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Raebareli News: जांच शुरू होने से पहले ही मिल गई फाइल
Mon, 26 Oct 2026 02:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 26 Oct 2026 02:03 AM IST
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रायबरेली। नगर पालिका के राजस्व विभाग से गायब हुई दुकान की फाइल जांच शुरू होने से पहले ही मिल गई। ईओ स्वर्ण सिंह की फटकार के बाद संबंधित बाबू सुनील कुमार ने खोजबीन की तो फाइल मिल गई। इसे शिकायतकर्ता रमेशचंद्र मिश्रा को उपलब्ध भी करा दिया गया है। हालांकि, फाइल गायब होने के मामले में बाबू की भूमिका की जांच की जाएगी।
शहर के निराला नगर निवासी रमेशचंद्र मिश्रा ने डीएम से शिकायत की थी कि घंटाघर के पास उनकी कॉपी-किताब की दुकान है। दुकान से संबंधित मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए उन्हें दुकान की फाइल की प्रति चाहिए थी। इसके लिए वह नगर पालिका के राजस्व विभाग में संबंधित बाबू के पास गए थे। आरोप है कि फाइल की प्रति के लिए उन्हें 16 बार दौड़ाया गया। बाद में फाइल गायब होने की बात कहकर लौटा दिया गया।
डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ईओ को संबंधित बाबू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। अमर उजाला की संवाद न्यूज एजेंसी ने 15 अक्तूबर को ‘बुजुर्ग को 16 बार दौड़ाया, फिर कहा गुम हुई फाइल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद ईओ ने राजस्व विभाग के बाबू और पीड़ित के वार्ड लिपिक से स्पष्टीकरण मांगा था।
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प्रकरण की जांच के लिए कर निर्धारण अधिकारी ललितेश कुमार सक्सेना, कर अधीक्षक अनिरुद्ध सिंह और राजस्व निरीक्षक राहुल कुमार की टीम गठित की गई थी। टीम जांच शुरू करती, इससे पहले ही फाइल मिल गई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि बाबू ने दूसरे पक्ष को लाभ पहुंचाने के लिए जानबूझकर फाइल गायब की थी। हालांकि, इस आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। ईओ स्वर्ण सिंह ने फाइल मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि इसे पीड़ित को उपलब्ध करा दिया गया है।
फाइल मिलने पर रमेशचंद्र मिश्रा ने अमर उजाला का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अखबार ने उनकी समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद नगर पालिका के अधिकारी सक्रिय हुए।
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शहर के निराला नगर निवासी रमेशचंद्र मिश्रा ने डीएम से शिकायत की थी कि घंटाघर के पास उनकी कॉपी-किताब की दुकान है। दुकान से संबंधित मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए उन्हें दुकान की फाइल की प्रति चाहिए थी। इसके लिए वह नगर पालिका के राजस्व विभाग में संबंधित बाबू के पास गए थे। आरोप है कि फाइल की प्रति के लिए उन्हें 16 बार दौड़ाया गया। बाद में फाइल गायब होने की बात कहकर लौटा दिया गया।
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डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ईओ को संबंधित बाबू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। अमर उजाला की संवाद न्यूज एजेंसी ने 15 अक्तूबर को ‘बुजुर्ग को 16 बार दौड़ाया, फिर कहा गुम हुई फाइल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद ईओ ने राजस्व विभाग के बाबू और पीड़ित के वार्ड लिपिक से स्पष्टीकरण मांगा था।
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प्रकरण की जांच के लिए कर निर्धारण अधिकारी ललितेश कुमार सक्सेना, कर अधीक्षक अनिरुद्ध सिंह और राजस्व निरीक्षक राहुल कुमार की टीम गठित की गई थी। टीम जांच शुरू करती, इससे पहले ही फाइल मिल गई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि बाबू ने दूसरे पक्ष को लाभ पहुंचाने के लिए जानबूझकर फाइल गायब की थी। हालांकि, इस आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। ईओ स्वर्ण सिंह ने फाइल मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि इसे पीड़ित को उपलब्ध करा दिया गया है।
फाइल मिलने पर रमेशचंद्र मिश्रा ने अमर उजाला का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अखबार ने उनकी समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद नगर पालिका के अधिकारी सक्रिय हुए।