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Rampur News: पासिंग आउट परेड में 590 महिला सिपाही पुलिस बल में शामिल

संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Updated Mon, 27 Apr 2026 01:26 AM IST
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590 women constables join police force in passing out parade
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रामपुर। पुलिस लाइन का परेड ग्राउंड रविवार को उस समय अनुशासन, साहस और समर्पण के संगम का साक्षी बना, जब दीक्षांत परेड समारोह में महिला रिक्रूट्स कदमताल करती नजर आईं। करीब नौ माह के कठोर प्रशिक्षण के बाद 590 महिला सिपाहियों ने परेड का प्रदर्शन कर अपनी दक्षता का परिचय दिया। मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल संयुक्त पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट लखनऊ अपर्णा कुमार ने परेड की सलामी ली और टोलियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला सिपाहियों से समाज सेवा का संकल्प लेने और देश सेवा में जुटने का आह्वान किया।
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समारोह का माहौल उत्सवमय रहा। आकर्षक वर्दी में सुसज्जित महिला रिक्रूट्स ने एक समान कदमताल के साथ परेड कर दर्शकों की तालियां बटोरीं। प्रशिक्षुओं की अनुशासित चाल, सटीक कमांड और समन्वय ने उनके प्रशिक्षण की प्रभावशीलता को दर्शाया।
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21 जुलाई 2025 से शुरू हुए प्रशिक्षण में महिला रिक्रूट्स को शारीरिक, मानसिक और व्यावहारिक रूप से पुलिस सेवा के लिए तैयार किया गया। प्रशिक्षण के दौरान कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम, ट्रैफिक प्रबंधन, मानवाधिकार और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर अभ्यास कराया गया।
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मुख्यमंत्री का संदेश, आधुनिक और संवेदनशील पुलिसिंग पर जोर
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन लाइव प्रसारित किया गया। उन्होंने कहा कि आज की पुलिस को तकनीकी रूप से दक्ष, संवेदनशील और अपराध के प्रति सख्त होना चाहिए। महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका को समाज में सुरक्षा और विश्वास बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया।
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उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मान
रामपुर। समारोह में प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स और प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया। बाह्य विषय में प्रथम स्थान रेणूका रानी ने प्राप्त किया। आंतरिक विषय में प्रथम स्थान अंजली चतुर्वेदी को मिला। सर्वांग सर्वोत्तम कैडेट का खिताब शिवानी ने हासिल किया।
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परेड कमांड आस्था को भी किया सम्मानित
रामपुर। समारोह में परेड की कमान संभालने वाली महिला सिपाहियों को भी सम्मानित किया गया। प्रथम स्थान आस्था, द्वितीय स्थान शारदा पांडेय और तृतीय स्थान कंचन ने हासिल किया। सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षक के रूप में निरीक्षक हरेंद्र सिंह, आईटीआई आरक्षी ब्रजेश कुमार, पीटीआई मुख्य आरक्षी जगराम सिंह, आरटीसी मेजर, आईटीआई पवन कुमार तथा उद्घोषक सुहैल खान को सम्मानित किया गया।
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शपथ के साथ नई जिम्मेदारी की शुरुआत
समारोह के अंतिम चरण में सभी महिला आरक्षियों को देश सेवा, संविधान के प्रति निष्ठा और जनसुरक्षा की शपथ दिलाई गई। शपथ के बाद टोलियों ने मार्च करते हुए प्रस्थान किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं के परिजन और स्थानीय लोग मौजूद रहे। परिजनों ने वर्दी में परेड करती बेटियों को देखकर गर्व और खुशी जताई।
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एसपी बोले, समाज की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालें
रामपुर। एसपी सोमेंद्र मीणा ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब वे समाज की सुरक्षा की अहम जिम्मेदारी संभालेंगी। संवाद
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प्रशिक्षण की खास बातें
कुल प्रशिक्षु: 590 महिला आरक्षी
प्रशिक्षण अवधि: लगभग 9 माह
प्रमुख विषय: कानून व्यवस्था, साइबर क्राइम, महिला सुरक्षा
दैनिक दिनचर्या: परेड, शारीरिक प्रशिक्षण, हथियार अभ्यास
उद्देश्य: अनुशासित, सक्षम और संवेदनशील पुलिस बल तैयार करना
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यह रहीं टॉपर्स
सर्वश्रेष्ठ कैडेट: शिवानी
बाह्य विषय टॉपर: रेणूका रानी
आंतरिक विषय टॉपर: अंजली चतुर्वेदी
परेड कमांडर (प्रथम): आस्था


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पिता के निधन के दो दिन बाद आस्था ने संभाली परेड की कमान

रामपुर। परेड कमांडर आस्था के पिता का दो दिन पहले ही निधन हो गया था। अभी वह निधन के सदमे से उबरी भी नहीं थीं कि कर्तव्य के पथ पर चलते हुए परेड की कमान संंभालनी पड़ी। पिता के निधन की दुखद सूचना किसी भी व्यक्ति के लिए गहरा आघात होता है, लेकिन आस्था ने अपने कर्तव्य से पीछे हटने के बजाय उसे निभाने का कठिन निर्णय लिया। अगले दिन जब वह परेड ग्राउंड पर कमांडर की भूमिका में नजर आईं, तो उनके चेहरे पर दृढ़ता और अनुशासन साफ झलक रहा था। उन्होंने पूरी परेड को बखूबी संचालित किया और जब सलामी दी, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। यह क्षण केवल एक सैन्य अनुशासन का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि यह उस जज्बे का प्रतीक था, जिसमें कर्तव्य को व्यक्तिगत भावनाओं से ऊपर रखा जाता है। आस्था की कहानी ने इस पूरे आयोजन को एक अलग ही ऊंचाई प्रदान की। उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा ने यह संदेश दिया कि विपरीत परिस्थितियों में भी अगर मनोबल मजबूत हो, तो किसी भी जिम्मेदारी को निभाया जा सकता है। उनका यह कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बन गया है, जो यह सिखाता है कि सच्ची सेवा भावना वही है, जिसमें व्यक्ति अपने व्यक्तिगत दुखों को पीछे छोड़कर अपने कर्तव्य को प्राथमिकता देता है। संवाद

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खिलाई मिठाई, कैडेट ने मां को पहनाई टोपी
रामपुर। पासिंग आउट परेड के बाद महिला सिपाहियों को उनके परिजनों ने मिठाई खिलाई। इसके साथ ही कैडेट्स ने अपनी मां को यूपी पुलिस की टोपी पहनाई तो उनके परिवार के लोगों की आंखें नम हो गईं। संवाद
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