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Raebareli News: दवा विक्रेता कंपनी को नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Wed, 22 Apr 2026 01:35 AM IST
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रायबरेली। दर्द निवारक दवा बनाने वाले कंपनियों ने मनमानी की सारी हदें पार कर दी है। बाजार में बिक रही दर्द निवारण दवाओं के नाम पर मरीजों को ठगा जा रहा है। विधि विश्लेषक प्रयोगशाला की जांच में चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
दवा में पैरासीटामॉल और एसिक्लोफिनेक की मात्रा मानक के अनुरूप मिलाना ही भूल गए। दवा में बुखार और दर्द निवारण के तत्व बेहद कम पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद सोलन की दवा निर्माता कंपनी और विक्रेता को नोटिस दिया गया है। ड्रग इंस्पेक्टर ने एसीजेएम कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
ड्रग इंस्पेक्टर शीवेंद्र प्रताप सिंह ने जनवरी 2026 में शहर के एक मेडिकल स्टोर से बैच नंबर एमडीटी 4669 की श्रेयम-एसपी दवा का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। यह दवा दर्द निवारण के काम आती है। प्रयाेगशाला की रिपोर्ट आने के बाद दवा निर्माण की मनमानी का सच सामने आया है। इस दवा में 325 एमजी (मिलीग्राम) पैरासीटामॉल होने का दावा किया गया, लेकिन प्रयोगशाला की जांच में दवा में मात्र 90 एमजी पैरासीटामॉल मिली।
इसके अलावा दवा में 100 एमजी एसिक्लोफिनेक (दर्द निवारक) के स्थान पर जांच में मात्र 12 एमजी पाया गया। कंपनी ने दवा बनाने में जरूरी तत्वों को मिलाने में बड़ी लापरवाही की गई। जांच रिपोर्ट आने के बाद मायमा लाइफ साइन्सेस सोलन के साथ ही दवा विक्रेता को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
संबंधित बैच की दवा वापस करने के आदेश
प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने दुकानदारों को बैच नंबर एमडीटी 4669 की श्रेयम-एसपी दवा को संबंधित कंपनी को वापस करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने किसी भी हाल में दवा की बिक्री न करने के आदेश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान दुकानों पर दवा मिलने पर मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बेअसर होगी यह दवा: डॉ. गौरव
फिजीशियन डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि जिस भी दवा में मानक से बहुत कम तत्व मिले होंगे, वह दवा मरीजों के लिए बेअसर होगी। मरीजों को डबल डोज की दवा दी जाए, तो भी यह काम नहीं करेगी।
इनसेट
प्रयोगशाला की जांच में श्रेयम-एसपी का नमूना फेल आने के बाद निर्माता और विक्रेता को नोटिस देने के साथ ही एसीजेएम कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दवा में पैरासीटामॉल और एसिक्लोफिनेक की मात्रा बेहद कम मिली है।
शीवेंद्र प्रताप सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर रायबरेली
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दवा में पैरासीटामॉल और एसिक्लोफिनेक की मात्रा मानक के अनुरूप मिलाना ही भूल गए। दवा में बुखार और दर्द निवारण के तत्व बेहद कम पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद सोलन की दवा निर्माता कंपनी और विक्रेता को नोटिस दिया गया है। ड्रग इंस्पेक्टर ने एसीजेएम कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
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ड्रग इंस्पेक्टर शीवेंद्र प्रताप सिंह ने जनवरी 2026 में शहर के एक मेडिकल स्टोर से बैच नंबर एमडीटी 4669 की श्रेयम-एसपी दवा का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। यह दवा दर्द निवारण के काम आती है। प्रयाेगशाला की रिपोर्ट आने के बाद दवा निर्माण की मनमानी का सच सामने आया है। इस दवा में 325 एमजी (मिलीग्राम) पैरासीटामॉल होने का दावा किया गया, लेकिन प्रयोगशाला की जांच में दवा में मात्र 90 एमजी पैरासीटामॉल मिली।
इसके अलावा दवा में 100 एमजी एसिक्लोफिनेक (दर्द निवारक) के स्थान पर जांच में मात्र 12 एमजी पाया गया। कंपनी ने दवा बनाने में जरूरी तत्वों को मिलाने में बड़ी लापरवाही की गई। जांच रिपोर्ट आने के बाद मायमा लाइफ साइन्सेस सोलन के साथ ही दवा विक्रेता को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
संबंधित बैच की दवा वापस करने के आदेश
प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने दुकानदारों को बैच नंबर एमडीटी 4669 की श्रेयम-एसपी दवा को संबंधित कंपनी को वापस करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने किसी भी हाल में दवा की बिक्री न करने के आदेश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान दुकानों पर दवा मिलने पर मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बेअसर होगी यह दवा: डॉ. गौरव
फिजीशियन डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि जिस भी दवा में मानक से बहुत कम तत्व मिले होंगे, वह दवा मरीजों के लिए बेअसर होगी। मरीजों को डबल डोज की दवा दी जाए, तो भी यह काम नहीं करेगी।
इनसेट
प्रयोगशाला की जांच में श्रेयम-एसपी का नमूना फेल आने के बाद निर्माता और विक्रेता को नोटिस देने के साथ ही एसीजेएम कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दवा में पैरासीटामॉल और एसिक्लोफिनेक की मात्रा बेहद कम मिली है।
शीवेंद्र प्रताप सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर रायबरेली

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