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Rampur Election : आजम खां के खिलाफ लंबी लड़ाई का आकाश को मिला फायदा,  पिता की हार का भी लिया बदला

अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 09 Dec 2022 12:34 AM IST
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सार

Rampur : आकाश सक्सेना ने आजम खां, अब्दुल्ला आजम और तजीन फात्मा के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज करा रखे हैं। इस वजह से आजम विरोधी उनके साथ होते गए। 02 दिसंबर को रामपुर आए मुख्यमंत्री ने कहा था कि आकाश को इस वजह से टिकट दिया गया कि उसने लंबी लड़ाई लड़ी है।
 

Rampur : Akash got the benefit of a long fight against Azam Khan
आकाश सक्सेना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

आकाश सक्सेना को सपा नेता आजम खां के खिलाफ लड़ाई लड़ने का फायदा मिला। उन्होंने आजम खां, अब्दुल्ला आजम और तजीन फात्मा के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज करा रखे हैं। इस वजह से आजम विरोधी उनके साथ होते गए। 02 दिसंबर को रामपुर आए मुख्यमंत्री ने कहा था कि आकाश को इस वजह से टिकट दिया गया कि उसने लंबी लड़ाई लड़ी है।

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आकाश सक्सेना का राजनीतिक सफर बहुत लंबा नहीं है। वैसे वो एक उद्यमी हैं। 2017 में जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो आकाश सक्सेना सक्रिय हुए। आजम खां से उनके छत्तीस के आंकड़े पहले से थे। आकाश सक्सेना ने अब्दुल्ला आजम के जन्म प्रमाणपत्र होने के मामले के साथ-साथ उनके दो पैन कार्ड और दो पासपोर्ट के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई। 
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इसके अलावा जौहर यूनिवर्सिटी जमीन से जुड़े मामलों में भी उन्होंने शासन स्तर पर शिकायत की थी। उनकी शिकायत के आधार पर ही जौहर यूनिवर्सिटी में अनुसूचित जाति के किसानों की जमीन को शामिल किए जाने और गूल की जमीन पर कब्जा किए जाने को लेकर प्रशासन ने कार्रवाईकी थी। 02 दिसंबर को मुख्यमंत्री रामपुर आए थे तो उन्होंने आकाश सक्सेना की मंच से प्रशंसा की थी। 

उन्होंने यह भी बताया था कि आकाश सक्सेना को क्यों टिकट दिया गया। सीएम ने खुलकर कहा था कि आकाश ने लंबी लड़ाई लड़ी है वो अपने खर्चे पर इसलिए पार्टी ने एक बार फिर से उन पर विश्वास किया है। सीएम के इस बयान से आकाश के हौंसले बुलंद हुए थे।

आकाश ने पिता की हार का भी बदला लिया
आकाश सक्सेना के पिता शिव बहादुर सक्सेना स्वार विधानसभा सीट से चार बार विधायक रह चुके हैं। वो प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। शिव बहादुर सक्सेना ने 2017 का विधानसभा चुनाव रामपुर सीट से भाजपा की टिकट पर लड़ा था। इस चुनाव में उनको आजम खां के मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था। उस वक्त आजम खां को 102100 और शिव बहादुर सक्सेना को 55258 वोट मिले थे।

इसके बाद आकाश सक्सेना 2022 के विधानसभा चुनाव में रामपुर से आजम खां के मुकाबले चुनाव लड़े और उनको हार का सामना करना पड़ा। आजम खां की विधायकी रद्द होने के बाद जब उपचुनाव का एलान हुआ तो भाजपा ने एक बार फिर से आकाश पर दांव खेला। इस बार मैदान में आसिम राजा थे। आकाश ने पुराना हिसाब बराबर करते हुए आसिम राजा को 34,136 वोटों से पराजित करके अपने साथ-साथ अपने पिता की हार का बदला भी ले लिया। 

रामपुर के पहले गैर मुस्लिम विधायक बने आकाश
रामपुर विधानसभा सीट पर हमेशा मुस्लिम विधायक ही बने हैं। आकाश सक्सेना इस सीट से पहले ऐसे विधायक हैं जो गैर मुस्लिम हैं। रामपुर विधानसभा सीट के समीकरण कुछ ऐसे हैं जो मुस्लिम प्रत्याशियों के पक्ष में जाता है। यह एक मुस्लिम बहुल इलाका है। आजादी के बाद से 2022 के विधानसभा के चुनाव तक जो भी विधायक बने वो मुस्लिम थे। 2022 के उपचुनाव में जीत हासिल करने बाद आकाश इस सीट से जीत हासिल करने वाले पहले गैर मुस्लिम बन गए हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह भी है कि मुस्लिम मतदाताओं का साथ भी उनको मिला है।

