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यूपी बोर्ड : परीक्षा ड्यूटी में नहीं चलेगा बीमारी का बहाना
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Tue, 03 Feb 2026 12:34 AM IST
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सीएमओ की ओर से जारी मेडिकल प्रमाणपत्र अनिवार्य रूप से करना होगा प्रस्तुत
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। यूपी बोर्ड परीक्षाओं में बीमारी का बहाना बनाकर ड्यूटी कटाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं का बहाना इस बार नहीं चलेगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई शिक्षक स्वास्थ्य कारणों से परीक्षा ड्यूटी करने में असमर्थ है, तो उसे अनिवार्य रूप से सीएमओ की ओर से जारी मेडिकल प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सभी विद्यालयों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि बोर्ड परीक्षा की पारदर्शिता और सुचारू संचालन के लिए ड्यूटी का ईमानदारी से पालन सुनिश्चित किया जाए। बोर्ड परीक्षाओं में जो प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्य नहीं करना चाहते है,वे बीमारी का बहाना बनाकर चिकित्सीय छुट्टी पर चले जाते हैं।
कई शिक्षक तो ड्यूटी से बचने के लिए प्राइवेट अस्पताल से चिकित्सीय प्रमाणपत्र लगाकर अवकाश ले लेते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि जो भी बीमारी का सहारा लेकर ड्यूटी से बचना चाहेगा उसे अब चिकित्सीय प्रमाणपत्र देना होगा।
यह प्रमाणपत्र चिकित्सकों की टीम की ओर से बीमार शिक्षक का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद जारी रिपोर्ट के अनुसार सीएमओ की ओर से जारी होगा। बोर्ड परीक्षा में इस बार हाईस्कूल में 25518 और इंटर में 21248 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे।
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बोर्ड परीक्षा से पूर्व कोई प्रधानाचार्य या शिक्षक चिकित्सीय अवकाश के लिए आवेदन करता है तो उन्हें सीएमओ के पास उनकी अस्वस्थता की पुष्टि कराने सीएमओ के पास भेजा जाएगा। सीएमओ की ओर से जारी किए गए प्रमाणपत्र के आधार ही चिकित्सीय अवकाश दिया जाएगा। -अंजलि अग्रवाल, जिला विद्यालय निरीक्षक
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रामपुर। यूपी बोर्ड परीक्षाओं में बीमारी का बहाना बनाकर ड्यूटी कटाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं का बहाना इस बार नहीं चलेगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई शिक्षक स्वास्थ्य कारणों से परीक्षा ड्यूटी करने में असमर्थ है, तो उसे अनिवार्य रूप से सीएमओ की ओर से जारी मेडिकल प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सभी विद्यालयों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि बोर्ड परीक्षा की पारदर्शिता और सुचारू संचालन के लिए ड्यूटी का ईमानदारी से पालन सुनिश्चित किया जाए। बोर्ड परीक्षाओं में जो प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्य नहीं करना चाहते है,वे बीमारी का बहाना बनाकर चिकित्सीय छुट्टी पर चले जाते हैं।
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कई शिक्षक तो ड्यूटी से बचने के लिए प्राइवेट अस्पताल से चिकित्सीय प्रमाणपत्र लगाकर अवकाश ले लेते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि जो भी बीमारी का सहारा लेकर ड्यूटी से बचना चाहेगा उसे अब चिकित्सीय प्रमाणपत्र देना होगा।
यह प्रमाणपत्र चिकित्सकों की टीम की ओर से बीमार शिक्षक का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद जारी रिपोर्ट के अनुसार सीएमओ की ओर से जारी होगा। बोर्ड परीक्षा में इस बार हाईस्कूल में 25518 और इंटर में 21248 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे।
बोर्ड परीक्षा से पूर्व कोई प्रधानाचार्य या शिक्षक चिकित्सीय अवकाश के लिए आवेदन करता है तो उन्हें सीएमओ के पास उनकी अस्वस्थता की पुष्टि कराने सीएमओ के पास भेजा जाएगा। सीएमओ की ओर से जारी किए गए प्रमाणपत्र के आधार ही चिकित्सीय अवकाश दिया जाएगा। -अंजलि अग्रवाल, जिला विद्यालय निरीक्षक
