महराजगंज। जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर में नल लगाने का सपना पूरा होना नहीं दिख रहा है। कहीं टंकी अधूरी है, तो कहीं पाइप लाइन ध्वस्त हैं। ग्रामीणों को घरों के सामने लगाई गई टोटियों से पानी टपकने का इंतजार है। ऐसे में लोगों को हैंडपंपों को दूषित पानी पीना पड़ रहा है।
53 ग्राम पंचायतों में अधिकांश स्थानों पर टंकी का कार्य पूरा नहीं हो पाया है, जहां काम पूरा हो चुका है, वहां पाइप लाइन ध्वस्त है। बरहुवां ग्राम प्रधान सीता तिवारी ने बताया कि गांव में जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन तो बिछाई जा चुकी है। दो वर्ष से बनाई जा रही पानी की टंकी अभी भी अधूरी है। उन्होंने कई बार योजना पूरी करने की शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। इससे ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है।
सलेथू ग्राम प्रधान सुनीता साहू ने बताया कि जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन एक साल पहले डाली गई। टंकी अभी तक नहीं बनी। यह स्थिति जल जीवन मिशन के उद्देश्यों को बाधित कर रही है। ग्रामीण रामकुमार, शिवचरन, बिंदादीन ने बताया कि अधूरी परियोजनाओं के कारण उन्हें दूषित पानी पीना पड़ रहा है। गर्मियों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। फ्लोराइड युक्त पानी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, जिससे कई बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। अवर अभियंता शफीकुर्रहमान ने बताया कि योजना 2028 तक पूरा होना है। बजट की कमी के चलते काम धीमा है। बजट आने पर काम में तेजी आएगी। अधिकांश ग्राम पंचायतों में पानी पहुंच रहा है।