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Rampur News: वन कर्मियों की तस्करों से मुठभेड़ की प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही पुलिस
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स्वार। पीपली वन क्षेत्र में मुठभेड़, लकड़ी तस्करी और अतिक्रमण से जुड़े चार मामलों में तहरीर दिए जाने के बावजूद मिलक खानम पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने से वनकर्मियों में रोष है। वन रेंजर ठाकुर विजय कुमार ने साफ कहा है कि तस्करों के खिलाफ अभियान में स्थानीय पुलिस का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा। उधर, पुलिस का कहना है कि अभी जांच चल रही है।
पांच जनवरी को पीपली वन के कम्पार्टमेंट नंबर छह में तस्करों और वनकर्मियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। दोनों ओर से दो-दो राउंड फायरिंग हुई, जिसके बाद तस्कर लकड़ी छोड़कर फरार हो गए। इस मामले में फॉरेस्ट गार्ड शिवम ने तीन नामजद सहित छह तस्करों के खिलाफ तहरीर दी थी, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
दूसरा मामला छह जनवरी का है, जब अंबरपुर बीट में बाइक से घुसे आधा दर्जन तस्कर लकड़ी काटने पहुंचे थे। वनकर्मियों ने उन्हें खदेड़ दिया, लेकिन वे बाइक लेकर फरार हो गए। इस मामले में भी तीन तस्करों को नामजद करते हुए तहरीर दी गई, जो दर्ज नहीं हुई।
तीसरे मामले में पीपली वन के कम्पार्टमेंट तीन में तस्करों ने एक वनकर्मी के साथ मारपीट कर उसकी वर्दी क्षतिग्रस्त कर दी थी। तस्कर अपनी स्कूटी मौके पर छोड़कर भाग गया था। वनकर्मी की तहरीर के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा, तस्कर द्वारा दी गई क्राॅस तहरीर के डर से वनकर्मियों को स्कूटी वापस करनी पड़ी।
इसके अलावा आठ जनवरी को दरगाह परिसर में अतिक्रमण के खिलाफ फॉरेस्ट गार्ड बलविंद्र सिंह द्वारा दी गई तहरीर पर भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।
वन रेंजर का कहना है कि तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए पुलिस सहयोग जरूरी है, लेकिन फिलहाल अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा। वहीं, मिलक खानम थानाध्यक्ष निशा खटाना ने बताया कि दो तहरीरें मिली हैं। घटनाओं की जांच चल रही है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
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पांच जनवरी को पीपली वन के कम्पार्टमेंट नंबर छह में तस्करों और वनकर्मियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। दोनों ओर से दो-दो राउंड फायरिंग हुई, जिसके बाद तस्कर लकड़ी छोड़कर फरार हो गए। इस मामले में फॉरेस्ट गार्ड शिवम ने तीन नामजद सहित छह तस्करों के खिलाफ तहरीर दी थी, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
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दूसरा मामला छह जनवरी का है, जब अंबरपुर बीट में बाइक से घुसे आधा दर्जन तस्कर लकड़ी काटने पहुंचे थे। वनकर्मियों ने उन्हें खदेड़ दिया, लेकिन वे बाइक लेकर फरार हो गए। इस मामले में भी तीन तस्करों को नामजद करते हुए तहरीर दी गई, जो दर्ज नहीं हुई।
तीसरे मामले में पीपली वन के कम्पार्टमेंट तीन में तस्करों ने एक वनकर्मी के साथ मारपीट कर उसकी वर्दी क्षतिग्रस्त कर दी थी। तस्कर अपनी स्कूटी मौके पर छोड़कर भाग गया था। वनकर्मी की तहरीर के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा, तस्कर द्वारा दी गई क्राॅस तहरीर के डर से वनकर्मियों को स्कूटी वापस करनी पड़ी।
इसके अलावा आठ जनवरी को दरगाह परिसर में अतिक्रमण के खिलाफ फॉरेस्ट गार्ड बलविंद्र सिंह द्वारा दी गई तहरीर पर भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।
वन रेंजर का कहना है कि तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए पुलिस सहयोग जरूरी है, लेकिन फिलहाल अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा। वहीं, मिलक खानम थानाध्यक्ष निशा खटाना ने बताया कि दो तहरीरें मिली हैं। घटनाओं की जांच चल रही है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।