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Saharanpur News: विद्युत निगम में 32 लाख का गबन, अधिशासी अभियंता समेत छह निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 24 Feb 2026 01:04 AM IST
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नकुड़। विद्युत निगम में बिजली बिल राशि के गबन का मामला सामने आया है। कर्मी ने उपभोक्ताओं से बिजली बिल की राशि तो ले ली, लेकिन उसे विद्युत निगम खाते में जमा नहीं किया। मामला खुला तो पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक ने अधिशासी अभियंता समेत छह को निलंबित कर दिया है। मुख्य आरोपी के खिलाफ नकुड़ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
विद्युत निगम की बिजली बिल राहत योजना चल रही है। योजना के दायरे में आने वाले उपभोक्ताओं को छूट दी जा रही है। योजना के तहत नकुड़ विद्युत निगम क्षेत्र में भी उपभोक्ता अपने-अपने बिल जमा कर रहे थे। इसी दौरान टीजी-2 सुशील कर्णवाल कैशियर के पद पर तैनात किए गए थे। उसने उपभोक्ताओं द्वारा जमा की गई करीब 32 लाख रुपये की धनराशि को विद्युत निगम में जमा नहीं कराया।
यह राशि 29 जनवरी से सात फरवरी के बीच की अवधि की है। मामले का पता चलने पर कार्यकारी प्रधान खजांची (हेड कैशियर) रोहित कुमार ने थाना नकुड़ में तहरीर दी। इसमें बताया कि सुशील कर्णवाल ने 29 जनवरी से 31 जनवरी तक करीब 21.61 लाख रुपये और एक फरवरी से नौ फरवरी तक करीब 10.87 लाख रुपये निगम के बैंक खाते में जमा नहीं कराए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की। इसी के साथ रोहित कुमार ने उच्चाधिकारियों से भी पत्राचार किया।
मामले का पता चलने पर प्रबंध निदेशक ने बैठाई जांच
बिजली बिल राशि जमा न होने की शिकायत पर प्रबंध निदेशक रविश गुप्ता ने जांच बैठाई। जांच में भी प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाई गई। इसके बाद प्रबंध निदेशक ने अधिशासी अभियंता राजा कुमार, सहायक लेखाधिकारी महेश कुमार, सहायक लेखाकार संदीप कुमार, कार्यकारी सहायक रोहित कुमार, कार्यकारी सहायक धर्मेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया है। निदेशक कार्मिक आशू कालिया ने इसकी पुष्टि की है। वहीं मामला दर्ज होने पर मुख्य आरोपी सुशील कर्णवाल फरार है।
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विद्युत निगम की बिजली बिल राहत योजना चल रही है। योजना के दायरे में आने वाले उपभोक्ताओं को छूट दी जा रही है। योजना के तहत नकुड़ विद्युत निगम क्षेत्र में भी उपभोक्ता अपने-अपने बिल जमा कर रहे थे। इसी दौरान टीजी-2 सुशील कर्णवाल कैशियर के पद पर तैनात किए गए थे। उसने उपभोक्ताओं द्वारा जमा की गई करीब 32 लाख रुपये की धनराशि को विद्युत निगम में जमा नहीं कराया।
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यह राशि 29 जनवरी से सात फरवरी के बीच की अवधि की है। मामले का पता चलने पर कार्यकारी प्रधान खजांची (हेड कैशियर) रोहित कुमार ने थाना नकुड़ में तहरीर दी। इसमें बताया कि सुशील कर्णवाल ने 29 जनवरी से 31 जनवरी तक करीब 21.61 लाख रुपये और एक फरवरी से नौ फरवरी तक करीब 10.87 लाख रुपये निगम के बैंक खाते में जमा नहीं कराए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की। इसी के साथ रोहित कुमार ने उच्चाधिकारियों से भी पत्राचार किया।
मामले का पता चलने पर प्रबंध निदेशक ने बैठाई जांच
बिजली बिल राशि जमा न होने की शिकायत पर प्रबंध निदेशक रविश गुप्ता ने जांच बैठाई। जांच में भी प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाई गई। इसके बाद प्रबंध निदेशक ने अधिशासी अभियंता राजा कुमार, सहायक लेखाधिकारी महेश कुमार, सहायक लेखाकार संदीप कुमार, कार्यकारी सहायक रोहित कुमार, कार्यकारी सहायक धर्मेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया है। निदेशक कार्मिक आशू कालिया ने इसकी पुष्टि की है। वहीं मामला दर्ज होने पर मुख्य आरोपी सुशील कर्णवाल फरार है।
