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Saharanpur News: बाढ़ राहत सामग्री के नाम पर 18.35 लाख रुपये की धोखाधड़ी
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- पीड़ित ने महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी संचालकों पर लगाया रकम हड़पने का आरोप
- कोतवाली मंडी पुलिस ने फर्म संचालकों पर प्राथमिकी दर्ज कर शुरू की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। बाढ़ राहत सामग्री की आपूर्ति के नाम पर 18.35 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। गोंडा की एक फर्म के प्रबंधक ने महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी संचालकों पर रकम हड़पने और भुगतान मांगने पर गाली-गलौज करने का आरोप लगाया है। कोतवाली मंडी पुलिस ने दंपती समेत तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
गोंडा जिले में पड़रीशंकर निवासी रामलल्लन शुक्ला ने तहरीर देकर बताया कि वह रुद्राक्ष एग्रो फर्म में प्रबंधक के पद पर कार्यरत है। फर्म का कार्यालय नवीन मंडी स्थल गोंडा में है और फर्म बाढ़ राहत सामग्री की आपूर्ति का काम करती है। सहारनपुर निवासी आशीष सिंघल और सविता सिंघल ने उनसे संपर्क किया और खुद को पति-पत्नी बताया। दोनों ने बताया कि सविता सिंघल किशन बाजार चिलकाना रोड स्थित महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी की प्रोपराइटर हैं। उसी के माध्यम से व्यापार करते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि सहारनपुर प्रशासन की ओर से बाढ़ राहत सामग्री की आपूर्ति का टेंडर महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी के नाम जारी हुआ है, जिसके लिए उन्हें सामान की जरूरत है। इसके बाद रुद्राक्ष एग्रो फर्म ने चार जुलाई 2025 को महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी के नाम करीब 18,35,250 रुपये की बाढ़ राहत सामग्री भेज दी। इस संबंध में तीन अलग-अलग बिल भी भेजे गए।
आरोप है कि दोनों ने सामान प्राप्त कर लिया और आश्वासन दिया कि प्रशासन से भुगतान मिलते ही फर्म की रकम दे देंगे। पीड़ित का कहना है कि सात महीने बीतने के बाद भी आरोपियों ने भुगतान नहीं किया। पीड़ित ने इस संबंध में सहारनपुर आकर आपदा विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली तो पता चला कि विभाग द्वारा महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी को काफी पहले ही भुगतान किया जा चुका है। आरोप है कि जब भी वह भुगतान मांगने जाता है तो आरोपी गाली-गलौज करते हैं। अब पुलिस ने आशीष सिंघल, उनकी पत्नी सविता सिंघल और एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। बाढ़ राहत सामग्री की आपूर्ति के नाम पर 18.35 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। गोंडा की एक फर्म के प्रबंधक ने महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी संचालकों पर रकम हड़पने और भुगतान मांगने पर गाली-गलौज करने का आरोप लगाया है। कोतवाली मंडी पुलिस ने दंपती समेत तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
गोंडा जिले में पड़रीशंकर निवासी रामलल्लन शुक्ला ने तहरीर देकर बताया कि वह रुद्राक्ष एग्रो फर्म में प्रबंधक के पद पर कार्यरत है। फर्म का कार्यालय नवीन मंडी स्थल गोंडा में है और फर्म बाढ़ राहत सामग्री की आपूर्ति का काम करती है। सहारनपुर निवासी आशीष सिंघल और सविता सिंघल ने उनसे संपर्क किया और खुद को पति-पत्नी बताया। दोनों ने बताया कि सविता सिंघल किशन बाजार चिलकाना रोड स्थित महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी की प्रोपराइटर हैं। उसी के माध्यम से व्यापार करते हैं।
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उन्होंने यह भी बताया कि सहारनपुर प्रशासन की ओर से बाढ़ राहत सामग्री की आपूर्ति का टेंडर महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी के नाम जारी हुआ है, जिसके लिए उन्हें सामान की जरूरत है। इसके बाद रुद्राक्ष एग्रो फर्म ने चार जुलाई 2025 को महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी के नाम करीब 18,35,250 रुपये की बाढ़ राहत सामग्री भेज दी। इस संबंध में तीन अलग-अलग बिल भी भेजे गए।
आरोप है कि दोनों ने सामान प्राप्त कर लिया और आश्वासन दिया कि प्रशासन से भुगतान मिलते ही फर्म की रकम दे देंगे। पीड़ित का कहना है कि सात महीने बीतने के बाद भी आरोपियों ने भुगतान नहीं किया। पीड़ित ने इस संबंध में सहारनपुर आकर आपदा विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली तो पता चला कि विभाग द्वारा महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी को काफी पहले ही भुगतान किया जा चुका है। आरोप है कि जब भी वह भुगतान मांगने जाता है तो आरोपी गाली-गलौज करते हैं। अब पुलिस ने आशीष सिंघल, उनकी पत्नी सविता सिंघल और एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
