोगों को सफर करना चुनौती भरा साबित हो रहा है। जिले में लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, मंडी परिषद, सिंचाई विभाग की सड़कें हैं। इन विभागों की ओर से इस साल पांच करोड़ रुपये की लागत से 600 से ज्यादा सड़कों की पैच मरम्मत कराई गई। विभागीय सूत्रों के मुताबिक सर्वे में अब तक 200 से ज्यादा सड़कें बदहाल मिली हैं।
गड्ढे में डाली गिट्टियां हो गईं बाहर
रायबरेली। भोजपुर कस्बे से दौलतपुर जाने वाले मार्ग की लंबाई पांच किमी है। मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। तीन महीने पहले गड्ढे भरने के लिए गिट्टियां डाली गईं। ऊपर से डामर डालकर कुटाई नहीं की गई। इससे गिट्टियां सड़क की पटरी पर लग गईं। गड्ढे फिर जस के तस हो गए। लोगों को आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण अवधेश यादव, बिरजू वर्मा बताते हैं कि कई दफा सड़क मरम्मत की मांग की गई, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
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पुलिया निर्माण के बाद धंस गई सड़क
रोहनिया। ऊंचाहार-सलोन संपर्क मार्ग का तीन साल पहले नवीनीकरण कराया गया। पटेरवा चौराहा के निकट दो माह पहले पुल का निर्माण कराया गया। इसके लिए सड़क खोदी गई। पुल बनने के बाद सड़क मरम्मत में लापरवाही बरती गई। ठीक से मिट्टी और गिट्टियों की कुटाई नहीं होने से पुल के पास सड़क धंस गई है। पटेरवा गांव के अनिरुद्ध ने बताया कि मार्ग से प्रतिदिन 10 हजार लोग आते-जाते हैं, जिन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गड्ढों में पानी भरने से होती है दिक्कत
बछरावां। लखनऊ-प्रयागराज हाईवे और बछरावां-महराजगंज को जोड़ने वाला मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है। गिटि्टयां उखड़ गई हैं। सड़क से प्रतिदिन 10 हजार लोग आते-जाते हैं। क्षेत्रीय सत्यदेव चौधरी, अंशू वर्मा बताते हैं कि बारिश का पानी गड्ढों में भर जाता है, जिससे निकलना दूभर हो जाता है।
गुणवत्ता और मरम्मत का अभाव
सड़कों की मरम्मत में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है। लालगंज के रामकेश, सरेनी के मदन तिवारी, खीरों के आशीष कुमार ने बताया कि थोड़ी सी बारिश में ही सड़कों का टूट जाना इसकी पोल खोलता है। सड़कों की नियमित मरम्मत नहीं कराई जाती है। जब सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो जाती है, तो अधिकारी इसका संज्ञान लेते हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है।
बारिश के बाद कराई जाएगी मरम्मत
बारिश में कई जगह पानी निकासी की सुविधा न होने पर जलभराव हो जाता है। इससे सड़कें खराब होती हैं। सर्वे कराया जा रहा है। प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। बजट मिलने पर सड़कें दुरुस्त होंगी।
- महिपाल सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण प्रांतीय खंड
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मरम्मत कार्य में मानक का ध्यान नहीं दिए जाने की वजह से सड़कें बदहाल हो गईं। खासकर बछरावां, महराजगंज, लालगंज, हलोर, सरेनी, खीरों ब्लॉक क्षेत्र में कई ऐसी सड़कें हैं, जिनकी दशा बेहद खराब है। कई सड़कें ऐसी हैं जिनकी दो व पांच साल से मरम्मत नहीं हुई है। आए दिन हादसे हो रहे हैं, बल्कि लोगों को सफर करना चुनौती भरा साबित हो रहा है। जिले में लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, मंडी परिषद, सिंचाई विभाग की सड़कें हैं। इन विभागों की ओर से इस साल पांच करोड़ रुपये की लागत से 600 से ज्यादा सड़कों की पैच मरम्मत कराई गई। विभागीय सूत्रों के मुताबिक सर्वे में अब तक 200 से ज्यादा सड़कें बदहाल मिली हैं।
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गड्ढे में डाली गिट्टियां हो गईं बाहर
रायबरेली। भोजपुर कस्बे से दौलतपुर जाने वाले मार्ग की लंबाई पांच किमी है। मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। तीन महीने पहले गड्ढे भरने के लिए गिट्टियां डाली गईं। ऊपर से डामर डालकर कुटाई नहीं की गई। इससे गिट्टियां सड़क की पटरी पर लग गईं। गड्ढे फिर जस के तस हो गए। लोगों को आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण अवधेश यादव, बिरजू वर्मा बताते हैं कि कई दफा सड़क मरम्मत की मांग की गई, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
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पुलिया निर्माण के बाद धंस गई सड़क
रोहनिया। ऊंचाहार-सलोन संपर्क मार्ग का तीन साल पहले नवीनीकरण कराया गया। पटेरवा चौराहा के निकट दो माह पहले पुल का निर्माण कराया गया। इसके लिए सड़क खोदी गई। पुल बनने के बाद सड़क मरम्मत में लापरवाही बरती गई। ठीक से मिट्टी और गिट्टियों की कुटाई नहीं होने से पुल के पास सड़क धंस गई है। पटेरवा गांव के अनिरुद्ध ने बताया कि मार्ग से प्रतिदिन 10 हजार लोग आते-जाते हैं, जिन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गड्ढों में पानी भरने से होती है दिक्कत
बछरावां। लखनऊ-प्रयागराज हाईवे और बछरावां-महराजगंज को जोड़ने वाला मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है। गिटि्टयां उखड़ गई हैं। सड़क से प्रतिदिन 10 हजार लोग आते-जाते हैं। क्षेत्रीय सत्यदेव चौधरी, अंशू वर्मा बताते हैं कि बारिश का पानी गड्ढों में भर जाता है, जिससे निकलना दूभर हो जाता है।
गुणवत्ता और मरम्मत का अभाव
सड़कों की मरम्मत में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है। लालगंज के रामकेश, सरेनी के मदन तिवारी, खीरों के आशीष कुमार ने बताया कि थोड़ी सी बारिश में ही सड़कों का टूट जाना इसकी पोल खोलता है। सड़कों की नियमित मरम्मत नहीं कराई जाती है। जब सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो जाती है, तो अधिकारी इसका संज्ञान लेते हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है।
बारिश के बाद कराई जाएगी मरम्मत
बारिश में कई जगह पानी निकासी की सुविधा न होने पर जलभराव हो जाता है। इससे सड़कें खराब होती हैं। सर्वे कराया जा रहा है। प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। बजट मिलने पर सड़कें दुरुस्त होंगी।
- महिपाल सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण प्रांतीय खंड

बछरावां ब्लॉक क्षेत्र की बदहाल सड़क।

बछरावां ब्लॉक क्षेत्र की बदहाल सड़क।