{"_id":"6a6e55fb2d626629210ae67c","slug":"fir-against-six-for-conspiracy-to-grab-land-using-forged-documents-saharanpur-news-c-30-1-smrt1014-180904-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: फर्जी दस्तावेजों से जमीन हड़पने की साजिश का आरोप, छह के खिलाफ प्राथमिकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: फर्जी दस्तावेजों से जमीन हड़पने की साजिश का आरोप, छह के खिलाफ प्राथमिकी
Sun, 02 Aug 2026 01:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 02 Aug 2026 01:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेहट। कस्बे के मोहल्ला सड़कपार निवासी गुलशाना ने न्यायालय के माध्यम से छह नामजद समेत चार-पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ बेहट कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है, कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसकी करोड़ों रुपये की पैतृक कृषि भूमि हड़पने की साजिश रची है।
दर्ज कराई गई रिपोर्ट में गुलशाना का कहना है, कि उसके पति इब्राहिम की 29 अक्तूबर 2016 को मौत हो गई थी। उसके पति के नाम पर तहसील बेहट क्षेत्र के फैजाबाद में कई खसरा नंबरों की कृषि भूमि दर्ज थी। पति की मृत्यु के बाद सरकारी अभिलेखों में उसका और उनके बच्चों साईस्ता, बुसरा, नसरा व अम्मार के नाम वारिस के रूप में दर्ज है। आरोप है, कि गांव शाहपुर निवासी परवीन, गय्यूर, गरयूर व बिलाल व मोहल्ला सड़कपार निवासी भूरा व राशिद और कस्बे की फूल कॉलोनी निवासी खालिद ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसके और बेटी साईस्ता के आधार कार्ड में छेड़छाड़ कर पति व पिता इब्राहिम के स्थान पर यासीन का नाम दर्ज करा दिया। ताकि उन्हें इब्राहिम की पत्नी और बेटी साबित न होने का आधार बनाकर संपत्ति से बेदखल किया जा सके।
उसका कहना है कि इसी संपत्ति को लेकर पहले भी थाना बेहट में वर्ष 2022 में धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है और कुछ आरोपी जेल भी जा चुके हैं। आरोप है, कि आरोपियों ने खुद को वारिस दर्शाते हुए अन्य लोगों के पक्ष में भूमि का इकरारनामा और 30 नवंबर 2024 को करीब 50 लाख रुपये का विक्रय अनुबंध भी कर दिया, जबकि उक्त भूमि उनके और उनके बच्चों के नाम दर्ज है। साथ ही उनके मकान संख्या-275 को भी विक्रय अनुबंध में शामिल कर दिया गया। जांच अधिकारी बलवीर सिंह ने बताया, कि उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों की पड़ताल कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दर्ज कराई गई रिपोर्ट में गुलशाना का कहना है, कि उसके पति इब्राहिम की 29 अक्तूबर 2016 को मौत हो गई थी। उसके पति के नाम पर तहसील बेहट क्षेत्र के फैजाबाद में कई खसरा नंबरों की कृषि भूमि दर्ज थी। पति की मृत्यु के बाद सरकारी अभिलेखों में उसका और उनके बच्चों साईस्ता, बुसरा, नसरा व अम्मार के नाम वारिस के रूप में दर्ज है। आरोप है, कि गांव शाहपुर निवासी परवीन, गय्यूर, गरयूर व बिलाल व मोहल्ला सड़कपार निवासी भूरा व राशिद और कस्बे की फूल कॉलोनी निवासी खालिद ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसके और बेटी साईस्ता के आधार कार्ड में छेड़छाड़ कर पति व पिता इब्राहिम के स्थान पर यासीन का नाम दर्ज करा दिया। ताकि उन्हें इब्राहिम की पत्नी और बेटी साबित न होने का आधार बनाकर संपत्ति से बेदखल किया जा सके।
विज्ञापन
उसका कहना है कि इसी संपत्ति को लेकर पहले भी थाना बेहट में वर्ष 2022 में धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है और कुछ आरोपी जेल भी जा चुके हैं। आरोप है, कि आरोपियों ने खुद को वारिस दर्शाते हुए अन्य लोगों के पक्ष में भूमि का इकरारनामा और 30 नवंबर 2024 को करीब 50 लाख रुपये का विक्रय अनुबंध भी कर दिया, जबकि उक्त भूमि उनके और उनके बच्चों के नाम दर्ज है। साथ ही उनके मकान संख्या-275 को भी विक्रय अनुबंध में शामिल कर दिया गया। जांच अधिकारी बलवीर सिंह ने बताया, कि उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों की पड़ताल कराई जा रही है।
विज्ञापन