{"_id":"6a57dad6294031743f0a2482","slug":"more-than-two-thirds-of-seats-in-colleges-are-vacant-raebareli-news-c-101-1-slko1034-162781-2026-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: महाविद्यालयों में दो तिहाई से ज्यादा सीटें खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: महाविद्यालयों में दो तिहाई से ज्यादा सीटें खाली
Thu, 16 Jul 2026 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Thu, 16 Jul 2026 12:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। उच्च शिक्षा संस्थानों में स्नातक की पढ़ाई के लिए दाखिले की रफ्तार बहुत धीमी है। यही वजह है कि जिले के महाविद्यालयों में दो तिहाई से ज्यादा सीटें खाली हैं। कुछ नामी डिग्री कॉलेजों को छोड़ दें तो ज्यादातर महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राएं नहीं पहुंच रहे हैं। सभी बोर्डों से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या करीब 30 हजार है, लेकिन स्नातक कक्षाओं में प्रवेश बहुत कम हो रहे हैं।
जिले में 70 से अधिक डिग्री कॉलेज संचालित हैं। दाखिलों की संख्या कम होने पर यह कहा जा रहा है कि अच्छी मेरिट वाले ज्यादातर विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए सीधे यूनिवर्सिटी या फिर बड़े नामी संस्थानों में प्रवेश के लिए जिले से बाहर चले जाते हैं। जब उन्हें प्रवेश नहीं मिलेगा तो जिले के महाविद्यालयों में दाखिले बढ़ेंगे। इसके लिए लखनऊ विश्वविद्यालय से पंजीकरण की समय सीमा बढ़नी जरूरी है।
फिरोज गांधी महाविद्यालय में कुल 1260 सीटों पर प्रवेश होने हैं। बीएससी और बीकॉम में लगभग 90 फीसदी से अधिक सीटें भर चुकी हैं। उप प्राचार्य प्रो. बीडी मिश्र का कहना है कि लखनऊ यूनिवर्सिटी से पंजीकरण की तिथि बढ़ाई जा सकती है। इससे रिक्त सीटों पर भी प्रवेश लेकर उन्हें भर लिया जाएगा। अमावां प्रतिनिधि के मुताबिक इंदिरा गांधी राजकीय महिला महाविद्यालय में बीए की 480 सीटें हैं, जिनमें से सिर्फ 40 सीटों पर ही प्रवेश हुए हैं।
विज्ञापन
हरचंदपुर प्रतिनिधि के मुताबिक महावीर डिग्री कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। बीएससी की 240 सीटों में 40 सीटें, बीए की 540 सीटों में 180 सीटें, बीकॉम की 120 सीटों में 50 सीटें रिक्त हैं। परास्नातक में 70 फीसदी सीटें खाली हैं। प्राचार्य डॉ. अनामिका सिंह ने बताया कि बिना किसी प्रवेश परीक्षा के सीधे दाखिला ले सकते हैं।
बैसवारा में बीएससी की तीन चौथाई सीटें खाली
लालगंज/सरेनी। बैसवारा पीजी कॉलेज में बीएससी में कुल 180 सीटें हैं, जिनमें से 40 सीटों पर ही प्रवेश हुए हैं। शेष सीटों पर आवेदन लिए जा रहे हैं। बीए की 840 सीटे हैं, जिनमें से सिर्फ 60 सीटों पर ही प्रवेश हो सके हैं। प्राचार्य प्रो. पुष्पा बरनवाल ने बताया कि एमए की हिंदी, संस्कृत, राजनीति शास्त्र, समाजशास्त्र, भूगोल, अंग्रेजी साहित्य में भी प्रवेश हो रहे हैं। बीएससी, बीए और एमए में 16 जुलाई तक आवेदन किए जा सकते हैं। कमला नेहरू पीजी कॉलेज तेजगांव में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। आचार्य सारिका गौतम ने बताया कि बीए में 600 सीटें तय हैं, जिनमें से 40 सीटों पर दाखिले हुए हैं। बीएससी की 120 सीटों में से 25 और एमए की 300 सीटों में से महज 10 सीटें ही भर सकी हैं। (संवाद)
