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Rampur News: टायर गलाने की फैक्टरी में बॉयलर से निकली तेज भाप, चार मजदूर झुलसे
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मिलक के ऐंजनखेड़ा का मामला, मौके पर पहुंचे अधिकारी, प्रशासन कर रहा फैक्टरी के प्रपत्रों की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
मिलक। पुराने टायर गलाने की फैक्टरी में बॉयलर से निकली तेज भाप से चार मजदूर गंभीर गंभीर रूप से झुलस गए। फैक्टरी में कार्य कर रहे अन्य कर्मियों ने चारों मजदूरों को एंबुलेंस की मदद से नगर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद चारों मजदूरों को हायर सेंटर रेफर कर दिया। फैक्टरी कर्मी सभी घायल मजदूरों को बरेली स्थित निजी अस्पताल ले गए।
घटना बृहस्पतिवार को क्षेत्र के ऐंजनखेड़ा गांव में हुई। फैक्टरी में पुराने टायर गलाकर उनका तेल और उसमें से लोहे के पतले तारों को निकालने का काम होता है। फैक्टरी में कार्य कर रहे मजदूरों ने बताया कि जब मजदूर बॉयलर का गेट खोल रहे थे तभी गर्म भाप तेजी से निकली, जिसमें चार मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए।
हादसे के बाद चीख पुकार मच गई। सूचना पाकर दो एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और सभी घायलों को नगर के सरकारी अस्पताल लाया गया, जहां से डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद थाना शहजादनगर के दीनपुर निवासी श्याम, जिला बरेली के थाना अलीगंज के ग्राम खटेटा निवासी बिल्लू व बुद्धसेन एवं जिला कासगंज के थाना धौलाना के ग्राम मेहरुपुर निवासी लल्लू को हायर सेंटर रेफर कर दिया।
फैक्टरी कर्मी झुलसे मजदूरों को बरेली के निजी अस्पताल ले गए। घटना की सूचना पर नायब तहसीलदार अंकित अवस्थी, कानूनगो रामप्रसाद, लेखपाल अमरजीत और पुलिस भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।
फैक्टरी में हजारों की संख्या में पुराने और कटे-फटे टायर मौजूद थे। फैक्टरी में कार्य कर रहे अन्य मजदूरों ने बताया कि फैक्टरी में टायरों को गलाकर उनका तेल निकाला जाता है जो सड़क निर्माण आदि कार्यों में प्रयोग होता है। वहीं टायरों से पुरानी लोहे के तारों को भी निकाला जाता है।
सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर बासित अली ने बताया कि दो मजदूर लगभग 40 प्रतिशत झुलस गए, बाकी दो मजदूर 10 से 15 प्रतिशत झुलसे हैं।
नायब तहसीलदार अंकित अवस्थी ने बताया कि फैक्टरी में बॉयलर खोलते समय तेज भाप के प्रेशर से चार मजदूर झुलस गए। सभी घायलों के हायर सेंटर रेफर कर दिया गया हैं। फैक्टरी के मानक एवं प्रपत्रों की जांच की जाएगी जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
___________
फैक्टरी में आग से बचाव के लिए नहीं हैं इंतजाम
मिलक क्षेत्र के ग्राम ऐंजनखेड़ा में लगभग एक वर्ष से चल रही पुराने टायरों की फैक्टरी में आग से बचाव को कोई इंतजाम नहीं दिखाई दिए। न ही कोई अग्निशमन यंत्र उपलब्ध था और न ही कहीं पानी का स्टोर था। फैक्टरी के गेट पर फैक्टरी का नाम भी नहीं लिखा था। रजिस्ट्रेशन नंबर, लाइसेंस नंबर और जीएसटी नंबर भी नहीं लिखे थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मिलक। पुराने टायर गलाने की फैक्टरी में बॉयलर से निकली तेज भाप से चार मजदूर गंभीर गंभीर रूप से झुलस गए। फैक्टरी में कार्य कर रहे अन्य कर्मियों ने चारों मजदूरों को एंबुलेंस की मदद से नगर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद चारों मजदूरों को हायर सेंटर रेफर कर दिया। फैक्टरी कर्मी सभी घायल मजदूरों को बरेली स्थित निजी अस्पताल ले गए।
घटना बृहस्पतिवार को क्षेत्र के ऐंजनखेड़ा गांव में हुई। फैक्टरी में पुराने टायर गलाकर उनका तेल और उसमें से लोहे के पतले तारों को निकालने का काम होता है। फैक्टरी में कार्य कर रहे मजदूरों ने बताया कि जब मजदूर बॉयलर का गेट खोल रहे थे तभी गर्म भाप तेजी से निकली, जिसमें चार मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए।
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हादसे के बाद चीख पुकार मच गई। सूचना पाकर दो एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और सभी घायलों को नगर के सरकारी अस्पताल लाया गया, जहां से डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद थाना शहजादनगर के दीनपुर निवासी श्याम, जिला बरेली के थाना अलीगंज के ग्राम खटेटा निवासी बिल्लू व बुद्धसेन एवं जिला कासगंज के थाना धौलाना के ग्राम मेहरुपुर निवासी लल्लू को हायर सेंटर रेफर कर दिया।
फैक्टरी कर्मी झुलसे मजदूरों को बरेली के निजी अस्पताल ले गए। घटना की सूचना पर नायब तहसीलदार अंकित अवस्थी, कानूनगो रामप्रसाद, लेखपाल अमरजीत और पुलिस भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।
फैक्टरी में हजारों की संख्या में पुराने और कटे-फटे टायर मौजूद थे। फैक्टरी में कार्य कर रहे अन्य मजदूरों ने बताया कि फैक्टरी में टायरों को गलाकर उनका तेल निकाला जाता है जो सड़क निर्माण आदि कार्यों में प्रयोग होता है। वहीं टायरों से पुरानी लोहे के तारों को भी निकाला जाता है।
सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर बासित अली ने बताया कि दो मजदूर लगभग 40 प्रतिशत झुलस गए, बाकी दो मजदूर 10 से 15 प्रतिशत झुलसे हैं।
नायब तहसीलदार अंकित अवस्थी ने बताया कि फैक्टरी में बॉयलर खोलते समय तेज भाप के प्रेशर से चार मजदूर झुलस गए। सभी घायलों के हायर सेंटर रेफर कर दिया गया हैं। फैक्टरी के मानक एवं प्रपत्रों की जांच की जाएगी जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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फैक्टरी में आग से बचाव के लिए नहीं हैं इंतजाम
मिलक क्षेत्र के ग्राम ऐंजनखेड़ा में लगभग एक वर्ष से चल रही पुराने टायरों की फैक्टरी में आग से बचाव को कोई इंतजाम नहीं दिखाई दिए। न ही कोई अग्निशमन यंत्र उपलब्ध था और न ही कहीं पानी का स्टोर था। फैक्टरी के गेट पर फैक्टरी का नाम भी नहीं लिखा था। रजिस्ट्रेशन नंबर, लाइसेंस नंबर और जीएसटी नंबर भी नहीं लिखे थे।