पूर्व मंत्री नवेद मियां ने नवनिर्वाचित विधायक को दी बधाई
पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने भाजपा प्रत्याशी आकाश सक्सेना को जीत की बधाई दी है। मतगणना परिणाम आने के बाद उन्होंने प्रेस को जारी बयान में जनादेश का स्वागत करते हुए खुशी जाहिर की है।

उन्होंने कहा कि रामपुर के लोगों ने बहुत सही फैसला लिया है। रामपुर में आज नया सवेरा हुआ है। आकाश सक्सेना के रूप में जिस सूरज का उदय हुआ है, उसका प्रकाश रामपुर में विकास, भाईचारे और खुशहाली की किरणें फैलाएगा। रामपुर विधान सभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आकाश सक्सेना के समर्थन के लिए पूर्व मंत्री नवेद मियां को कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था। नवेद मियां ने खुलकर आकाश सक्सेना का चुनाव लड़ाया था। उनके समर्थकों ने भी पूरी ताकत लगा दी थी। इस चुनाव में नवेद मियां की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई थी। 

परिणाम आने के बाद नूरमहल में खुशी का माहौल रहा। पूर्व मंत्री नवेद मियां ने कहा कि यह रामपुर के गंगा जमुनी तहजीब और धर्मनिरपेक्षता की जीत हुई है। यह नाइंसाफी के खिलाफ इंसाफ की जीत है। इस जीत से दबे, कुचले लोगों को राहत मिलेगी। आकाश सक्सेना बहुत अच्छे विधायक साबित होंगे।उन्होंने कहा कि यह चुनाव दलगत राजनीति से उठकर हुआ। इसमें हर दल और हर धर्म का वोट आकाश सक्सेना को मिला है।

मोदी-योगी की नीतियों का परिणाम है रामपुर की जीतः नकवी
रामपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा को जीत मिलने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि आजादी के बाद पहली बार रामपुर विधानसभा में भाजपा की शानदार विजय, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समावेशी सशक्तीकरण, सर्वस्पर्शी विकास का परिणाम है। उन्होंने इस जीत के लिए भाजपा प्रत्याशी आकाश सक्सेना और पार्टी के कार्यकर्ताओं को बधाई दी है।

दिल्ली से जारी बयान में नकवी ने कहा है कि आज वक्त बदला है, माहौल बदला है, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण नहीं समावेशी सशक्तिकरण का मोदी-योगी मैजिक समाज के सभी हिस्सों में असर दिखा रहा है। नकवी ने कहा कि भाजपा की सरकार इक़बाल, ईमान, इंसाफ की सरकार है। यह जीत भाजपा के विकास मॉडल में जनता के अटूट विश्वास की जीत है। नकवी ने कहा कि सम्मान के साथ सशक्तीकरण, बिना भेदभाव के विकास के संकल्प के साथ मोदी-योगी ने रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म की नीति के जरिए समाज के हर तबके को तरक्की का बराबर का हिस्सेदार-भागीदार बनाया है। आज समाज के हर तबके में विकास और विश्वास का माहौल बना है। 

अब्दुल ने कमल खिलाने में निभाई अहम भूमिका
आखिरकार अब्दुल रामपुर विधानसभा सीट पर कम खिलाने में कामयाब हो ही गया। अब्दुल ने भाजपा में शामिल होते वक्त कहा था कि अब वह दरी नहीं बिछाएगा बल्कि की कमल खिलाएगा। इस पर आजम खां ने तंज कसते हुए कहा था कि अब्दुल 08 दिसंबर के बाद भाजपा कार्यालय में पोछा लगाएगा। अब्दुल का अब भाजपा क्या करती है यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन उसने जो वादा किया था उसे पूरा कर दिया।