समय सीमा बढ़े तो भरेंगी खाली सीटें
परशदेपुर/नसीराबाद। यदुकुल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन बारा में कुल 420 सीटों पर प्रवेश होने हैं, जिनमें से अभी तक महज 100 सीटें ही भर सकी हैं। प्राचार्य मो. खालिद ने बताया कि समय सीमा बढ़ने पर रिक्त सीटें भर जाएंगी। लालजी डिग्री काॅलेज एंड लॉ काॅलेज नया कोट बारा में 360 सीटें निर्धारित हैं, जिनमें से 295 सीटों पर दाखिले लेने का दावा किया गया है। राजाराम चेतना डिग्री कॉलेज चतुरपुर में नौ विषयों की 720 सीटें तय हैं। अब तक केवल 70 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिए हैं। प्राचार्य डॉ. आशुतोष पांडेय ने बताया कि रिक्त सीटों को देखते हुए यूनिवर्सिटी की ओर से दाखिले की समय सीमा बढ़ाई जा सकती है।
सतांव के पांच कॉलेजों में साढ़े चार हजार सीटें
सतांव। विकास क्षेत्र में पांच डिग्री कॉलेज संचालित हैं, जहां बीए की 3000, बीएससी की 1200 और बीकॉम की 240 सीटें तय हैं। प्रवेश की रफ्तार बहुत धीमी है। बाबू भीषम सिंह महाविद्यालय गोझरी में बीए की 780 सीटों में से 200 और बीएससी की 480 सीटों में से 240 प्रवेश हुए हैं। बाबू पं. रामेश्वर प्रसाद द्विवेदी महाविद्यालय जरिया में बीए की 720 में से 250, बीएससी की 480 में से 220 और बीकॉम की 120 सीटों में से सिर्फ 40 दाखिले हुए हैं। राना बेनी माधव बीर बीरा पासी महाविद्यालय पूरे बदई में बीए की 600 में से 200 और बीएससी की 240 सीटों में से 165 प्रवेश हुए हैं। राजेंद्र प्रसाद महाविद्यालय कोरिहर में बीए की 420 और आधारशिला कॉलेज अटौरा बुजुर्ग में बीए की 420 व बीकॉम की 120 सीटें हैं, लेकिन प्रवेश अभी शुरू नहीं हुए हैं।
विज्ञापन
जिले में 70 से अधिक डिग्री कॉलेज संचालित हैं। दाखिलों की संख्या कम होने पर यह कहा जा रहा है कि अच्छी मेरिट वाले ज्यादातर विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए सीधे यूनिवर्सिटी या फिर बड़े नामी संस्थानों में प्रवेश के लिए जिले से बाहर चले जाते हैं। जब उन्हें प्रवेश नहीं मिलेगा तो जिले के महाविद्यालयों में दाखिले बढ़ेंगे। इसके लिए लखनऊ विश्वविद्यालय से पंजीकरण की समय सीमा बढ़नी जरूरी है।
विज्ञापन
फिरोज गांधी महाविद्यालय में कुल 1260 सीटों पर प्रवेश होने हैं। बीएससी और बीकॉम में लगभग 90 फीसदी से अधिक सीटें भर चुकी हैं। उप प्राचार्य प्रो. बीडी मिश्र का कहना है कि लखनऊ यूनिवर्सिटी से पंजीकरण की तिथि बढ़ाई जा सकती है। इससे रिक्त सीटों पर भी प्रवेश लेकर उन्हें भर लिया जाएगा। अमावां प्रतिनिधि के मुताबिक इंदिरा गांधी राजकीय महिला महाविद्यालय में बीए की 480 सीटें हैं, जिनमें से सिर्फ 40 सीटों पर ही प्रवेश हुए हैं।
