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Saharanpur News: शासन में लटकी फाइल, 267 करोड़ रुपये के एसटीपी पर पुल का निर्माण रुका
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- एसटीपी परिसर में ढमोला नदी पर बनने वाले पुल पर जनवरी 2026 में लग चुकी आपत्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। शासन से स्वीकृति नहीं मिलने की वजह से 267 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे एसटीपी परिसर में पुल निर्माण का काम रुका हुआ है। इसकी वजह से बाकी का कार्य प्रभावित हो रहा है।
एसटीपी का प्रस्ताव करीब पांच वर्ष पहले शासन को भेजा गया था, जिसके बाद मंजूरी तो मिल गई थी, लेकिन जमीन फाइनल नहीं होने की वजह से परियोजना लटकी हुई थी। मई-जून 2025 में काम शुरू किया गया, लेकिन टेंडर में नदी के तट (जिस जगह एसटीपी बनना है) का स्तर जो दर्शाया गया था, वास्तव में उससे तीन मीटर गहरा निकला। ऐसे में कार्यदायी संस्था के आपत्ति जताने के बाद डीपीआर सहित अन्य कागजी कार्रवाई दोबारा शुरू की थी। 4.5 हेक्टेयर भूमि पर बन रहे एसटीपी का काम शुरू हुआ तो जनवरी 2026 में सिंचाई विभाग ने आपत्ति लगा दी।
दरअसल, एसटीपी ढमोला नदी पर बन रहा है और नदी उसके बीच से गुजर रही है। आपत्ति नदी पर बनने वाले पुल और नदी की चौड़ाई कम करने को लेकर थी। सिंचाई विभाग का मानना था कि नदी की चौड़ाई जितनी पीछे है उतनी ही रखी जाए। इसकी वजह से कई दिन तक काम रुका रहा था। इसके बाद सिंचाई विभाग के दिशा निर्देशों के अनुरूप सभी समस्याएं हल करते हुए स्वीकृति के लिए फाइल शासन को भेजी गई थी, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। ऐसे में कार्यदायी संस्था को काम करने में परेशानी आ रही है। पुल का काम पूरी तरह बंद है। पुल न बनने के कारण दोनों साइड भारी वाहनों को आने-जाने में परेशानी आ रही है।
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-- 31 अक्तूबर 2027 तक पूरा करना है काम
एसटीपी का कार्य पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था को 31 अक्तूबर 2027 तक का समय मिला है, लेकिन बार-बार बाधा के चलते बीते एक साल में 29 प्रतिशत ही काम हो सका है। अब बरसात शुरू होने के कारण कार्य और प्रभावित होगा। ऐसे में समय से काम करना चुनौती रहेगा।
वर्जन-- -
एसटीपी का कार्य 29 फीसदी पूरा कर लिया गया है। सिंचाई विभाग की ओर आपत्तियां थी उनको निस्तारित कर दिया गया है। शासन से स्वीकृति आनी बाकी है। हम पुल को छोड़कर बाकी काम कर रहे हैं। - संजीत कुमार कटियार, परियोजना प्रबंधक
-- -एसटीपी को लेकर जो भी समस्या आ रही थी उसको दूर कर लिया गया है। फाइल स्वीकृति के लिए शासन को भेजी हुई है, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है।- राम बाबू, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। शासन से स्वीकृति नहीं मिलने की वजह से 267 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे एसटीपी परिसर में पुल निर्माण का काम रुका हुआ है। इसकी वजह से बाकी का कार्य प्रभावित हो रहा है।
एसटीपी का प्रस्ताव करीब पांच वर्ष पहले शासन को भेजा गया था, जिसके बाद मंजूरी तो मिल गई थी, लेकिन जमीन फाइनल नहीं होने की वजह से परियोजना लटकी हुई थी। मई-जून 2025 में काम शुरू किया गया, लेकिन टेंडर में नदी के तट (जिस जगह एसटीपी बनना है) का स्तर जो दर्शाया गया था, वास्तव में उससे तीन मीटर गहरा निकला। ऐसे में कार्यदायी संस्था के आपत्ति जताने के बाद डीपीआर सहित अन्य कागजी कार्रवाई दोबारा शुरू की थी। 4.5 हेक्टेयर भूमि पर बन रहे एसटीपी का काम शुरू हुआ तो जनवरी 2026 में सिंचाई विभाग ने आपत्ति लगा दी।
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दरअसल, एसटीपी ढमोला नदी पर बन रहा है और नदी उसके बीच से गुजर रही है। आपत्ति नदी पर बनने वाले पुल और नदी की चौड़ाई कम करने को लेकर थी। सिंचाई विभाग का मानना था कि नदी की चौड़ाई जितनी पीछे है उतनी ही रखी जाए। इसकी वजह से कई दिन तक काम रुका रहा था। इसके बाद सिंचाई विभाग के दिशा निर्देशों के अनुरूप सभी समस्याएं हल करते हुए स्वीकृति के लिए फाइल शासन को भेजी गई थी, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। ऐसे में कार्यदायी संस्था को काम करने में परेशानी आ रही है। पुल का काम पूरी तरह बंद है। पुल न बनने के कारण दोनों साइड भारी वाहनों को आने-जाने में परेशानी आ रही है।
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एसटीपी का कार्य पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था को 31 अक्तूबर 2027 तक का समय मिला है, लेकिन बार-बार बाधा के चलते बीते एक साल में 29 प्रतिशत ही काम हो सका है। अब बरसात शुरू होने के कारण कार्य और प्रभावित होगा। ऐसे में समय से काम करना चुनौती रहेगा।
वर्जन
एसटीपी का कार्य 29 फीसदी पूरा कर लिया गया है। सिंचाई विभाग की ओर आपत्तियां थी उनको निस्तारित कर दिया गया है। शासन से स्वीकृति आनी बाकी है। हम पुल को छोड़कर बाकी काम कर रहे हैं। - संजीत कुमार कटियार, परियोजना प्रबंधक