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Saharanpur News: एयरपोर्ट का उद्घाटन बना उपलब्धि, संचालन बिना अनाथ
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सरसावा एयरपोर्ट
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- अक्तूबर 2024 में प्रधानमंत्री ने वर्चुअल रूप से किया था उद्घाटन
- प्रभारी मंत्री ने की थी पांच शहरों के लिए उड़ानों की घोषणा
संवाद न्यूज एजेंसी
सरसावा। उद्घाटन हुआ, तालियां बजीं, पांच शहरों के लिए किराया सूची भी जारी हुई, जो जिले के लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं है। इतना सब होने के बाद भी सरसावा एयरपोर्ट अनाथ बना हुआ है। करीब सवा साल बीतने के बाद भी यहां पर हवाई सेवाओं का संचालन नहीं हो सका। एयरपोर्ट पर बनी अत्याधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग, रनवे और अन्य सुविधाएं फिलहाल सिर्फ रखरखाव तक सीमित हैं। सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं पर अब तक करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यात्रियों के लिए यहां से उड़ान केवल सपना बनी है।
बता दें, 20 अक्तूबर 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से सरसावा एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन किया था। योजना का उद्देश्य छोटे शहरों को बड़े शहरों से जोड़ना तथा आम आदमी को किफायती दामों पर हवाई यात्रा कराना था। उस वक्त उद्घाटन समारोह में पहुंचे जिले के प्रभारी और प्रदेश सरकार में प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील शर्मा ने पांच नवंबर से मुरादाबाद, हिंडन, गोरखपुर, कुशीनगर तथा वाराणसी के लिए उड़ानों की घोषणा की थी, लेकिन यह हवाई साबित हुई। एयरपोर्ट के शुरू होने से जहां जनपद वासियों को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी, रोजगार और विकास की नई संभावनाओं की उम्मीद जगी थी। वहीं उड़ानों के संचालन न होने से अब उनमें निराशा बढ़ती जा रही है।
क्षेत्रवासी पल्लव कत्याल, अमित सैनी, सचिन कुमार, राजेश अरोरा, नवीन चौधरी, नितिन कश्यप, विशु आदि का कहना है कि यहां से न तो अब तक फ्लाइट शेड्यूल घोषित हुआ और न ही किसी एयरलाइन कंपनी से करार की जानकारी सार्वजनिक की गई। एयरपोर्ट पर सुरक्षा कर्मी, तकनीकी स्टाफ और प्रशासनिक कर्मचारी तैनात हैं। प्रत्येक माह बिजली, सुरक्षा, सफाई और स्टाफ पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह हैं कि जब एयरपोर्ट पर सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं तो कोई भी एयरलाइन यहां से उड़ान शुरू करने में रुचि क्यों नहीं ले रही है।
-- एयरपोर्ट के आसपास ठप पड़ा निवेश
एयरपोर्ट शुरू होने की उम्मीद में आसपास के क्षेत्र में जमीनों के रेट ने आसमान छू गए थे। होटल, रेस्तरां और रियल एस्टेट से जुड़े लोगों ने यहां बड़े पैमाने पर निवेश किया था, लेकिन हवाई सेवाओं का संचालन न होने से आर्थिक गतिविधियां ठप हो गई हैं। व्यापार को अभी तक रफ्तार नहीं मिल सकी है।
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- प्रभारी मंत्री ने की थी पांच शहरों के लिए उड़ानों की घोषणा
संवाद न्यूज एजेंसी
सरसावा। उद्घाटन हुआ, तालियां बजीं, पांच शहरों के लिए किराया सूची भी जारी हुई, जो जिले के लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं है। इतना सब होने के बाद भी सरसावा एयरपोर्ट अनाथ बना हुआ है। करीब सवा साल बीतने के बाद भी यहां पर हवाई सेवाओं का संचालन नहीं हो सका। एयरपोर्ट पर बनी अत्याधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग, रनवे और अन्य सुविधाएं फिलहाल सिर्फ रखरखाव तक सीमित हैं। सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं पर अब तक करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यात्रियों के लिए यहां से उड़ान केवल सपना बनी है।
बता दें, 20 अक्तूबर 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से सरसावा एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन किया था। योजना का उद्देश्य छोटे शहरों को बड़े शहरों से जोड़ना तथा आम आदमी को किफायती दामों पर हवाई यात्रा कराना था। उस वक्त उद्घाटन समारोह में पहुंचे जिले के प्रभारी और प्रदेश सरकार में प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील शर्मा ने पांच नवंबर से मुरादाबाद, हिंडन, गोरखपुर, कुशीनगर तथा वाराणसी के लिए उड़ानों की घोषणा की थी, लेकिन यह हवाई साबित हुई। एयरपोर्ट के शुरू होने से जहां जनपद वासियों को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी, रोजगार और विकास की नई संभावनाओं की उम्मीद जगी थी। वहीं उड़ानों के संचालन न होने से अब उनमें निराशा बढ़ती जा रही है।
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क्षेत्रवासी पल्लव कत्याल, अमित सैनी, सचिन कुमार, राजेश अरोरा, नवीन चौधरी, नितिन कश्यप, विशु आदि का कहना है कि यहां से न तो अब तक फ्लाइट शेड्यूल घोषित हुआ और न ही किसी एयरलाइन कंपनी से करार की जानकारी सार्वजनिक की गई। एयरपोर्ट पर सुरक्षा कर्मी, तकनीकी स्टाफ और प्रशासनिक कर्मचारी तैनात हैं। प्रत्येक माह बिजली, सुरक्षा, सफाई और स्टाफ पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह हैं कि जब एयरपोर्ट पर सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं तो कोई भी एयरलाइन यहां से उड़ान शुरू करने में रुचि क्यों नहीं ले रही है।
एयरपोर्ट शुरू होने की उम्मीद में आसपास के क्षेत्र में जमीनों के रेट ने आसमान छू गए थे। होटल, रेस्तरां और रियल एस्टेट से जुड़े लोगों ने यहां बड़े पैमाने पर निवेश किया था, लेकिन हवाई सेवाओं का संचालन न होने से आर्थिक गतिविधियां ठप हो गई हैं। व्यापार को अभी तक रफ्तार नहीं मिल सकी है।
