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Rampur News: परिषदीय स्कूलों में बच्चों को पढ़ाया जाएगा पॉक्सो कानून
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Mon, 25 May 2026 01:43 AM IST
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रामपुर। बेसिक शिक्षा विभाग ने बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता को लेकर नई पहल शुरू की है। अब जिले के 1596 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 1.35 लाख छात्र-छात्राओं को पॉक्सो कानून और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। यह व्यवस्था पहली बार शैक्षिक कैलेंडर में शामिल की गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों के अनुसार, बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार सरल और संवेदनशील तरीके से जानकारी दी जाएगी। उन्हें गुड टच और बैड टच की पहचान, निजी अंगों की सुरक्षा, व्यक्तिगत सीमाओं की समझ और असहज स्थिति में सतर्क रहने के तरीके बताए जाएंगे। साथ ही किसी भी गलत हरकत की जानकारी अभिभावकों, शिक्षकों या भरोसेमंद व्यक्ति को देने के लिए जागरूक किया जाएगा।
कार्यक्रम के तहत बच्चों को शिकायत करने के अधिकार और कानूनी संरक्षण की जानकारी भी दी जाएगी। स्कूलों में हेल्पलाइन नंबर और सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया जाएगा, ताकि बच्चे जरूरत पड़ने पर मदद ले सकें।
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अफसरों का कहना है कि बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। उन्हें सामाजिक और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ी जानकारी देना भी जरूरी है। पहल का उद्देश्य बच्चों में भय पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें जागरूक, सतर्क और आत्मविश्वासी बनाना है।
शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि वे पूरी संवेदनशीलता और सावधानी के साथ बच्चों को जानकारी दें और उन पर किसी प्रकार का मानसिक दबाव न पड़े। विभाग का मानना है कि इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे असहज परिस्थितियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकेंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों के अनुसार, बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार सरल और संवेदनशील तरीके से जानकारी दी जाएगी। उन्हें गुड टच और बैड टच की पहचान, निजी अंगों की सुरक्षा, व्यक्तिगत सीमाओं की समझ और असहज स्थिति में सतर्क रहने के तरीके बताए जाएंगे। साथ ही किसी भी गलत हरकत की जानकारी अभिभावकों, शिक्षकों या भरोसेमंद व्यक्ति को देने के लिए जागरूक किया जाएगा।
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कार्यक्रम के तहत बच्चों को शिकायत करने के अधिकार और कानूनी संरक्षण की जानकारी भी दी जाएगी। स्कूलों में हेल्पलाइन नंबर और सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया जाएगा, ताकि बच्चे जरूरत पड़ने पर मदद ले सकें।
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शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि वे पूरी संवेदनशीलता और सावधानी के साथ बच्चों को जानकारी दें और उन पर किसी प्रकार का मानसिक दबाव न पड़े। विभाग का मानना है कि इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे असहज परिस्थितियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकेंगे।