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राम के नाम पर पहले पाई सत्ता, अब चंदे में की जा रही लूट : चंद्रशेखर
Tue, 30 Jun 2026 01:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 30 Jun 2026 01:12 AM IST
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अदालत में पेश होने के बाद मीडिया से बात करते सांसद चंद्रशेखर व मौजूद पार्टी पदाधिकारी। स्रोत वी
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सहारनपुर। एमपी एमएलए अदालत में पेशी पर आए सांसद चंद्रशेखर ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने अयोध्या मामले में कहा कि राम के नाम पर सत्ता हासिल की गई और अब उसी आस्था के नाम पर जुटाए गए धन में भी घोटाले के आरोप लग रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। छोटों को पकड़कर कार्रवाई दिखाई जा रही है। छोटे मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो जाती हैं, लेकिन करोड़ों रुपये के कथित घोटाले में चुप्पी क्यों हैं। उत्तराखंड दौरे को लेकर सांसद चंद्रशेखर ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि वहां पर पुलिस होती तो मामला सुलझा लिया जाता। वह हमेशा पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों के अधिकारों की बात संसद में रखते हैं।
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों से मिलने से रोका गया। यदि उन्हें मिलने नहीं दिया गया तो वह दिल्ली जाकर धरना देंगे। उत्तराखंड में पहले मुस्लिमों के साथ मारपीट हुई, बाद में पर्यटकों और फिर सिख समुदाय के लोगों के साथ। कुछ लोग जानबूझकर वहां माहौल खराब करने का काम कर रहे हैं, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मंगलवार को फिर उत्तराखंड जाने की बात कही। इस दौरान बड़ी संख्या में उनके समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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अदालत में 40 मिनट रहे सांसद चंद्रशेखर व अन्य आठ आरोपी
सहारनपुर। अपर सत्र मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ एमपी-एमएलए मीनल चावला की अदालत में जारी रामनगर हिंसा मामले की सुनवाई में सांसद चंद्रशेखर समेत अन्य आठ आरोपी सोमवार को पेश हुए। इस दौरान करीब 40 मिनट तक अदालत में सांसद चंद्रशेखर मौजूद रहे। उन्होंने अपने गैर जमानती वारंट रिकॉल कराए। इसके साथ ही अदालत में चार्ज फ्रेम की कार्रवाई हुई। अब साक्ष्यों में सुनवाई अदालत में जारी रहेगी। बता दें कि महानगर के रामनगर इलाके में मई 2017 में जातीय हिंसा फैल गई थी। इसमें कई लोगों गंभीर रूप से घायल और कई वाहनों में भी आग लगा दी गई थी। वादी सुधीर कुमार गुप्ता ने थाना देहात कोतवाली में तहरीर दी थी। पुलिस ने हिंसा मामले में अन्य कई प्राथमिकी दर्ज भी दर्ज किए थे। इन्हीं में से एक मामले की सुनवाई अदालत में जारी है।
विशेष लोक अभियोजक गुलाब सिंह ने बताया कि अदालत में 14 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चल रही है। मामले में सांसद चंद्रशेखर, दीपक बौद्ध, कालू उर्फ अमित, कमल वालिया, कदम सिंह, अंकित, बंटी, राजन अदालत में पेश नहीं थे। इस पर अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किए थे। अदालत ने अगली तारीख नौ जुलाई निर्धारित की है।
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उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। छोटों को पकड़कर कार्रवाई दिखाई जा रही है। छोटे मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो जाती हैं, लेकिन करोड़ों रुपये के कथित घोटाले में चुप्पी क्यों हैं। उत्तराखंड दौरे को लेकर सांसद चंद्रशेखर ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि वहां पर पुलिस होती तो मामला सुलझा लिया जाता। वह हमेशा पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों के अधिकारों की बात संसद में रखते हैं।
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उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों से मिलने से रोका गया। यदि उन्हें मिलने नहीं दिया गया तो वह दिल्ली जाकर धरना देंगे। उत्तराखंड में पहले मुस्लिमों के साथ मारपीट हुई, बाद में पर्यटकों और फिर सिख समुदाय के लोगों के साथ। कुछ लोग जानबूझकर वहां माहौल खराब करने का काम कर रहे हैं, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मंगलवार को फिर उत्तराखंड जाने की बात कही। इस दौरान बड़ी संख्या में उनके समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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अदालत में 40 मिनट रहे सांसद चंद्रशेखर व अन्य आठ आरोपी
सहारनपुर। अपर सत्र मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ एमपी-एमएलए मीनल चावला की अदालत में जारी रामनगर हिंसा मामले की सुनवाई में सांसद चंद्रशेखर समेत अन्य आठ आरोपी सोमवार को पेश हुए। इस दौरान करीब 40 मिनट तक अदालत में सांसद चंद्रशेखर मौजूद रहे। उन्होंने अपने गैर जमानती वारंट रिकॉल कराए। इसके साथ ही अदालत में चार्ज फ्रेम की कार्रवाई हुई। अब साक्ष्यों में सुनवाई अदालत में जारी रहेगी। बता दें कि महानगर के रामनगर इलाके में मई 2017 में जातीय हिंसा फैल गई थी। इसमें कई लोगों गंभीर रूप से घायल और कई वाहनों में भी आग लगा दी गई थी। वादी सुधीर कुमार गुप्ता ने थाना देहात कोतवाली में तहरीर दी थी। पुलिस ने हिंसा मामले में अन्य कई प्राथमिकी दर्ज भी दर्ज किए थे। इन्हीं में से एक मामले की सुनवाई अदालत में जारी है।
विशेष लोक अभियोजक गुलाब सिंह ने बताया कि अदालत में 14 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चल रही है। मामले में सांसद चंद्रशेखर, दीपक बौद्ध, कालू उर्फ अमित, कमल वालिया, कदम सिंह, अंकित, बंटी, राजन अदालत में पेश नहीं थे। इस पर अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किए थे। अदालत ने अगली तारीख नौ जुलाई निर्धारित की है।