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Rampur News: टीजीटी परीक्षा के दूसरे दिन ट्रेनों की भीड़ और देरी से परीक्षार्थी परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Fri, 05 Jun 2026 12:43 AM IST
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रामपुर। टीजीटी परीक्षा के दूसरे दिन परीक्षार्थियों की आवाजाही के कारण नियमित ट्रेनों पर दबाव बढ़ गया। सीट पाने के लिए कोचों में होड़ मची रही। परीक्षा समाप्त होने के बाद भी बड़ी संख्या में परीक्षार्थी ट्रेनों का इंतजार करते दिखाई दिए। सुबह से छह ट्रेनें देरी से स्टेशन पहुंचीं।
बृहस्पतिवार को दो दिवसीय परीक्षा समाप्त हुई। सुबह से ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच यात्रियों को लंबे समय तक ट्रेनों का इंतजार करना पड़ा। ट्रेनों में इतनी भीड़ थी कि पैर रखने तक की जगह नहीं थी।
दोपहर में परीक्षा समाप्त होने के बाद बरेली जाने के लिए परीक्षार्थियों को ट्रेन नहीं मिली। काशी विश्वनाथ ट्रेन 17 मिनट, दून एक्सप्रेस 46 मिनट, नौचंदी एक्सप्रेस 1 घंटा 40 मिनट, सत्याग्रह एक्सप्रेस 23 मिनट और जनसेवा एक्सप्रेस 58 मिनट की देरी से पहुंची। इससे परीक्षार्थियों को काफी इंतजार करना पड़ा।
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परीक्षा से ज्यादा तो सफर का इम्तिहान था। यहां तक ट्रेनों में जिस तरह से पहुंचे हैं, वह देखने वाला था। गर्मी के बीच सीट नहीं मिल सकी। पूरा रास्ता खड़े होकर रामपुर पहुंचे हैं। -शैलेंद्र कुमार
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पेपर तो हो गया, लेकिन अभी तक ट्रेन नहीं आ सकी है। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस ट्रेन लेट है, जिसका इंतजार कर रहे हैं। इससे पहले ट्रेन नहीं थी, इसलिए इंतजार कर रहे हैं। -चंद्र प्रकाश
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परीक्षा के बाद अब वापस स्टेशन पहुंचे हैं। इस स्टेशन पर ट्रेनें कम हैं। अब तीन बजे काशी विश्वनाथ आती है, उसका इंतजार हो रहा है। वह भी देर है। बरेली तक जाना है। -विजय कुमार
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ट्रेनों की काफी ज्यादा लेटलतीफी हो रही है। परीक्षा के दिन तो समय पर चलना चाहिए। बच्चों के भविष्य का सवाल होता है, लेकिन ट्रेनें काफी लेट हैं। काफी लोग बसों से निकल गए। -आशीष कुमार
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वर्जन-
दूसरे दिन टीजीटी की परीक्षा हुई थी, जिससे नियमित ट्रेनों से परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे। ट्रेनों के लेट होने से परीक्षार्थियों को थोड़ी दिक्कत हुई होगी। -मो. आजम, स्टेशन अधीक्षक, रामपुर
बृहस्पतिवार को दो दिवसीय परीक्षा समाप्त हुई। सुबह से ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच यात्रियों को लंबे समय तक ट्रेनों का इंतजार करना पड़ा। ट्रेनों में इतनी भीड़ थी कि पैर रखने तक की जगह नहीं थी।
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दोपहर में परीक्षा समाप्त होने के बाद बरेली जाने के लिए परीक्षार्थियों को ट्रेन नहीं मिली। काशी विश्वनाथ ट्रेन 17 मिनट, दून एक्सप्रेस 46 मिनट, नौचंदी एक्सप्रेस 1 घंटा 40 मिनट, सत्याग्रह एक्सप्रेस 23 मिनट और जनसेवा एक्सप्रेस 58 मिनट की देरी से पहुंची। इससे परीक्षार्थियों को काफी इंतजार करना पड़ा।
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परीक्षा से ज्यादा तो सफर का इम्तिहान था। यहां तक ट्रेनों में जिस तरह से पहुंचे हैं, वह देखने वाला था। गर्मी के बीच सीट नहीं मिल सकी। पूरा रास्ता खड़े होकर रामपुर पहुंचे हैं। -शैलेंद्र कुमार
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पेपर तो हो गया, लेकिन अभी तक ट्रेन नहीं आ सकी है। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस ट्रेन लेट है, जिसका इंतजार कर रहे हैं। इससे पहले ट्रेन नहीं थी, इसलिए इंतजार कर रहे हैं। -चंद्र प्रकाश
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परीक्षा के बाद अब वापस स्टेशन पहुंचे हैं। इस स्टेशन पर ट्रेनें कम हैं। अब तीन बजे काशी विश्वनाथ आती है, उसका इंतजार हो रहा है। वह भी देर है। बरेली तक जाना है। -विजय कुमार
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ट्रेनों की काफी ज्यादा लेटलतीफी हो रही है। परीक्षा के दिन तो समय पर चलना चाहिए। बच्चों के भविष्य का सवाल होता है, लेकिन ट्रेनें काफी लेट हैं। काफी लोग बसों से निकल गए। -आशीष कुमार
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वर्जन-
दूसरे दिन टीजीटी की परीक्षा हुई थी, जिससे नियमित ट्रेनों से परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे। ट्रेनों के लेट होने से परीक्षार्थियों को थोड़ी दिक्कत हुई होगी। -मो. आजम, स्टेशन अधीक्षक, रामपुर