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Raebareli News: 100 गांवों में छह घंटे नहीं आई बिजली, परेशान हुए लोग
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 22 Jun 2026 01:36 AM IST
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उतरपारा उपकेंद्र से जुड़े गांव बाबा का पुरवा के पास झुके पोल में स्टेवायर लगाते कर्मचारी।
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रायबरेली। बढ़ती गर्मी के बीच जिले में केबल व ट्रांसफार्मर दगा देने लगे हैं। शनिवार शाम शहर में कहीं केबल फुंकने तो कहीं ट्रांसफार्मर में खराबी आने से लोगों को बिजली संकट झेलना पड़ा। विद्युत उपकेंद्र उतरपारा से जुड़े 100 गांवाें की करीब 50 हजार आबादी को छह घंटे तक बिजली की कटाैती से परेशान होना पड़ा। यहां एक खंभे को बदला जा रहा था।
भीषण गर्मी में बिजली की डिमांड लगातार बढ़ रही है। चार दिन पहले जिले में बिजली की मांग 325 मेगावाट थी। यह अब बढ़कर 330 मेगावाट पहुंच गई है। शनिवार रात शहर के तिकोना पार्क में लगे ट्रांसफार्मर में खराबी आ गई। इससे एक घंटे तब बिजली का संकट बना रहा। बिजली आपूर्ति शुरू हुई तो बस्तेपुर फीडर के केबल में जल गए। ट्रांसफार्मर में खराबी आने से सिविल लाइंस चौराहा, टेकारी कोठी, मनिका रोड, बरगद चौराहे के आसपास बिजली आपूर्ति गुल रही। किसी मोहल्ले की एक घंटे, तो कहीं पर डेढ़ घंटे बाद बिजली बहाल हो पाई।
उधर, ग्रामीण क्षेत्र में आने वाले विद्युत उपकेंद्र उतरपारा की 33 केवी लाइन का एक खंभा झुका था। इसे बदलने के लिए शनिवार शाम चार बजे बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी। छह घंटे बाद रात 10 बजे खंभा बदला जा सका और आपूर्ति बहाल हो सकी। इससे उपकेंद्र से जुड़े करीब 100 गांवों की 50 हजार आबादी को गर्मी में परेशान होना पड़ा।
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उपभोक्ता हरिकिशन यादव, गुड्डू, अमरजीत, अजय कुमार, उत्तम यादव ने बताया कि उपकेंद्र में आए दिन कोई न कोई खामी के चलते बिजली गुल रहती है। लोग घरों से बाहर बैठकर बिजली आने का इंतजार करते रहे। रविवार सुबह बाबा का पुरवा गांव के पास झुके पोल को ठीक करने में एक घंटे बिजली बंद रही।
घटिया क्वालिटी के केबल की खुल रही पोल
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में कई जगह एलटी और एचटी लाइन के केबल खींचे गए थे। यही केबल अब जल रहे हैं। सबसे ज्यादा समस्या एलटी लाइन में लगाए गए केबल में आ रही है। इससे केबल की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यही हाल 11 केवी लाइनों का भी रहा। जहां-जहां जर्जर तार बदलकर केबल लगाए गए हैं, वहां केबल जलने की शिकायतें ज्यादा आ रही हैं।
मांग बढ़ने पर बेपटरी हुई आपूर्ति व्यवस्था
गर्मी से निपटने के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने तैयारी तो बहुत पहले कर ली थी। ट्रांसफार्मर में तेल, ट्रांसफार्मर से निकली जर्जर केबल, चबूतरा, अर्थिंग समेत अन्य कार्य कराए गए, लेकिन मांग बढ़ने पर व्यवस्था चरमरा गई है। लाइनों में फॉल्ट के चलते 20 दिन में 200 से ज्यादा ट्रांसफार्मर खराब हो चुके हैं।
बेहतर आपूर्ति के लिए किए जा रहे प्रयास
बिजली की मांग बढ़ने पर कुछ जगह आपूर्ति में समस्या आ रही है। इसके बावजूद बेहतर बिजली आपूर्ति के प्रयास किए जा रहे हैं। लाइनों में आनी वाली फॉल्ट को जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
रविचंद्र श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता रायबरेली जोन
भीषण गर्मी में बिजली की डिमांड लगातार बढ़ रही है। चार दिन पहले जिले में बिजली की मांग 325 मेगावाट थी। यह अब बढ़कर 330 मेगावाट पहुंच गई है। शनिवार रात शहर के तिकोना पार्क में लगे ट्रांसफार्मर में खराबी आ गई। इससे एक घंटे तब बिजली का संकट बना रहा। बिजली आपूर्ति शुरू हुई तो बस्तेपुर फीडर के केबल में जल गए। ट्रांसफार्मर में खराबी आने से सिविल लाइंस चौराहा, टेकारी कोठी, मनिका रोड, बरगद चौराहे के आसपास बिजली आपूर्ति गुल रही। किसी मोहल्ले की एक घंटे, तो कहीं पर डेढ़ घंटे बाद बिजली बहाल हो पाई।
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उधर, ग्रामीण क्षेत्र में आने वाले विद्युत उपकेंद्र उतरपारा की 33 केवी लाइन का एक खंभा झुका था। इसे बदलने के लिए शनिवार शाम चार बजे बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी। छह घंटे बाद रात 10 बजे खंभा बदला जा सका और आपूर्ति बहाल हो सकी। इससे उपकेंद्र से जुड़े करीब 100 गांवों की 50 हजार आबादी को गर्मी में परेशान होना पड़ा।
उपभोक्ता हरिकिशन यादव, गुड्डू, अमरजीत, अजय कुमार, उत्तम यादव ने बताया कि उपकेंद्र में आए दिन कोई न कोई खामी के चलते बिजली गुल रहती है। लोग घरों से बाहर बैठकर बिजली आने का इंतजार करते रहे। रविवार सुबह बाबा का पुरवा गांव के पास झुके पोल को ठीक करने में एक घंटे बिजली बंद रही।
घटिया क्वालिटी के केबल की खुल रही पोल
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में कई जगह एलटी और एचटी लाइन के केबल खींचे गए थे। यही केबल अब जल रहे हैं। सबसे ज्यादा समस्या एलटी लाइन में लगाए गए केबल में आ रही है। इससे केबल की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यही हाल 11 केवी लाइनों का भी रहा। जहां-जहां जर्जर तार बदलकर केबल लगाए गए हैं, वहां केबल जलने की शिकायतें ज्यादा आ रही हैं।
मांग बढ़ने पर बेपटरी हुई आपूर्ति व्यवस्था
गर्मी से निपटने के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने तैयारी तो बहुत पहले कर ली थी। ट्रांसफार्मर में तेल, ट्रांसफार्मर से निकली जर्जर केबल, चबूतरा, अर्थिंग समेत अन्य कार्य कराए गए, लेकिन मांग बढ़ने पर व्यवस्था चरमरा गई है। लाइनों में फॉल्ट के चलते 20 दिन में 200 से ज्यादा ट्रांसफार्मर खराब हो चुके हैं।
बेहतर आपूर्ति के लिए किए जा रहे प्रयास
बिजली की मांग बढ़ने पर कुछ जगह आपूर्ति में समस्या आ रही है। इसके बावजूद बेहतर बिजली आपूर्ति के प्रयास किए जा रहे हैं। लाइनों में आनी वाली फॉल्ट को जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
रविचंद्र श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता रायबरेली जोन