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Saharanpur News: अंतिम दिन 39.41 करोड़ के बिल जमा, जिला पंचायत राज विभाग ने सरेंडर किए 38 लाख
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 01 Apr 2026 01:32 AM IST
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सहारनपुर। वित्त वर्ष के अंतिम दिन विभागों द्वारा बजट को खर्च करने की जद्दोजहद रही। मुख्य कोषागार कार्यालय में अंतिम दिन 39.41 करोड़ रुपये के बिल जमा कराए गए। जिला पंचायत राज विभाग ने बजट के रूप में मिले 38 लाख रुपये सरेंडर किए, जो साल भर में खर्च नहीं हो सके।
बैंकिंग क्षेत्रों से लेकर विभिन्न वित्तीय संस्थाएं अवकाश के बाद भी मंगलवार को खुली रही। कोषागार में विभिन्न विभागों के अधिकारी बजट की शेष राशि को बचाने के लिए बिल लेकर पहुंचे। शासन की ओर से भी बिल को जमा कराने की समय सीमा को कई बार बढ़ाया गया। पहले पांच बजे तक समय सीमा रखी गई थी। इसे देर शाम फिर से बढ़ाया गया। साढ़े छह बजे तक 39.41 करोड़ रुपये के बिल कोषागार में जमा कराए गए। मार्च माह में विभिन्न विभागों की ओर से 700 करोड़ रुपये के बिल जमा कराए गए, जबकि मार्च माह में सरकार को राजस्व के रूप में करीब 17.94 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। देर शाम तक कोषागार के कर्मी बिलों के निस्तारण में जुटे रहे।
जिला पंचायत राज विभाग को शासन की ओर से विभिन्न विकास कार्यों के लिए विभिन्न मदों में करीब 160 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। इसमें जिला ग्राम पंचायतों को पांचवे वित्त के तहत पिछले वर्ष के शेष भुगतान को मिलाकर 133 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। साथ ही 15वें वित्त के 60 करोड़ रुपये प्राप्त हुए है। इनमें से सोमवार तक 98.7 फीसदी राशि खर्च कर दी गई थी। अंतिम दिन विभाग ने निदेशालय को 38 लाख रुपये की राशि सरेंडर की है।
नगर निगम में भी देर शाम तक जमा हुआ टैक्स
अधिकतम टैक्स वसूली के लिए नगर निगम का कैश काउंटर मंगलवार को देर शाम तक खुला रहा। गृहकर एवं जलकर बकायेदार भी 20 फीसदी की छूट पाने के लिए टैक्स जमा कराने को उमड़े। बता दें, कि नगर निगम टैक्स जमा कराने पर 20 फीसदी की छूट दे रहा है, जो केवल 31 मार्च तक थी। 31 मार्च तक टैक्स जमा न कराने वालों पर एक अप्रैल से 12 फीसदी ब्याज भी लगेगा। कर अधीक्षक सुधीर शर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन बड़ी संख्या में लोगों ने टैक्स जमा कराया है। टैक्स जमा कराने के लिए लोग आते गए, जिसकी वजह से काउंटर देर शाम तक खोलना पड़ा। उन्होंने बताया कि पूरे वर्ष की वसूली का सही आंकड़ा एक अप्रैल की सुबह तक ही पता लग सकेगा।
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जिला पंचायत राज विभाग को शासन की ओर से विभिन्न विकास कार्यों के लिए विभिन्न मदों में करीब 160 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। इसमें जिला ग्राम पंचायतों को पांचवे वित्त के तहत पिछले वर्ष के शेष भुगतान को मिलाकर 133 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। साथ ही 15वें वित्त के 60 करोड़ रुपये प्राप्त हुए है। इनमें से सोमवार तक 98.7 फीसदी राशि खर्च कर दी गई थी। अंतिम दिन विभाग ने निदेशालय को 38 लाख रुपये की राशि सरेंडर की है।
नगर निगम में भी देर शाम तक जमा हुआ टैक्स
अधिकतम टैक्स वसूली के लिए नगर निगम का कैश काउंटर मंगलवार को देर शाम तक खुला रहा। गृहकर एवं जलकर बकायेदार भी 20 फीसदी की छूट पाने के लिए टैक्स जमा कराने को उमड़े। बता दें, कि नगर निगम टैक्स जमा कराने पर 20 फीसदी की छूट दे रहा है, जो केवल 31 मार्च तक थी। 31 मार्च तक टैक्स जमा न कराने वालों पर एक अप्रैल से 12 फीसदी ब्याज भी लगेगा। कर अधीक्षक सुधीर शर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन बड़ी संख्या में लोगों ने टैक्स जमा कराया है। टैक्स जमा कराने के लिए लोग आते गए, जिसकी वजह से काउंटर देर शाम तक खोलना पड़ा। उन्होंने बताया कि पूरे वर्ष की वसूली का सही आंकड़ा एक अप्रैल की सुबह तक ही पता लग सकेगा।