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Saharanpur News: नगर निगम ने 752.76 करोड़ का बजट पास किया
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नगर निगम की बोर्ड बैठक में बजट पेश करते लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी। स्रोत निगम
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सहारनपुर। नगर निगम का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट कार्यकारिणी समिति से अलग रहा। कार्यकारिणी समिति में पारित हुए 738.48 करोड़ रुपये के बजट में 14.27 करोड़ रुपये का इजाफा किया गया। इसके बाद कुल 752.76 करोड़ रुपये का बजट सर्वसम्मति से पास हुआ। हालांकि निगम के अंतर्गत आने वाले 32 गांवों के लिए मात्र छह करोड़ का प्रावधान किया गया है।
महापौर डॉ. अजय सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी ने 752 करोड़ 76 लाख 37 हजार रुपये का संशोधित मूल बजट सदन में प्रस्तुत किया। उन्होंने सदन को बताया कि कार्यकारिणी में पारित 738 करोड़ 48 लाख 57 हजार रुपये के बजट में निर्माण विभाग के 14 करोड़ 27 लाख 80 हजार का बजट बढ़ जाने के कारण यह वृद्धि हुई है। निर्माण विभाग के इस 14 करोड़ के बजट में प्रदेश सरकार द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के तहत सहारनपुर के शहरी क्षेत्र (शाकुंभरी विहार से ग्राम पिंजौरा तक) ढमोला नदी की सफाई व निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत करीब 10 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस धनराशि की पहली किश्त करीब पांच करोड़ रुपये जिलाधिकारी कोष में प्राप्त हो चुकी है, जिसे सोमवार को नगर निगम द्वारा अपने कोष में प्राप्त कर लिया गया है।
नगर निगम के अंतर्गत आने वाले 32 गांवों के लिए कुल बजट में से मात्र छह करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यानी प्रत्येक गांव के हिस्से में 20 लाख रुपये आएंगे, जबकि विकास कार्यों की सबसे अधिक जरूरत 32 गांवों में है, जहां गलियां और नालियां आज भी कच्ची हैं। सफाई व्यवस्था चौपट है। इस मौके पर नगर निगम आयुक्त शिपू गिरि और सहायक आयुक्त जेपी यादव भी रहे।
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किस विभाग के लिए कितना पैसा
विभाग का नाम-- -- -- -- -- -- निर्धारित बजट
जलकल अनुभाग-- -- -- -- -- -59.20
निर्माण अनुभाग-- -- -- -- -- -- 284.15
स्वास्थ्य अनुभाग-- -- -- -- -- -21.30
गोशाला-- -- -- -- -- -- -- -- -08.25
उद्यान अनुभाग-- -- -- -- -- -- 06.18
पथ प्रकाश अनुभाग-- -- -- -- -18.07
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इन कार्यों को दी गई स्वीकृति
-बेहट रोड स्थित निगम की भूमि पर संचालित बस पार्किंग के शुल्क में 10 प्रतिशत की वृद्धि कर नवंबर 2025 से सितंबर 2026 तक एक लाख 58 हजार 400 रुपये प्रतिमाह के लिए अस्थायी स्वीकृति दी गई।
-स्मार्ट सिटी योजना में निर्मित सीनियर सिटीजन केयर सेंटर का संचालन करने के लिए सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी को वार्षिक शुल्क निर्धारित करते हुए पांच वर्ष के लिए आवंटित करने का प्रस्ताव पास किया गया।
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बैठक में मात्र 50 फीसदी पार्षद रहे मौजूद
नगर निगम के पास 70 निर्वाचित पार्षद और 10 नामित पार्षद हैं। यानी कुल 80 पार्षद हैं लेकिन रविवार को अभी तक के सबसे बड़े बजट को लेकर हुई बोर्ड बैठक में करीब 45 ही पार्षद मौजूद रहे।
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पार्षदों को गोली मारो के बयान पर हंगामा
