{"_id":"69d6ab46139a7b74ac0d2ef7","slug":"conspiracy-to-usurp-property-by-fabricating-a-forged-will-fir-registered-against-three-individuals-saharanpur-news-c-30-1-sah1001-173026-2026-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: फर्जी वसीयतनामा बनाकर संपत्ति हड़पने की साजिश, तीन पर प्राथमिकी दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: फर्जी वसीयतनामा बनाकर संपत्ति हड़पने की साजिश, तीन पर प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 09 Apr 2026 12:53 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। बेहट के गांव कुतुबपुर भूखड़ी निवासी सुखपाल ने फर्जी वसीयतनामा बनाकर संपत्ति हड़पने का तीन लोगों पर आरोप लगाया है। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर कोतवाली मंडी पुलिस ने महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पीड़ित सुखपाल ने तहरीर देकर बताया कि भाई प्रकाश चंद्र चकबंदी विभाग में मुख्य अनुलेखक पद पर कार्यरत थे। उनका सात मई 2025 को निधन हो गया था। उनकी पत्नी उर्मिला का भी पूर्व में 14 मार्च 2024 को निधन हो चुका था। दंपती की कोई संतान नहीं थी, जिसके बाद संपत्ति का वारिस सुखपाल और उनका भतीजा नाथीराम बने। आरोप है कि उर्मिला के भतीजे अनिल कुमार ने अन्य आरोपियों लता शर्मा और जयराम बंसल के साथ मिलकर तीन अगस्त 2003 की एक फर्जी वसीयत तैयार की।
इस वसीयत के आधार पर वारिसान प्रमाण पत्र भी बनवा लिया गया, जिसे बाद में जिलाधिकारी द्वारा 24 जनवरी 2026 को निरस्त कर दिया गया। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश रची गई। इस मामले की शिकायत कोतवाली मंडी में की गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। अब कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने अनिल कुमार, लता शर्मा और जयराम बंसल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
Trending Videos
पीड़ित सुखपाल ने तहरीर देकर बताया कि भाई प्रकाश चंद्र चकबंदी विभाग में मुख्य अनुलेखक पद पर कार्यरत थे। उनका सात मई 2025 को निधन हो गया था। उनकी पत्नी उर्मिला का भी पूर्व में 14 मार्च 2024 को निधन हो चुका था। दंपती की कोई संतान नहीं थी, जिसके बाद संपत्ति का वारिस सुखपाल और उनका भतीजा नाथीराम बने। आरोप है कि उर्मिला के भतीजे अनिल कुमार ने अन्य आरोपियों लता शर्मा और जयराम बंसल के साथ मिलकर तीन अगस्त 2003 की एक फर्जी वसीयत तैयार की।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस वसीयत के आधार पर वारिसान प्रमाण पत्र भी बनवा लिया गया, जिसे बाद में जिलाधिकारी द्वारा 24 जनवरी 2026 को निरस्त कर दिया गया। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश रची गई। इस मामले की शिकायत कोतवाली मंडी में की गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। अब कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने अनिल कुमार, लता शर्मा और जयराम बंसल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।