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Rampur News: अजरबैजान के राजदूत ने किया रजा लाइब्रेरी का दौरा
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Fri, 05 Jun 2026 12:45 AM IST
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रामपुर। अजरबैजान गणराज्य के राजदूत एल्चिन हुसेन अली ने बृहस्पतिवार को रजा लाइब्रेरी का दौरा किया। इस दौरान पुस्तकालय के निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र के साथ सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में भारत और अजरबैजान के बीच सांस्कृतिक संवाद, अकादमिक आदान-प्रदान तथा पारस्परिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
राजदूत के साथ इंडिया सेंट्रल एशिया फाउंडेशन के निदेशक प्रो. डॉ. रमाकांत द्विवेदी तथा उनकी निजी सहायक शिखा तिवारी भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत गांधी समाधि पर राजदूत के स्वागत और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित करने से हुई।
रजा लाइब्रेरी पहुंचने पर निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र ने राजदूत को विभिन्न चित्रकलाएं भेंट कीं। बैठक के दौरान उन्होंने लाइब्रेरी के गौरवशाली इतिहास, दुर्लभ पांडुलिपियों, संरक्षण प्रयोगशाला, डिजिटलीकरण और शोध परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ रजा लाइब्रेरी को देश के सर्वश्रेष्ठ संरक्षित पुस्तकालयों में शामिल करते हैं। इसे “पुस्तकों का ताजमहल” तथा विश्व की आठवीं सबसे सुंदर पुस्तकालय के रूप में भी पहचान मिली है।
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राजदूत एल्चिन हुसेन अली ने डॉ. पुष्कर मिश्र को अजरबैजान आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि रजा लाइब्रेरी का भ्रमण उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव रहा। यहां संरक्षित विश्वस्तरीय सांस्कृतिक धरोहरें और उनका पेशेवर संरक्षण भारत की समृद्ध विरासत को दर्शाता है। उन्होंने भारत और अजरबैजान के बीच शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाने की इच्छा व्यक्त करते हुए पुस्तकालय के कार्यों की सराहना की।
प्रो. डॉ. रमाकांत द्विवेदी ने कहा कि यह बैठक दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक कूटनीति और ज्ञान-विनिमय को नई दिशा देने वाली साबित होगी।बैठक के बाद राजदूत ने पुस्तकालय में संरक्षित हस्तलिखित पवित्र कुरान तथा रागमाला एल्बम सहित अनेक दुर्लभ पांडुलिपियों का अवलोकन किया।
राजदूत के साथ इंडिया सेंट्रल एशिया फाउंडेशन के निदेशक प्रो. डॉ. रमाकांत द्विवेदी तथा उनकी निजी सहायक शिखा तिवारी भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत गांधी समाधि पर राजदूत के स्वागत और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित करने से हुई।
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रजा लाइब्रेरी पहुंचने पर निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र ने राजदूत को विभिन्न चित्रकलाएं भेंट कीं। बैठक के दौरान उन्होंने लाइब्रेरी के गौरवशाली इतिहास, दुर्लभ पांडुलिपियों, संरक्षण प्रयोगशाला, डिजिटलीकरण और शोध परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ रजा लाइब्रेरी को देश के सर्वश्रेष्ठ संरक्षित पुस्तकालयों में शामिल करते हैं। इसे “पुस्तकों का ताजमहल” तथा विश्व की आठवीं सबसे सुंदर पुस्तकालय के रूप में भी पहचान मिली है।
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प्रो. डॉ. रमाकांत द्विवेदी ने कहा कि यह बैठक दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक कूटनीति और ज्ञान-विनिमय को नई दिशा देने वाली साबित होगी।बैठक के बाद राजदूत ने पुस्तकालय में संरक्षित हस्तलिखित पवित्र कुरान तथा रागमाला एल्बम सहित अनेक दुर्लभ पांडुलिपियों का अवलोकन किया।