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Raebareli News: गंगा का जलस्तर घटा, सिंचाई का संकट गहराया
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 16 Jun 2026 12:52 AM IST
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डलमऊ गंगा नदी में लगा पंप हाउस के पास घटा पानी का जलस्तर।
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रायबरेली। जिले की 435 नहरों में पानी की जगह धूल उड़ रही है। ऐसे में किसानों को सिंचाई की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इस समय धान की नर्सरी डालने का अनुकूल समय निकला जा रहा है, लेकिन पानी के अभाव में किसान नर्सरी नहीं डाल पा रहे हैं। यही नहीं उड़द, मूंग, ढैंचा, हरा चारा की फसलें भी सूख रही हैं। इसकी मुख्य वजह गंगा नदी में जलस्तर का कम होना और शारदा सहायक नहर में पानी का अभाव है।
जिले की नहरों को डलमऊ पंप कैनाल और शारदा सहायक नहर से पानी मिलता है। शारदा सहायक नहर में मरम्मत के कारण पानी रोका गया है। डलमऊ में पानी का जलस्तर कम होने से पंप कैनाल की मोटरें क्षमता से नहीं चल पा रही हैं। 10 पंप चलाने की बात कही है, लेकिन यह पंप भी क्षमता से नहीं पाते हैं। बीच-बीच में पंप पानी देना बंद कर देते हैं, जो पानी आता है, उसे एनटीपीसी के लिए छोड़ दिया जाता है। कैनाल से जुड़ी अन्य नहरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
30 करोड़ खर्च, शोपीस बने पंप
डलमऊ गंगा नदी में लगा पंप कैनाल में 20 मोटरें लगी हैं। 30 करोड़ रुपये की लागत से पुरानी मोटरों को बदलकर नई मोटरें लगाई गई हैं। कैनाल नहर की क्षमता 840 क्यूसेक है। इससे 80 से ज्यादा नहरों में पानी पहुंचता है। शेष नहरों में शारदा सहायक नहर से पानी पहुंचता है। गंगा का जलस्तर पंप हाउस से काफी दूर होने के कारण पंप क्षमता से नहीं चल पा रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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किसानों को पानी का इंतजार
दीनशाह गौरा क्षेत्र के बहादुरगंज निवासी संतराम यादव ने बताया कि परिवार चलाने का मुख्य जरिया खेती है। धान की नर्सरी डालने का उचित समय निकला जा रहा है। पानी के अभाव में अब तक धान की नर्सरी नहीं पड़ी है। किशोरी बालमपुर के समर बहादुर ने बताया कि पानी के अभाव में ढैंचा की फसल सूख रही है। जगतपुर निवासी विपुल त्रिवेदी ने बताया कि निजी नलकूप चालकों को 100 रुपये घंटे का किराया देकर सिंचाई करना मजबूरी है।
इस समय गंगा का जलस्तर काफी कम है। 10 पंप चलाने की मांग है। इसके हिसाब से पंप चलाने का प्रयास किया जा रहा है। गंगा का पानी पंप हाउस की तरफ लाने का प्रयास हो रहा है।
-आनंद कुमार, सहायक अभियंता सिंचाई खंड छह
जिले की नहरों को डलमऊ पंप कैनाल और शारदा सहायक नहर से पानी मिलता है। शारदा सहायक नहर में मरम्मत के कारण पानी रोका गया है। डलमऊ में पानी का जलस्तर कम होने से पंप कैनाल की मोटरें क्षमता से नहीं चल पा रही हैं। 10 पंप चलाने की बात कही है, लेकिन यह पंप भी क्षमता से नहीं पाते हैं। बीच-बीच में पंप पानी देना बंद कर देते हैं, जो पानी आता है, उसे एनटीपीसी के लिए छोड़ दिया जाता है। कैनाल से जुड़ी अन्य नहरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
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30 करोड़ खर्च, शोपीस बने पंप
डलमऊ गंगा नदी में लगा पंप कैनाल में 20 मोटरें लगी हैं। 30 करोड़ रुपये की लागत से पुरानी मोटरों को बदलकर नई मोटरें लगाई गई हैं। कैनाल नहर की क्षमता 840 क्यूसेक है। इससे 80 से ज्यादा नहरों में पानी पहुंचता है। शेष नहरों में शारदा सहायक नहर से पानी पहुंचता है। गंगा का जलस्तर पंप हाउस से काफी दूर होने के कारण पंप क्षमता से नहीं चल पा रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
किसानों को पानी का इंतजार
दीनशाह गौरा क्षेत्र के बहादुरगंज निवासी संतराम यादव ने बताया कि परिवार चलाने का मुख्य जरिया खेती है। धान की नर्सरी डालने का उचित समय निकला जा रहा है। पानी के अभाव में अब तक धान की नर्सरी नहीं पड़ी है। किशोरी बालमपुर के समर बहादुर ने बताया कि पानी के अभाव में ढैंचा की फसल सूख रही है। जगतपुर निवासी विपुल त्रिवेदी ने बताया कि निजी नलकूप चालकों को 100 रुपये घंटे का किराया देकर सिंचाई करना मजबूरी है।
इस समय गंगा का जलस्तर काफी कम है। 10 पंप चलाने की मांग है। इसके हिसाब से पंप चलाने का प्रयास किया जा रहा है। गंगा का पानी पंप हाउस की तरफ लाने का प्रयास हो रहा है।
-आनंद कुमार, सहायक अभियंता सिंचाई खंड छह