सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   BJP is infiltrating other parties to win Saharanpur Lok Sabha seat

Mission 2024: चुनौती बनी इस सीट के लिए भाजपा की दूसरे दलों में सेंधमारी, यहां 2019 में BJP को मिली थी हार

अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Thu, 07 Mar 2024 09:54 PM IST
विज्ञापन
सार

Mission 2024 : भाजपा को 2019 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा था। चुनौती बनी इस सीट के लिए भाजपा इस बार दूसरे दलों में सेंधमारी कर रही है।

BJP is infiltrating other parties to win Saharanpur Lok Sabha seat
भाजपा लोगो, सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार

यूं तो 2019 के चुनाव में भाजपा ने प्रदेश में प्रचंड जीत हासिल की थी, लेकिन सहारनपुर समेत कुछ ऐसी सीटें थीं, जहां पर भाजपा प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा था। ऐसी सीटों पर 2024 का लोकसभा चुनाव भाजपा के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।

Trending Videos


सहारनपुर की बात करें तो जीत हासिल करने के लिए भाजपा न केवल निर्दलीय को अपने साथ मिला रही है, बल्कि दूसरे दलों में भी सेंधमारी चल रही है। हाल ही में मुलायम सिंह के करीबी, तीन बार विधायक और पूर्व मंत्री रहे संजय गर्ग भाजपा में शामिल हुए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

इससे पहले नानौता चेयरपर्सन रुमाना खान, उनके पति पूर्व चेयरमैन अफजाल खान समेत कई अन्य ने भाजपा का दामन थामा है। पिछले माह सरसावा चेयरपर्सन कोमल पंवार भी अपने पति राजू उर्फ प्रमोद पंवार के साथ भाजपा में शामिल हो गई थीं। दोनों ही चेयरपर्सन ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था, जबकि इससे पहले वह किसी न किसी राजनीतिक पार्टी में थीं।

चर्चा है कि आने वाले दिनों में भाजपा एक दिग्गज नेता को भी अपने साथ जोड़ने की तैयारी में है। जिस तरीके से भाजपा लगातार दूसरे दलों में सेंधमारी कर खुद को मजबूत कर रही है, उसका कितना फायदा होगा यह तो चुनाव परिणाम के बाद ही पता चलेगा।

वैश्य, मुस्लिम और अनुसूचित वर्ग का गठजोड़
इन तीन नेताओं को शामिल कर भाजपा ने वैश्य, मुस्लिम और अनुसूचित वर्ग में अपनी पैठ बनाने का काम किया है। भाजपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री संजय गर्ग वैश्य समाज से ताल्लुक रखते हैं, जिसके बाद चुनावी समीकरण बदल सकते हैं, जबकि नानौता चेयरपर्सन मुस्लिम और सरसावा चेयरमैन अनुसूचित वर्ग से हैं। अब देखना है कि यह तीनों सहारनपुर लोकसभा सीट पर भाजपा को जिताने में कितनी भूमिका निभाते हैं।

यह भी पढ़ें: सिपाही भर्ती परीक्षा: आरोपियों ने आठ से 10 लाख रुपये में 14 लोगों को बेचे पेपर, आठ की तलाश में दबिश जारी

तीन बार भाजपा के खाते में गई सीट
आजादी के बाद से सहारनपुर लोकसभा सीट पर भाजपा ने तीन बार जीत हासिल की। 1996-1998 में नकली सिंह और 2014 में राघव लखनपाल ने जीत दर्ज की थी। इसके अलावा सहारनपुर सीट पर अन्य दलों का कब्जा रहा है।

यह भी पढ़ें: Loksabha Elections : हाथी ने चाल बदली तो बदल जाएंगे सियासी समीकरण, BSP के 'इंडिया' में जाने की चर्चाएं तेज

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed