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Saharanpur News: पुलिस रिकॉर्ड से विवाहिता का सुसाइड नोट गायब, कोर्ट ने जताई नाराजगी
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देवबंद। आत्महत्या के मामले में पुलिस रिकाॅर्ड से मृतक का सुसाइड नोट गायब होने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनीत वासवानी ने नाराजगी जताई है। साथ ही सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता को आगामी नौ फरवरी (आज) को पूर्ण साक्ष्य उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
नानौता क्षेत्र में सात वर्ष पूर्व विवाहिता के आत्महत्या करने के मामले में सरकार बनाम धर्मपाल आदि की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनीत वासवानी की अदालत में चल रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाद के निस्तारण में देरी के कारण अदालत ने एडीजे अदालत को शीघ्र निस्तारण के आदेश दिए है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने एडीजे अदालत को बताया कि प्रकरण से संबंधित सुसाइड नोट थाना नानौता के मालखाना पर तलाश किया गया। लेकिन वह नहीं मिला।
इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और एडीजीसी को आगामी नौ फरवरी (आज) को पत्रावली के लिए सभी साक्ष्य उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने आदेश पत्र में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट संयुक्त निदेशक द्वारा 18 जुलाई 2018 को ही तैयार की गई। लेकिन सात वर्ष तक भी पत्रावली उपलब्ध नहीं कराई गई, जो अभियोजन की लापरवाही व उदासीनता को परिलक्षित करता है।
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इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और एडीजीसी को आगामी नौ फरवरी (आज) को पत्रावली के लिए सभी साक्ष्य उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने आदेश पत्र में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट संयुक्त निदेशक द्वारा 18 जुलाई 2018 को ही तैयार की गई। लेकिन सात वर्ष तक भी पत्रावली उपलब्ध नहीं कराई गई, जो अभियोजन की लापरवाही व उदासीनता को परिलक्षित करता है।