{"_id":"69adc485bf0a8568f10b7534","slug":"census-every-household-will-have-a-unique-identity-through-digidot-33-questions-will-have-to-be-answered-saharanpur-news-c-30-1-sha1004-170843-2026-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनगणना : हर घर की डिजी डॉट से होगी यूनिक पहचान, 33 प्रश्नों के देने होंगे जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनगणना : हर घर की डिजी डॉट से होगी यूनिक पहचान, 33 प्रश्नों के देने होंगे जवाब
विज्ञापन
विज्ञापन
- जनपद में 9,000 प्रगणक और 1,300 सुपरवाइजर करेंगे जनगणना
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। वर्ष 2011 के बाद होने वाली जनगणना की तैयारी शुरू हो चुकी है। जनगणना में लगे प्रगणकों के साथ सुपरवाइजरों को पहले चरण का प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। पहले चरण में घरों की गिनती होगी। खास बात यह है कि डिजी डॉट के जरिये हर घर को एक यूनिक पहचान दी जाएगी।
यह डिजी डॉट डिजिटल नंबर या स्मार्ट टैग है। घर की भौगोलिक स्थिति को घर के पते से जोड़ा जाएगा। यह यूनिक डिजिटल आईडी होगी, जो गिने जाने वाले हर एक घर को दी जाएगी। गिनती के लिए आने वाले प्रगणक मोबाइल एप से घर की लोकेशन को लॉक करेंगे। इससे मैप पर एक डिजिटल बिंदु (डॉट) बन जाएगा। इससे पहले सदर तहसील में प्रगणकों को प्रशिक्षण दिया गया। करीब 9,000 प्रगणक और 1,300 सुपरवाइजर जनगणना के कार्य में हिस्सा लेंगे। जनगणना का पहला चरण 22 मई 2026 से 20 जून 2026 के बीच शुरू होगा। पहले चरण में मकानों की गिनती होगी। इसके लिए ब्लॉक बनाया जाएगा। एक ब्लाॅक में साढ़े आठ सौ तक की आबादी शामिल रहेगी। जनगणना में लगे कर्मचारी यह भी देखेंगे कि किसी घर में रहने वाले लोगों की संख्या क्या है। साथ ही यह भी दर्ज होगा कि घर में कितने कमरे हैं। इससे इस बात का अंदाजा लग सकेगा कि जिले की संभावित जनसंख्या कितनी है। दूसरी चरण एक फरवरी 2027 से शुरू होगा।
- इस तरह से बढ़ी जिले की जनसंख्या
वर्ष-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- जनसंख्या
1901-- -- -- -- -- -- -- -- 728,601
1911-- -- -- -- -- -- -- -- 687,620
1921-- -- -- -- -- -- -- -- 653,460
1931-- -- -- -- -- -- -- -- 727,731
1941-- -- -- -- -- -- -- -- 822,231
1951-- -- -- -- -- -- -- -- 942,849
1961-- -- -- -- -- -- -- -- 1,132,537
1971-- -- -- -- -- -- -- -- 1,414,231
1981-- -- -- -- -- -- -- -- 1,821,543
1991-- -- -- -- -- -- -- -- 2,309,029
2001-- -- -- -- -- -- -- -- 2,896,863
2011-- -- -- -- -- -- -- -- 3,466,382
- यह प्रश्न पूछे जाएंगे
- भवन का नंबर (नगर या स्थानीय प्राधिकरण अथवा जनगणना नंबर)
- मकान नंबर
- मकान के फर्श, दीवार और छत में इस्तेमाल प्रमुख सामग्री
- मकान का उपयोग, हालत और परिवार का नंबर
- परिवार में रहने वाले व्यक्तियों की संख्या
- परिवार के मुखिया का नाम
- परिवार का मुखिया पुरुष है या महिला
- क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति, जनजाति से संबंधित है
- मकान के स्वामित्व की स्थिति
- परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या
- परिवार में रहने वाले विवाहित दंपतियों की संख्या
- पेयजल का मुख्य स्रोत, उपलब्धता
- प्रकाश का मुख्य स्रोत
- शौचालय की सुलभता, प्रकार
- गंदे पानी की निकासी
- स्नानगृह की उपलब्धता
- रसोईघर और एलपीजी, पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता
- खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन
- रेडिया, ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा
- लैपटॉप, कंप्यूटर
- टेलीफोन, मोबाइल फोन, स्मार्ट फोन
- साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, मोपेड
- कार, जीप, वैन
- परिवार द्वारा उपभोग किए जाने वाला मुख्य अनाज
- मोबाइल नंबर (केवल जनगणना संबंधी सूचना के लिए)
-- -- वर्जन
जनगणना के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। पहला चरण 22 मई से शुरू होगा। इसके लिए प्रगणक और सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। निर्देशों के तहत जनगणना कराई जाएगी। आमजन इसमें लगे कर्मियों को सही जानकारी अवश्य दें। - सलिल पटेल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। वर्ष 2011 के बाद होने वाली जनगणना की तैयारी शुरू हो चुकी है। जनगणना में लगे प्रगणकों के साथ सुपरवाइजरों को पहले चरण का प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। पहले चरण में घरों की गिनती होगी। खास बात यह है कि डिजी डॉट के जरिये हर घर को एक यूनिक पहचान दी जाएगी।
यह डिजी डॉट डिजिटल नंबर या स्मार्ट टैग है। घर की भौगोलिक स्थिति को घर के पते से जोड़ा जाएगा। यह यूनिक डिजिटल आईडी होगी, जो गिने जाने वाले हर एक घर को दी जाएगी। गिनती के लिए आने वाले प्रगणक मोबाइल एप से घर की लोकेशन को लॉक करेंगे। इससे मैप पर एक डिजिटल बिंदु (डॉट) बन जाएगा। इससे पहले सदर तहसील में प्रगणकों को प्रशिक्षण दिया गया। करीब 9,000 प्रगणक और 1,300 सुपरवाइजर जनगणना के कार्य में हिस्सा लेंगे। जनगणना का पहला चरण 22 मई 2026 से 20 जून 2026 के बीच शुरू होगा। पहले चरण में मकानों की गिनती होगी। इसके लिए ब्लॉक बनाया जाएगा। एक ब्लाॅक में साढ़े आठ सौ तक की आबादी शामिल रहेगी। जनगणना में लगे कर्मचारी यह भी देखेंगे कि किसी घर में रहने वाले लोगों की संख्या क्या है। साथ ही यह भी दर्ज होगा कि घर में कितने कमरे हैं। इससे इस बात का अंदाजा लग सकेगा कि जिले की संभावित जनसंख्या कितनी है। दूसरी चरण एक फरवरी 2027 से शुरू होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
- इस तरह से बढ़ी जिले की जनसंख्या
वर्ष
1901
1911
1921
1931
1941
1951
1961
1971
1981
1991
2001
2011
- यह प्रश्न पूछे जाएंगे
- भवन का नंबर (नगर या स्थानीय प्राधिकरण अथवा जनगणना नंबर)
- मकान नंबर
- मकान के फर्श, दीवार और छत में इस्तेमाल प्रमुख सामग्री
- मकान का उपयोग, हालत और परिवार का नंबर
- परिवार में रहने वाले व्यक्तियों की संख्या
- परिवार के मुखिया का नाम
- परिवार का मुखिया पुरुष है या महिला
- क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति, जनजाति से संबंधित है
- मकान के स्वामित्व की स्थिति
- परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या
- परिवार में रहने वाले विवाहित दंपतियों की संख्या
- पेयजल का मुख्य स्रोत, उपलब्धता
- प्रकाश का मुख्य स्रोत
- शौचालय की सुलभता, प्रकार
- गंदे पानी की निकासी
- स्नानगृह की उपलब्धता
- रसोईघर और एलपीजी, पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता
- खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन
- रेडिया, ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा
- लैपटॉप, कंप्यूटर
- टेलीफोन, मोबाइल फोन, स्मार्ट फोन
- साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, मोपेड
- कार, जीप, वैन
- परिवार द्वारा उपभोग किए जाने वाला मुख्य अनाज
- मोबाइल नंबर (केवल जनगणना संबंधी सूचना के लिए)
जनगणना के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। पहला चरण 22 मई से शुरू होगा। इसके लिए प्रगणक और सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। निर्देशों के तहत जनगणना कराई जाएगी। आमजन इसमें लगे कर्मियों को सही जानकारी अवश्य दें। - सलिल पटेल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
