{"_id":"69e5378fa21fc9aeb505e3b6","slug":"1334-people-did-not-get-treatment-in-rampur-in-90-days-were-referred-rampur-news-c-282-1-rmp1027-169092-2026-04-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur News: 90 दिन में 1334 को रामपुर में नहीं मिला इलाज, किए गए रेफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur News: 90 दिन में 1334 को रामपुर में नहीं मिला इलाज, किए गए रेफर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Mon, 20 Apr 2026 01:44 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर। जिला अस्पताल में उपचार व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पिछले तीन महीनों में 1334 मरीजों को इलाज के बजाय हायर सेंटर रेफर किया गया है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी, आधुनिक उपकरणों का अभाव और सीमित संसाधन रेफर की मुख्य वजह बन रहे हैं। इमरजेंसी में आने वाले कई गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद ही मुरादाबाद, बरेली या अन्य बड़े अस्पतालों के लिए भेज दिया जाता है, जिससे समय पर इलाज न मिलने का खतरा बढ़ जाता है।
मरीजों के परिजनों का कहना है कि अस्पताल में बेहतर सुविधाओं का दावा किया जाता है, लेकिन अधिकांश गंभीर मामलों को बाहर भेजा जा रहा है। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता होने पर मरीजों को उच्च केंद्रों पर भेजना जरूरी होता है। (संवाद)
000
आंकड़े बताते हैं स्थिति गंभीर
रामपुर। पिछले तीन महीनों में औसतन प्रतिदिन 14 से 15 मरीजों को रेफर किया गया है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की सीमाओं को उजागर करता है। सबसे अधिक मरीज इमरजेंसी और गंभीर बीमारियों से जुड़े रहे।
0000
डॉक्टरों की कमी बनी बड़ी समस्या
जिला अस्पताल में चिकित्सकों के स्वीकृत 30 पदों के सापेक्ष केवल 12 पद ही भरे हैं, जबकि 18 पद लंबे समय से खाली हैं। डॉक्टरों की कमी के चलते गंभीर मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा और उन्हें हायर सेंटर भेजना पड़ रहा है। इससे इमरजेंसी सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है और मरीजों व तीमारदारों को भटकना पड़ रहा है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
जिला अस्पताल में आने वाले हर मरीज को इलाज दिया जाता है। जिन मरीजों की हालत गंभीर होती है, उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है ताकि मरीज को और बेहतर उपचार मिल सके। साथ अस्पताल में चिकित्सकों की मांग को लेकर भी शासन को पत्र भेजा गया है। -डॉ. बीसी सक्सेना, सीएमएस
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
तीन माह में रेफर मरीजों का आंकड़ा
माह - भर्ती मरीज - रेफर मरीज
जनवरी - 1956-- -- - 393
फरवरी - 2747-- -- - - 398
मार्च - 5744-- -- -- -- 543
कुल - 10447-- -- -- - 1334
Trending Videos
अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी, आधुनिक उपकरणों का अभाव और सीमित संसाधन रेफर की मुख्य वजह बन रहे हैं। इमरजेंसी में आने वाले कई गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद ही मुरादाबाद, बरेली या अन्य बड़े अस्पतालों के लिए भेज दिया जाता है, जिससे समय पर इलाज न मिलने का खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मरीजों के परिजनों का कहना है कि अस्पताल में बेहतर सुविधाओं का दावा किया जाता है, लेकिन अधिकांश गंभीर मामलों को बाहर भेजा जा रहा है। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता होने पर मरीजों को उच्च केंद्रों पर भेजना जरूरी होता है। (संवाद)
000
आंकड़े बताते हैं स्थिति गंभीर
रामपुर। पिछले तीन महीनों में औसतन प्रतिदिन 14 से 15 मरीजों को रेफर किया गया है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की सीमाओं को उजागर करता है। सबसे अधिक मरीज इमरजेंसी और गंभीर बीमारियों से जुड़े रहे।
0000
डॉक्टरों की कमी बनी बड़ी समस्या
जिला अस्पताल में चिकित्सकों के स्वीकृत 30 पदों के सापेक्ष केवल 12 पद ही भरे हैं, जबकि 18 पद लंबे समय से खाली हैं। डॉक्टरों की कमी के चलते गंभीर मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा और उन्हें हायर सेंटर भेजना पड़ रहा है। इससे इमरजेंसी सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है और मरीजों व तीमारदारों को भटकना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में आने वाले हर मरीज को इलाज दिया जाता है। जिन मरीजों की हालत गंभीर होती है, उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है ताकि मरीज को और बेहतर उपचार मिल सके। साथ अस्पताल में चिकित्सकों की मांग को लेकर भी शासन को पत्र भेजा गया है। -डॉ. बीसी सक्सेना, सीएमएस
तीन माह में रेफर मरीजों का आंकड़ा
माह - भर्ती मरीज - रेफर मरीज
जनवरी - 1956
फरवरी - 2747
मार्च - 5744
कुल - 10447