वैसे तो अब्दुल नाम एक प्रतीक के तौर पर चर्चा में रहा। यह नाम उस वक्त सुर्खियों ने आया था जब आजम खां के तत्कालीन मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू ने पार्टी कार्यालय में पर मीटिंग में कहा था कि अखिलेश यादव नहीं चाहते थे वो जेल से बाहर आए। उस वक्त शानू ने कहा ने कहा था कि दरी बिछाए अब्दुल, आपके लिए खून-पसीना बहाए अब्दुल, वोट दे अब्दुल जब कोई पद हासिल करने बारी आए तो आप उस पर बैठ जााएं। इस बाद अब्दुल के नाम ने उस वक्त सुर्खियां बटोरीं जब शानू भाजपा में शामिल हो गए।

शानू ने भाजपा में शामिल होने वक्त कहा था कि अब्दुल अब दरी नहीं बिछाएगा बल्कि कमल खिलाएगा। इस पर आजम खां ने भी तंज कसा और अब्दुल्ला आजम भी खुलकर बोले थे कि कोई मां-बाप अपने बच्चे का नाम अब्दुल नहीं रखेगा। बृहस्पतिवार को उपचुनाव का परिणाम आन के बाद शानू ने कहा कि अब्दुल ने तो अपना काम कर दिया। हमारे बूथ पर भाजपा को बढ़त मिली है। इससे जाहिर होता है कि अब्दुल अब भाजपा के साथ है।

पांच हजार वोट बढ़ाकर आकाश ने हासिल कर ली बड़ी जीत
दूसरी बार विधानसभा के चुनाव में उतरे आकाश सक्सेना ने अपने पिछले चुनाव के मुकाबले पांच हजार अधिक वोट हासिल कर 34, 136 मतों से लंबी जीत हासिल कर ली। इस जीत के साथ ही वो इस सीट पर भाजपा की ओर से सबसे अधिक वोट लाने वाले प्रत्याशी बन गए हैं। पिछला रिकॉर्ड भी उनके नाम पर था। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 76 हजार से अधिक वोट प्राप्त किए थे। तीसरे स्थान पर भारत भूषण गुप्ता हैं जिन्होंने 2019 के उपचुनाव में 71322 वोट हासिल किए थे।

अथक प्रयास के बाद भी अपना किला नहीं बचा पाए आजम खां
रामपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा को मिली जीत के बाद यह कहा जाने लगा है कि आजम खां के 45 साल के सियासी सफर का अंत हो गया। क्योंकि 45 सालों में यह पहली बार है कि आजम खां न तो चुनावी मैदान में थे और न ही वो अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर पाए। इस सीट पर अपना उत्तराधिकारी उन्होंने आसिम राजा को बनाने की कोशिश की, लेकिन वो चुनाव हार गए।

अल्पसंख्यकों को गोलबंद करने में कामयाब रही भाजपा
रामपुर विधानसभा भाजपा के लिए टफ सीट थी। आजादी के बाद से यहां पर 19 विधायक बने लेकिन एक बार भी यहां से भाजपा जीत का स्वाद नहीं चख पाई। प्रदेेश में दो बार सत्ता पर काबिज होने के बाद भी भाजपा का प्रत्याशी यहां से हारा। ऐसे में प्रदेश की इस हॉट सीट पर जीत हासिल करना भाजपा के लिए चुनौती थी। चुनाव में सटीक रणनीति और अल्पसंख्यकों को गोलबंद करने में भाजपा कामयाब रही। नतीजन, भाजपा प्रत्याशी आकाश सक्सेना ने सपा प्रत्याशी आसिम रजा को बड़े अंतर से हरा दिया।

रामपुर में भाजपा ने स्थिति की मजबूत, विधायकों की संख्या हुई तीन
रामपुर विधानसभा सीट पर जीत हासिल करने के साथ ही भाजपा ने जिले में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। अब जिले की पांच में से तीन विधानसभा सीटों बिलासपुर, मिलक और रामपुर पर भाजपा का कब्जा है। इसके साथ ही लोकसभा की सीट पर हुए उपचुनाव में भी इस साल भाजपा भगवा फहरा चुकी है। भाजपा के घनश्याम लोधी लोकसभा के उपचुनाव में जीेते थे। अब आजम का गढ़ पूरी तरह से भगवा मय हो चुका है। रामपुर की लोकसभा सीट पर भी भाजपा का कब्जा है और तीन विधानसभा सीटों पर भी।
 

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