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Raebareli News: थाने से कैदी भागने के मामले में सिपाही दोषमुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 19 May 2026 01:44 AM IST
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रायबरेली। 10 साल पहले सरेनी थाने के लॉकप से भागे बंदी के मामले में सिपाही को बरी करने का फैसला आया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश अमोद कंठ ने मुकदमे में सुनवाई पूरी करते हुए सिपाही को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि थाने के बुनियादी ढांचे में कमी के कारण बंदी भागा था। ऐसे में सिपाही को दोषी नहीं माना जा सकता है।
घटना से 15 दिन पहले से बिजली नहीं थी। थाने में लैंप की रोशनी में काम किया गया। बाउंड्रीवाल टूटी थी। लॉकअप का शौचालय भी चोक था। सुरक्षा बंदोबस्त में कमी के कारण बंदी भागा था।
सरेनी पुलिस ने एक जनवरी 2016 को चोरी व अवैध शस्त्र के मामले में जय बहादुर को पकड़कर थाने में लॉकअप में बंद कर दिया था। रात में सिपाही संदीप कुमार पटेल की सुरक्षा में ड्यूटी थी। आरोपी मौका पाकर थाने से भाग गया था। मामले में सिपाही संदीप के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके विवेचना पूरी की गई थी।
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सिपाही के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश अमोद कंठ ने मुकदमे की सुनवाई पूरी की। सिपाही संदीप के खिलाफ आरोप तय नहीं हो सके। साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ कि थाने के बुनियादी ढांचे में कमी के कारण बंदी भागा था। इसमें सिपाही को दोषी नहीं माना जा सकता है।
मनोज ओझा
घटना से 15 दिन पहले से बिजली नहीं थी। थाने में लैंप की रोशनी में काम किया गया। बाउंड्रीवाल टूटी थी। लॉकअप का शौचालय भी चोक था। सुरक्षा बंदोबस्त में कमी के कारण बंदी भागा था।
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सरेनी पुलिस ने एक जनवरी 2016 को चोरी व अवैध शस्त्र के मामले में जय बहादुर को पकड़कर थाने में लॉकअप में बंद कर दिया था। रात में सिपाही संदीप कुमार पटेल की सुरक्षा में ड्यूटी थी। आरोपी मौका पाकर थाने से भाग गया था। मामले में सिपाही संदीप के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके विवेचना पूरी की गई थी।
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सिपाही के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश अमोद कंठ ने मुकदमे की सुनवाई पूरी की। सिपाही संदीप के खिलाफ आरोप तय नहीं हो सके। साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ कि थाने के बुनियादी ढांचे में कमी के कारण बंदी भागा था। इसमें सिपाही को दोषी नहीं माना जा सकता है।
मनोज ओझा