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Raebareli News: बुद्ध पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई डुबकी
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 02 May 2026 01:30 AM IST
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सरेनी के गेगासो घाट पर बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान करते श्रद्धालु। संवाद
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डलमऊ/सरेनी। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को गंगा तट डलमऊ पर लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। रायबरेली के साथ गैर जनपद से आए भक्तों ने गंगा मैया के जयकारों के साथ दान-पुण्य किया। मंदिरों व शिवालयों में जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
गंगा तट डलमऊ के एक दर्जन से अधिक घाटों पर लगभग एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। इनमें किला घाट, सड़क घाट, रानी शिवाला घाट, वीआईपी घाट, पक्का घाट, संकट मोचन घाट और पटवारी घाट प्रमुख रहे। श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और तीर्थ पुरोहितों को दान-दक्षिणा दी।
संस्कृत महाविद्यालय बड़ा मठ डलमऊ के स्वामी दिव्यानंद महाराज ने बताया कि बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था। उन्होंने बौद्ध धर्म की स्थापना कर समाज को जीवन उत्थान की शिक्षा दी।
सरेनी में शुक्रवार को गंगा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालु जुटने लगे। शिवपुरी, गेगासों व रालपुर घाट पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। लोगों ने संकटा देवी धाम व मुंडमालेश्वर मंदिर पहुंचकर अभिषेक किया। पुरोहितों को दान-दक्षिणा देकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
सभी घाटों पर पुलिस बल तैनात रहा, सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की गई। संकटा देवी मंदिर के पुरोहित संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि विगत वर्ष की भांति इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। कोतवाल रमेश चंद्र यादव ने बताया कि हर घाट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
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गंदगी के बीच करना पड़ा स्नान, लगा जाम
क्षेत्रीय प्रशासन की अनदेखी से अव्यवस्था का बोलबाला रहा। इस कारण श्रद्धालुओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। कस्बे की जर्जर सड़कों से लोगों को गंगातट तक पहुंचना पड़ा। वहीं गंगा तट पर गंदगी व्याप्त थी, नाले का पानी गंगा में गिर रहा था, जिससे श्रद्धालुओं को गंदगी के बीच स्नान करना पड़ा। मुराई बाग मुख्य चौराहे और संकरी गलियों में जाम लगने से लोग भीषण गर्मी में परेशान हुए। पुलिस की चौकसी कम होने और वाहनों का एंट्री जोन न बनाए जाने से जाम की समस्या उत्पन्न हुई।
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गंगा तट डलमऊ के एक दर्जन से अधिक घाटों पर लगभग एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। इनमें किला घाट, सड़क घाट, रानी शिवाला घाट, वीआईपी घाट, पक्का घाट, संकट मोचन घाट और पटवारी घाट प्रमुख रहे। श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और तीर्थ पुरोहितों को दान-दक्षिणा दी।
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संस्कृत महाविद्यालय बड़ा मठ डलमऊ के स्वामी दिव्यानंद महाराज ने बताया कि बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था। उन्होंने बौद्ध धर्म की स्थापना कर समाज को जीवन उत्थान की शिक्षा दी।
सरेनी में शुक्रवार को गंगा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालु जुटने लगे। शिवपुरी, गेगासों व रालपुर घाट पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। लोगों ने संकटा देवी धाम व मुंडमालेश्वर मंदिर पहुंचकर अभिषेक किया। पुरोहितों को दान-दक्षिणा देकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
सभी घाटों पर पुलिस बल तैनात रहा, सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की गई। संकटा देवी मंदिर के पुरोहित संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि विगत वर्ष की भांति इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। कोतवाल रमेश चंद्र यादव ने बताया कि हर घाट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
गंदगी के बीच करना पड़ा स्नान, लगा जाम
क्षेत्रीय प्रशासन की अनदेखी से अव्यवस्था का बोलबाला रहा। इस कारण श्रद्धालुओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। कस्बे की जर्जर सड़कों से लोगों को गंगातट तक पहुंचना पड़ा। वहीं गंगा तट पर गंदगी व्याप्त थी, नाले का पानी गंगा में गिर रहा था, जिससे श्रद्धालुओं को गंदगी के बीच स्नान करना पड़ा। मुराई बाग मुख्य चौराहे और संकरी गलियों में जाम लगने से लोग भीषण गर्मी में परेशान हुए। पुलिस की चौकसी कम होने और वाहनों का एंट्री जोन न बनाए जाने से जाम की समस्या उत्पन्न हुई।
