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Raebareli News: बारिश से उफनाई गंगा, सब्जी की फसलें डूबीं
Mon, 13 Jul 2026 02:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 13 Jul 2026 02:36 AM IST
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ऊंचाहार क्षेत्र के गोकना घाट पर गंगा का बढ़ता गंगा का जलस्तर।
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डलमऊ-ऊंचाहार। बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। इससे गंगा के रेत में बोई सब्जी की फसलें डूब गई हैं। ऊंचाहार के गोकना घाट की सीढि़यों तक पानी पहुंच गया है। पुरोहितों की ओर से रखी गई मेज व तखत के आसपास पानी भर गया है। इससे कटरी क्षेत्र के लोग सहमे हुए हैं।
पश्चिमी जिलों में हो रही बारिश के चलते गंगा नदी के जलस्तर बढ़ने की वजह माना जा रहा है। ऐसे में कटरी इलाके में रहने वाले लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर है। इसके सापेक्ष रविवार को गंगा नदी का जलस्तर 95.150 मीटर दर्ज किया गया है। बारिश के चलते जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है।
डलमऊ में सड़क घाट, वीआईपी घाट, किला घाट, रानी शिवाला घाट, पक्का घाट, संकटमोचन घाट, पथवारी घाट, शुक्ला घाट, महावीरन घाट की सीढि़यों तक पानी पहुंच रहा है। तीर्थ पुरोहितों के तखत व मेजों तक पानी भर गया है। कई पुरोहितों ने मेज व त तखत हटा लिए हैं।
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अचानक बारिश होने के कारण गंगा के रेत में बोई गई तोरई, कद्दू समेत अन्य सब्जी की फसलें डूब गई हैं। सोनू पंडा का कहना है कि फसलों के डूबने से किसानों को नुकसान हुआ है। लगातार गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने से कटरी क्षेत्र के अंबहा, बबुरा, जमालनगर मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, पूरे रेवती सिंह, चकमलिक भींटी गांवों के लोगों में दहशत है। कटरी इलाके में रहने वाले सुरेंद्र कुमार, सुनील कुमार ने बताया कि बारिश के चलते गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा है।
इसको लेकर हम लोग सतर्क हैं। बारिश ज्यादा हुई तो समस्या बढ़ेगी। डलमऊ तहसीलदार मंजरी सिंह का कहना है कि अभी बाढ़ जैसी कोई हालात नहीं है। गंगा नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। उधर, ऊंचाहार के गोकना घाट पर भी गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। पानी घाटों तक पहुंच गया है। तीर्थ पुरोहितों के तखत व मेज के आसपास पानी भरा है।
कई पुरोहितों ने तो तखत व मेज को हटा लिया है। तीर्थ पुरोहित जितेंद्र द्विवेदी ने बताया कि घाट पर जल लगातार बढ़ रहा है। हालांकि अभी ज्यादा कोई दिक्कत नहीं आ रही है। हालांकि इसी तरह गंगा नदी का जलस्तर बढ़ता रहा तो श्रद्धालुओं को घाट पर गंगा स्नान करने में परेशानी झेलनी पड़ेगी। उधर, एसडीएम ऊंचाहार विवेक राजपूत ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर की निगरानी कराई जा रही है।
हर बार बाढ़ की समस्या से परेशान होते हैं लोग
गंगा नदी के जलस्तर बढ़ने के कारण हर बार कटरी क्षेत्र में बाढ़ आती है। इससे कटरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिले के अलावा पश्चिमी जिलों में बारिश हो रही है। यही वजह है कि गंगा नदी का जलस्तर एकबारगी बढ़ गया है। कटरी क्षेत्र के रहने वाले दिनेश यादव, संतराम पासी, अर्जुन कुमार बताते हैं कि बाढ़ से हर बार फसल नुकसान होता है। खेत की मिट्टी बह जाती है। इसके बाद बावजूद मदद के नाम पर कुछ नहीं मिलता है। उधर, गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन की तरफ से क्षेत्रीय लेखपालों को सतर्क कर दिया गया है। उनसे नदी के जलस्तर पर नजर रखने के लिए कहा है।
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पश्चिमी जिलों में हो रही बारिश के चलते गंगा नदी के जलस्तर बढ़ने की वजह माना जा रहा है। ऐसे में कटरी इलाके में रहने वाले लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर है। इसके सापेक्ष रविवार को गंगा नदी का जलस्तर 95.150 मीटर दर्ज किया गया है। बारिश के चलते जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है।
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डलमऊ में सड़क घाट, वीआईपी घाट, किला घाट, रानी शिवाला घाट, पक्का घाट, संकटमोचन घाट, पथवारी घाट, शुक्ला घाट, महावीरन घाट की सीढि़यों तक पानी पहुंच रहा है। तीर्थ पुरोहितों के तखत व मेजों तक पानी भर गया है। कई पुरोहितों ने मेज व त तखत हटा लिए हैं।
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अचानक बारिश होने के कारण गंगा के रेत में बोई गई तोरई, कद्दू समेत अन्य सब्जी की फसलें डूब गई हैं। सोनू पंडा का कहना है कि फसलों के डूबने से किसानों को नुकसान हुआ है। लगातार गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने से कटरी क्षेत्र के अंबहा, बबुरा, जमालनगर मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, पूरे रेवती सिंह, चकमलिक भींटी गांवों के लोगों में दहशत है। कटरी इलाके में रहने वाले सुरेंद्र कुमार, सुनील कुमार ने बताया कि बारिश के चलते गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा है।
इसको लेकर हम लोग सतर्क हैं। बारिश ज्यादा हुई तो समस्या बढ़ेगी। डलमऊ तहसीलदार मंजरी सिंह का कहना है कि अभी बाढ़ जैसी कोई हालात नहीं है। गंगा नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। उधर, ऊंचाहार के गोकना घाट पर भी गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। पानी घाटों तक पहुंच गया है। तीर्थ पुरोहितों के तखत व मेज के आसपास पानी भरा है।
कई पुरोहितों ने तो तखत व मेज को हटा लिया है। तीर्थ पुरोहित जितेंद्र द्विवेदी ने बताया कि घाट पर जल लगातार बढ़ रहा है। हालांकि अभी ज्यादा कोई दिक्कत नहीं आ रही है। हालांकि इसी तरह गंगा नदी का जलस्तर बढ़ता रहा तो श्रद्धालुओं को घाट पर गंगा स्नान करने में परेशानी झेलनी पड़ेगी। उधर, एसडीएम ऊंचाहार विवेक राजपूत ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर की निगरानी कराई जा रही है।
हर बार बाढ़ की समस्या से परेशान होते हैं लोग
गंगा नदी के जलस्तर बढ़ने के कारण हर बार कटरी क्षेत्र में बाढ़ आती है। इससे कटरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिले के अलावा पश्चिमी जिलों में बारिश हो रही है। यही वजह है कि गंगा नदी का जलस्तर एकबारगी बढ़ गया है। कटरी क्षेत्र के रहने वाले दिनेश यादव, संतराम पासी, अर्जुन कुमार बताते हैं कि बाढ़ से हर बार फसल नुकसान होता है। खेत की मिट्टी बह जाती है। इसके बाद बावजूद मदद के नाम पर कुछ नहीं मिलता है। उधर, गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन की तरफ से क्षेत्रीय लेखपालों को सतर्क कर दिया गया है। उनसे नदी के जलस्तर पर नजर रखने के लिए कहा है।