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Raebareli News: सुरंग से मिले मिट्टी के बर्तन
Thu, 30 Jul 2026 12:57 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Thu, 30 Jul 2026 12:57 AM IST
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ओई गांव में जमीन धंसने से हुए गड्ढे से मिले मिट्टी के प्राचीन बर्तन।
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हरचंदपुर। ओई गांव के एक खेत में जमीन धंसने से सुरंग जैसी संरचना मिली है। अब इसकी जांच में महत्वपूर्ण पुरातात्विक साक्ष्य मिले हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) लखनऊ मंडल की टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरंग के भीतर उतरकर निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्राचीन ईंटें, मिट्टी की सुराही, हैंडल वाली धूपदानी समेत कई पुरातात्विक अवशेष मिले हैं। इन अवशेषों के कुषाण काल के होने की संभावना जताई गई है।
सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार यादव ने बताया कि स्थल से मिले अवशेष ऐतिहासिक महत्व के प्रतीत हो रहे हैं। इनकी वास्तविक आयु और ऐतिहासिक महत्व का अंतिम निष्कर्ष विस्तृत वैज्ञानिक परीक्षण और रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजी जाएगी।
इस दौरान गांव निवासी अशोक प्रताप मौर्य के पास भी कई प्राचीन अवशेष मिले, जिन्हें उन्होंने वर्षों से सुरक्षित रखा था। एएसआई टीम ने इन अवशेषों का भी अवलोकन किया और आवश्यक जानकारी एकत्र की। अधिकारियों के अनुसार ये अवशेष भी प्रारंभिक रूप से प्राचीन काल के प्रतीत हो रहे हैं। इनके संबंध में अंतिम निष्कर्ष विस्तृत वैज्ञानिक जांच और रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
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ऐतिहासिक स्थल के रूप में दर्ज है ओई भीट
एएसआई अधिकारियों ने बताया कि ओई भीट पहले से ही पुरातत्व विभाग के अभिलेखों में एक ऐतिहासिक स्थल के रूप में दर्ज है। ऐसे में यहां मिले अवशेष इस क्षेत्र के प्राचीन इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकते हैं। बताते हैं कि पांच दिन पहले लगातार बारिश के बाद खेत में जमीन धंसने से सुरंग जैसी संरचना दिखाई दी थी। प्रशासन ने तत्काल क्षेत्र की बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था करा दी थी। डीएम ने मामले की जांच के लिए पुरातत्व विभाग को पत्र लिखा था। जिसके बाद पुरातत्व विभाग की टीम ने स्थलीय निरीक्षण कर साक्ष्यों को एकत्र कर रही है।
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सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार यादव ने बताया कि स्थल से मिले अवशेष ऐतिहासिक महत्व के प्रतीत हो रहे हैं। इनकी वास्तविक आयु और ऐतिहासिक महत्व का अंतिम निष्कर्ष विस्तृत वैज्ञानिक परीक्षण और रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजी जाएगी।
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इस दौरान गांव निवासी अशोक प्रताप मौर्य के पास भी कई प्राचीन अवशेष मिले, जिन्हें उन्होंने वर्षों से सुरक्षित रखा था। एएसआई टीम ने इन अवशेषों का भी अवलोकन किया और आवश्यक जानकारी एकत्र की। अधिकारियों के अनुसार ये अवशेष भी प्रारंभिक रूप से प्राचीन काल के प्रतीत हो रहे हैं। इनके संबंध में अंतिम निष्कर्ष विस्तृत वैज्ञानिक जांच और रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
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ऐतिहासिक स्थल के रूप में दर्ज है ओई भीट
एएसआई अधिकारियों ने बताया कि ओई भीट पहले से ही पुरातत्व विभाग के अभिलेखों में एक ऐतिहासिक स्थल के रूप में दर्ज है। ऐसे में यहां मिले अवशेष इस क्षेत्र के प्राचीन इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकते हैं। बताते हैं कि पांच दिन पहले लगातार बारिश के बाद खेत में जमीन धंसने से सुरंग जैसी संरचना दिखाई दी थी। प्रशासन ने तत्काल क्षेत्र की बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था करा दी थी। डीएम ने मामले की जांच के लिए पुरातत्व विभाग को पत्र लिखा था। जिसके बाद पुरातत्व विभाग की टीम ने स्थलीय निरीक्षण कर साक्ष्यों को एकत्र कर रही है।

ओई गांव में जमीन धंसने से हुए गड्ढे से मिले मिट्टी के प्राचीन बर्तन।