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Raebareli News: राजकीय विद्यालयों की सुधरेगी हालत, सर्वे शुरू
Sat, 08 Aug 2026 01:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 08 Aug 2026 01:34 AM IST
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शहर के राजकीय इंटर कॉलेज के भवन के सामने परिसर में भरा पानी।
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रायबरेली। माध्यमिक शिक्षा विभाग से जिले में संचालित राजकीय विद्यालयों की हालत सुधारने का प्रयास शुरू हो गया है। अभी कोई बजट नहीं मिला है, लेकिन विद्यालयों में होने वाले कार्यों पर खर्च का आकलन कराया जा रहा है। दो एजेंसियां नामित की गई हैं, जो विद्यालयों में पता लगा रही है कि कहां क्या काम कराया जाना जरूरी है। दो वर्गों में कार्य निर्धारित किए गए हैं।
पहला मरम्मत तो दूसरा निर्माण कार्य के बारे में पता लगाना है। सभी विद्यालयों से कार्यों की सूची और उन पर होने वाले खर्च का ब्योरा संकलित होने के बाद बजट की डिमांड होगी। बजट मिलने पर सुधार कार्य कराया जाएगा। जिले में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की संख्या 46 है, जिनमें 43 विद्यालयों का सर्वे कराया जा रहा है।
सभी विद्यालयों का मुआयना कराने के साथ ही प्रधानाचार्यों से जानकारी जुटाई जा रही है कि क्या काम कराया जाना है। अनुरक्षण कार्य के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) को जिम्मेदारी सौंपी गई है, वहीं निर्माण संबंधी कार्यों का ब्योरा जुटाने का जिम्मा कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) को सौंपा गया है। विद्यालयों में मरम्मत कार्य, रंगाई-पुताई समेत अन्य छोटे कार्यों का ब्योरा जुटाकर उन पर आने वाले खर्च का आकलन कराया जा रहा है, वहीं निर्माण कार्यों के अंतर्गत बाउंड्रीवाॅल समेत अन्य बड़े कार्य शामिल हैं।
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प्रोजेक्ट अलंकार के तहत यह जानकारी जुटाई जा रही है। दोनों एजेंसियों की सर्वे और आकलन रिपोर्ट आने के बाद उन्हें संकलित किया जाएगा। आकलन रिपोर्ट से पता चल सकेगा कि किस विद्यालय में क्या काम कराना है और उन पर कितना खर्च आएगा। इसी हिसाब से विद्यालयवार बजट की डिमांड की जाएगी।
सर्वे और आकलन रिपोर्ट आने के बाद उन्हें जिला स्तर पर बनी चार सदस्यीय समिति के समक्ष प्रस्तुत करेंगे, जिसके अनुमोदन के बाद बजट की मांग करते हुए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। प्रभारी डीआईओएस शिव शंकर का कहना है कि प्रोजेक्ट अलंकार के तहत विद्यालयों में होने वाले कार्यों का आकलन कराया जा रहा है।
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पहला मरम्मत तो दूसरा निर्माण कार्य के बारे में पता लगाना है। सभी विद्यालयों से कार्यों की सूची और उन पर होने वाले खर्च का ब्योरा संकलित होने के बाद बजट की डिमांड होगी। बजट मिलने पर सुधार कार्य कराया जाएगा। जिले में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की संख्या 46 है, जिनमें 43 विद्यालयों का सर्वे कराया जा रहा है।
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सभी विद्यालयों का मुआयना कराने के साथ ही प्रधानाचार्यों से जानकारी जुटाई जा रही है कि क्या काम कराया जाना है। अनुरक्षण कार्य के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) को जिम्मेदारी सौंपी गई है, वहीं निर्माण संबंधी कार्यों का ब्योरा जुटाने का जिम्मा कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) को सौंपा गया है। विद्यालयों में मरम्मत कार्य, रंगाई-पुताई समेत अन्य छोटे कार्यों का ब्योरा जुटाकर उन पर आने वाले खर्च का आकलन कराया जा रहा है, वहीं निर्माण कार्यों के अंतर्गत बाउंड्रीवाॅल समेत अन्य बड़े कार्य शामिल हैं।
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प्रोजेक्ट अलंकार के तहत यह जानकारी जुटाई जा रही है। दोनों एजेंसियों की सर्वे और आकलन रिपोर्ट आने के बाद उन्हें संकलित किया जाएगा। आकलन रिपोर्ट से पता चल सकेगा कि किस विद्यालय में क्या काम कराना है और उन पर कितना खर्च आएगा। इसी हिसाब से विद्यालयवार बजट की डिमांड की जाएगी।
सर्वे और आकलन रिपोर्ट आने के बाद उन्हें जिला स्तर पर बनी चार सदस्यीय समिति के समक्ष प्रस्तुत करेंगे, जिसके अनुमोदन के बाद बजट की मांग करते हुए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। प्रभारी डीआईओएस शिव शंकर का कहना है कि प्रोजेक्ट अलंकार के तहत विद्यालयों में होने वाले कार्यों का आकलन कराया जा रहा है।