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Rampur News: रामपुर पुलिस अब आवाज से करेगी अपराधियों की पहचान
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रामपुर। जिला पुलिस अपराधियों की पहचान के लिए यक्ष एप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फेसियल रिकॉग्निशन और वॉइस सर्च तकनीक का उपयोग करेगी। इससे हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी, सत्यापन और अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी आएगी। जिले में 17192 अपराधियों का विवरण, आवाज का सैंपल और वीडियो पुलिस एप में अपलोड कर चुकी है।
जिला पुलिस ने यक्ष एप में अपराधियों का इतिहास अपलोड करना शुरू कर दिया है। एएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि जिले में 17192 अपराधी हैं। इन सभी की फोटो, आवाज, वीडियो और कहां कितने मुकदमे किस धारा में दर्ज हैं, सभी को अपलोड किया गया है।
कहा कि जिले में 63 गैंग हैं। जिसमें खनन गैंग, गो-तस्कर गैंग, चोरी करने वाले गैंग आदि शामिल हैं। इनका डाटा भी अपलोड किया जा चुका है। इन गैंग में शामिल 292 अपराधी जिले के बाहर के हैं।
इसके साथ ही बीट रिपोर्ट भी तैयार की गई है। इसमें जिले में 315 बीट हैं। इन क्षेत्रों में कहां-कहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। किस घर में सीसीटीवी है। इनके मकान मालिक का मोबाइल नंबर, जीपीएस लोकेशन आदि को यक्ष एप में अपलोड किया जा चुका है।
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आवाज बदलकर धमकी देने वाले भी आएंगे पकड़ में
एएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि एआई तकनीक और यक्ष एप के माध्यम से पुलिस फोन पर आवाज बदलकर धमकी देने या भीड़ में नारेबाजी करने वालों की पहचान भी कर सकेगी। इसके साथ ही एआई तकनीक की मदद से पुलिस भीड़ में शामिल संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान फोटो या वीडियो से कर सकती है। यदि किसी अपराधी का डाटा एप में मौजूद है, इससे उसके चेहरे का एआई के जरिए मिलान कर पुलिस चिन्हित कर सकती है।
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जिला पुलिस ने यक्ष एप में अपराधियों का इतिहास अपलोड करना शुरू कर दिया है। एएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि जिले में 17192 अपराधी हैं। इन सभी की फोटो, आवाज, वीडियो और कहां कितने मुकदमे किस धारा में दर्ज हैं, सभी को अपलोड किया गया है।
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कहा कि जिले में 63 गैंग हैं। जिसमें खनन गैंग, गो-तस्कर गैंग, चोरी करने वाले गैंग आदि शामिल हैं। इनका डाटा भी अपलोड किया जा चुका है। इन गैंग में शामिल 292 अपराधी जिले के बाहर के हैं।
इसके साथ ही बीट रिपोर्ट भी तैयार की गई है। इसमें जिले में 315 बीट हैं। इन क्षेत्रों में कहां-कहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। किस घर में सीसीटीवी है। इनके मकान मालिक का मोबाइल नंबर, जीपीएस लोकेशन आदि को यक्ष एप में अपलोड किया जा चुका है।
आवाज बदलकर धमकी देने वाले भी आएंगे पकड़ में
एएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि एआई तकनीक और यक्ष एप के माध्यम से पुलिस फोन पर आवाज बदलकर धमकी देने या भीड़ में नारेबाजी करने वालों की पहचान भी कर सकेगी। इसके साथ ही एआई तकनीक की मदद से पुलिस भीड़ में शामिल संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान फोटो या वीडियो से कर सकती है। यदि किसी अपराधी का डाटा एप में मौजूद है, इससे उसके चेहरे का एआई के जरिए मिलान कर पुलिस चिन्हित कर सकती है।