फारुख हत्याकांड: रामपुर में साथी की हत्या से वकीलों में भारी आक्रोश, एसपी ने सिविल लाइंस के थानेदार को हटाया
साथी की हत्या से भड़के वकील हड़ताल पर चले गए हैं। उन्होंने सोमवार को पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस बीच एसपी ने सिविल लाइंस के थानेदार को हटा दिया है।
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साथी फारुख अहमद की जिला पंचायत दफ्तर में हत्या के खिलाफ अधिवक्ताओं का गुस्सा थम नहीं रहा है। आक्रोशित अधिवक्ता सोमवार को भी हड़ताल पर हैं। बार की ओर से पूर्व घोषित हाईवे पर जाम लगाने के मुद्दे पर पहले बैठक करके मंथन होगा। बैठक में तय होगा कि जाम लगाया जाए या नहीं।
इस बीच एसपी विद्यासागर मिश्र ने सिविल लाइंस के थानेदार संजीव कुमार को हटा कर स्वार थाने का प्रभारी बनाया है। अधिवक्ता फारुख अहमद की हत्या के बाद से वकील आंदोलित हैं। पिछले तीन दिन से लगातार हड़ताल की जा रही है। शुक्रवार को भी वकीलों ने आंबेडकर पार्क के सामने जाम लगाकर छह घंटे तक धरना दिया था।
धरने के दौरान तहरीर के मुताबिक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, मुख्य आरोपी जिला पंचायत कर्मी असगर अली की संपत्ति की जांच, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस पर कार्रवाई की मांग उठाई थी। साथ ही जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को सह आरोपी बताते हुए गिरफ्तारी की मांग और पीड़ित परिवार को पांच करोड़ रुपये की आर्थिक मदद पर जोर दिया था।
धरने के दौरान इंस्पेक्टर सिविल लाइंस के खिलाफ कार्रवाई न होने पर सोमवार को हाईवे के जीरो प्वाइंट पर धरना देकर प्रदर्शन करने की घोषणा की गई थी। अब अधिवक्ताओं ने सोमवार को भी हड़ताल पर रहने का एलान किया है। कहा है कि सभी मांगें पूरी नहीं हुईं आंदोलन तेज किया जाएगा।
बार की ओर से सोमवार की सुबह मीटिंग की जाएगी, जिसमें हाईवे पर जाम लगाने या न लगाने के मुद्दे पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। आगामी आंदोलन पर भी विचार किया जाएगा।
बरेली जाकर एडीजी से भी मिले थे वकील
सिविल लाइंस इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई कराने समेत अन्य मांगों को लेकर अधिवक्ताओं का शिष्टमंडल एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा से भी मिल चुका है। अधिवक्ताओं ने बताया कि वहां से आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
आरोपी जिला पंचायत कर्मी को जेल भेज चुकी है पुलिस
इस मामले में आरोपी जिला पंचायत कर्मी असगर अली को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया था। उसका मुरादाबाद में इलाज चल रहा था। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। अब जेल के अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
अधिवक्ता फारुख अहमद की हत्या के मामले में अभी कई मांगें पूरी नहीं हुई हैं। लिहाजा सोमवार को भी वकील हड़ताल पर रहेंगे। बार की ओर से मीटिंग बुलाई गई है। इस मीटिंग में तय होगा कि हाईवे पर जाम लगाया जाए या नहीं। इस मीटिंग में आगे की रणनीति भी तय होगी। - राजेंद्र प्रसाद लोधी, अध्यक्ष बार एसोसिएशन
तबादले से वकीलों का गुस्सा कम करने की कोशिश
अधिवक्ता फारुख अहमद की हत्या के बाद वकीलों के निशाने पर आए सिविल लाइंस थाने के प्रभारी संजीव कुमार को हटा दिया गया है। उन्हें अब स्वार कोतवाली की जिम्मेदारी दी गई है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई से अधिवक्ताओं का गुस्सा कम करने की कोशिश की गई है। रविवार की शाम एसपी विद्या सागर मिश्र ने सिविल लाइंस के कोतवाल संजीव कुमार को हटा दिया।
एएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि संजीव कुमार को अब स्वार का कोतवाल बनाया गया है। उनके स्थान पर शहर कोतवाली में तैनात ओमकार सिंह को सिविल लाइंस थाने की कमान दी गई है। इसके अलावा बिलासपुर से हटाए गए कोतवाल प्रदीप मलिक को शहर कोतवाल बनाया गया है।