विज्ञापन
हरचंदपुर प्रतिनिधि के मुताबिक महावीर डिग्री कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। बीएससी की 240 सीटों में 40 सीटें, बीए की 540 सीटों में 180 सीटें, बीकॉम की 120 सीटों में 50 सीटें रिक्त हैं। परास्नातक में 70 फीसदी सीटें खाली हैं। प्राचार्य डॉ. अनामिका सिंह ने बताया कि बिना किसी प्रवेश परीक्षा के सीधे दाखिला ले सकते हैं।
बैसवारा में बीएससी की तीन चौथाई सीटें खाली
लालगंज/सरेनी। बैसवारा पीजी कॉलेज में बीएससी में कुल 180 सीटें हैं, जिनमें से 40 सीटों पर ही प्रवेश हुए हैं। शेष सीटों पर आवेदन लिए जा रहे हैं। बीए की 840 सीटे हैं, जिनमें से सिर्फ 60 सीटों पर ही प्रवेश हो सके हैं। प्राचार्य प्रो. पुष्पा बरनवाल ने बताया कि एमए की हिंदी, संस्कृत, राजनीति शास्त्र, समाजशास्त्र, भूगोल, अंग्रेजी साहित्य में भी प्रवेश हो रहे हैं। बीएससी, बीए और एमए में 16 जुलाई तक आवेदन किए जा सकते हैं। कमला नेहरू पीजी कॉलेज तेजगांव में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। आचार्य सारिका गौतम ने बताया कि बीए में 600 सीटें तय हैं, जिनमें से 40 सीटों पर दाखिले हुए हैं। बीएससी की 120 सीटों में से 25 और एमए की 300 सीटों में से महज 10 सीटें ही भर सकी हैं। (संवाद)
समय सीमा बढ़े तो भरेंगी खाली सीटें
परशदेपुर/नसीराबाद। यदुकुल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन बारा में कुल 420 सीटों पर प्रवेश होने हैं, जिनमें से अभी तक महज 100 सीटें ही भर सकी हैं। प्राचार्य मो. खालिद ने बताया कि समय सीमा बढ़ने पर रिक्त सीटें भर जाएंगी। लालजी डिग्री काॅलेज एंड लॉ काॅलेज नया कोट बारा में 360 सीटें निर्धारित हैं, जिनमें से 295 सीटों पर दाखिले लेने का दावा किया गया है। राजाराम चेतना डिग्री कॉलेज चतुरपुर में नौ विषयों की 720 सीटें तय हैं। अब तक केवल 70 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिए हैं। प्राचार्य डॉ. आशुतोष पांडेय ने बताया कि रिक्त सीटों को देखते हुए यूनिवर्सिटी की ओर से दाखिले की समय सीमा बढ़ाई जा सकती है।
सतांव के पांच कॉलेजों में साढ़े चार हजार सीटें
सतांव। विकास क्षेत्र में पांच डिग्री कॉलेज संचालित हैं, जहां बीए की 3000, बीएससी की 1200 और बीकॉम की 240 सीटें तय हैं। प्रवेश की रफ्तार बहुत धीमी है। बाबू भीषम सिंह महाविद्यालय गोझरी में बीए की 780 सीटों में से 200 और बीएससी की 480 सीटों में से 240 प्रवेश हुए हैं। बाबू पं. रामेश्वर प्रसाद द्विवेदी महाविद्यालय जरिया में बीए की 720 में से 250, बीएससी की 480 में से 220 और बीकॉम की 120 सीटों में से सिर्फ 40 दाखिले हुए हैं। राना बेनी माधव बीर बीरा पासी महाविद्यालय पूरे बदई में बीए की 600 में से 200 और बीएससी की 240 सीटों में से 165 प्रवेश हुए हैं। राजेंद्र प्रसाद महाविद्यालय कोरिहर में बीए की 420 और आधारशिला कॉलेज अटौरा बुजुर्ग में बीए की 420 व बीकॉम की 120 सीटें हैं, लेकिन प्रवेश अभी शुरू नहीं हुए हैं।