कुछ दिन पहले एक अधिकारी के मुंह से निकल गया था कि पार्षदों को गोली मारो। यह मुद्दा बोर्ड बैठक में हंगामे का कारण बना। पार्षद मंसूर बदर और रईस पप्पू ने कहा कि जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी को इस तरह की भाषा बोलना शोभा नहीं देता। पार्षद जनता के प्रतिनिधि हैं, जो चुनकर आए हैं। उनके लिए ऐसी भाषा बोलना ठीक नहीं। उधर, पार्षद फहाद सलीम ने अपने वार्ड की कई गलियों में सीवर लाइन न होने का मुद्दा उठाते हुए सीवर लाइन डलवाने की मांग की।
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महापौर डॉ. अजय सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी ने 752 करोड़ 76 लाख 37 हजार रुपये का संशोधित मूल बजट सदन में प्रस्तुत किया। उन्होंने सदन को बताया कि कार्यकारिणी में पारित 738 करोड़ 48 लाख 57 हजार रुपये के बजट में निर्माण विभाग के 14 करोड़ 27 लाख 80 हजार का बजट बढ़ जाने के कारण यह वृद्धि हुई है। निर्माण विभाग के इस 14 करोड़ के बजट में प्रदेश सरकार द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के तहत सहारनपुर के शहरी क्षेत्र (शाकुंभरी विहार से ग्राम पिंजौरा तक) ढमोला नदी की सफाई व निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत करीब 10 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस धनराशि की पहली किश्त करीब पांच करोड़ रुपये जिलाधिकारी कोष में प्राप्त हो चुकी है, जिसे सोमवार को नगर निगम द्वारा अपने कोष में प्राप्त कर लिया गया है।
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नगर निगम के अंतर्गत आने वाले 32 गांवों के लिए कुल बजट में से मात्र छह करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यानी प्रत्येक गांव के हिस्से में 20 लाख रुपये आएंगे, जबकि विकास कार्यों की सबसे अधिक जरूरत 32 गांवों में है, जहां गलियां और नालियां आज भी कच्ची हैं। सफाई व्यवस्था चौपट है। इस मौके पर नगर निगम आयुक्त शिपू गिरि और सहायक आयुक्त जेपी यादव भी रहे।
किस विभाग के लिए कितना पैसा
विभाग का नाम
जलकल अनुभाग
निर्माण अनुभाग
स्वास्थ्य अनुभाग
गोशाला
उद्यान अनुभाग
पथ प्रकाश अनुभाग
इन कार्यों को दी गई स्वीकृति
-बेहट रोड स्थित निगम की भूमि पर संचालित बस पार्किंग के शुल्क में 10 प्रतिशत की वृद्धि कर नवंबर 2025 से सितंबर 2026 तक एक लाख 58 हजार 400 रुपये प्रतिमाह के लिए अस्थायी स्वीकृति दी गई।
-स्मार्ट सिटी योजना में निर्मित सीनियर सिटीजन केयर सेंटर का संचालन करने के लिए सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी को वार्षिक शुल्क निर्धारित करते हुए पांच वर्ष के लिए आवंटित करने का प्रस्ताव पास किया गया।
बैठक में मात्र 50 फीसदी पार्षद रहे मौजूद
नगर निगम के पास 70 निर्वाचित पार्षद और 10 नामित पार्षद हैं। यानी कुल 80 पार्षद हैं लेकिन रविवार को अभी तक के सबसे बड़े बजट को लेकर हुई बोर्ड बैठक में करीब 45 ही पार्षद मौजूद रहे।
पार्षदों को गोली मारो के बयान पर हंगामा
कुछ दिन पहले एक अधिकारी के मुंह से निकल गया था कि पार्षदों को गोली मारो। यह मुद्दा बोर्ड बैठक में हंगामे का कारण बना। पार्षद मंसूर बदर और रईस पप्पू ने कहा कि जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी को इस तरह की भाषा बोलना शोभा नहीं देता। पार्षद जनता के प्रतिनिधि हैं, जो चुनकर आए हैं। उनके लिए ऐसी भाषा बोलना ठीक नहीं। उधर, पार्षद फहाद सलीम ने अपने वार्ड की कई गलियों में सीवर लाइन न होने का मुद्दा उठाते हुए सीवर लाइन डलवाने की मांग की।