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Saharanpur News: सफाई व्यवस्था ठेके पर देने का प्रस्ताव पास, लाइसेंस शुल्क पर हंगामा
Tue, 30 Jun 2026 01:10 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 30 Jun 2026 01:10 AM IST
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सहारनपुर। 58 वार्डों की सफाई व्यवस्था ठेके पर देने का प्रस्ताव सफाईकर्मियों की शर्तों के साथ नगर निगम की बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से पास हो गया। वहीं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस शुल्क को लेकर हंगामा हुआ।
नगर निगम की बोर्ड बैठक जनमंच सभागार में महापौर डॉ. अजय कुमार की अध्यक्षता में शुरू हुई। सबसे पहले नामित दस पार्षदों धनपाल कश्यप, मुरारी खेतवाल, मनीष सचदेवा, शिवमंगल सिंह, राजेश वालिया, जसवीर मोगा, प्रवीण रोहिला, राहुल झाम, निशांत शर्मा व अरुण गुप्ता का उपसभापति मयंक गर्ग ने परिचय कराया। सहारनपुर-मुजफ्फरनगर-शामली सीट से एमएलसी वंदना वर्मा भी बोर्ड बैठक में शामिल हुईं। एमएलसी वंदना वर्मा ने आश्वस्त किया कि वह अपनी निधि से सहारनपुर में भी विकास कार्य कराएंगी। पार्षद मंसूर बदर ने खाताखेड़ी में नगर निगम की भूमि पर बनने वाले विद्युत उप केंद्र पर आपत्ति जताई।
उन्होंने आरा मशीनों पर लगाए गए लाइसेंस शुल्क पर आपत्ति जताते हुए उद्योगों का भी इसके दायरे में लाने की मांग की। इसे लेकर हंगामा हुआ। पार्षद टिंकू अरोड़ा ने भी लाइसेंस शुल्क पर नाराजगी व्यक्त की। ब्लैक लिस्ट ठेकेदारों पर कार्रवाई न होने का मुद्दा भी उन्होंने उठाया। वुडन सिटी और लकड़ी बाजार की समस्याएं भी उठाई। पार्षद फहाद सलीम ने निर्माणाधीन एसटीपी और नगर निगम में कथित तौर पर भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। उप सभापति मयंक गर्ग ने सफाई कर्मचारियों की पूरे प्रदेश में सर्वाधिक वेतन वृद्धि 17,446 और पांच लाख रुपये का अतिरिक्त बीमा कराने के लिए महापौर का आभार व्यक्त किया। सर्वसम्मति से 58 वार्डों की सफाई व्यवस्था ठेके पर देने का प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। उधर, ज्यादातर पार्षद प्रस्तावों पर चर्चा के साथ ही अपने वार्डों की समस्याएं गिनाने में लगे रहे।
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राजनीति को सेवा बताते हुए पार्षद ने छोड़ा मानदेय
फोटो
वार्ड 41 के पार्षद संजय सैनी ने राजनीति को सेवा बताते हुए पार्षद के रूप में मिलने वाले मानदेय को वापस कर दिया। उन्होंने लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी को प्रार्थना पत्र के साथ ही ब्लैंक चेक भी सौंपा। संजय सैनी ने बताया कि पार्षदों को हर महीने मिलने वाले 1500 रुपये के मानदेय की उन्हें जानकारी नहीं थी। ऐसे में बीते तीन साल में अभी तक जितना भी मानदेय उनके खाते में आया है वह पूरा नगर निगम को लौटाना चाहते हैं।
पास हुए प्रमुख प्रस्ताव
-सफाईकर्मियों के मानदेय वृद्धि और अन्य लाभ के साथ 58 वार्डों की सफाई व्यवस्था आउटसोर्स पर देना।
-व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर लगाया गया लाइसेंस शुल्क और सिनेमाघरों पर लगाए गए शो टैक्स, टिकट बिक्री टैक्स।
-सफाई व्यवस्था पर 32.55 करोड़ रुपये की अतिरिक्त ग्रांट को खर्च।
-छह वार्डों में 1.70 करोड़ रुपये की सीसी सड़कों और नालों का निर्माण।
-बाबा लालदास घाट से बुद्धू घाट तक 1.44 करोड़ रुपये से सड़क और सीसी रिटेनिंग वॉल निर्माण।
-गढ़ी मलूक में 300 वर्ग मीटर भूमि को निशुल्क रूप में समाज कल्याण विभाग को देना।
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नगर निगम की बोर्ड बैठक जनमंच सभागार में महापौर डॉ. अजय कुमार की अध्यक्षता में शुरू हुई। सबसे पहले नामित दस पार्षदों धनपाल कश्यप, मुरारी खेतवाल, मनीष सचदेवा, शिवमंगल सिंह, राजेश वालिया, जसवीर मोगा, प्रवीण रोहिला, राहुल झाम, निशांत शर्मा व अरुण गुप्ता का उपसभापति मयंक गर्ग ने परिचय कराया। सहारनपुर-मुजफ्फरनगर-शामली सीट से एमएलसी वंदना वर्मा भी बोर्ड बैठक में शामिल हुईं। एमएलसी वंदना वर्मा ने आश्वस्त किया कि वह अपनी निधि से सहारनपुर में भी विकास कार्य कराएंगी। पार्षद मंसूर बदर ने खाताखेड़ी में नगर निगम की भूमि पर बनने वाले विद्युत उप केंद्र पर आपत्ति जताई।
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उन्होंने आरा मशीनों पर लगाए गए लाइसेंस शुल्क पर आपत्ति जताते हुए उद्योगों का भी इसके दायरे में लाने की मांग की। इसे लेकर हंगामा हुआ। पार्षद टिंकू अरोड़ा ने भी लाइसेंस शुल्क पर नाराजगी व्यक्त की। ब्लैक लिस्ट ठेकेदारों पर कार्रवाई न होने का मुद्दा भी उन्होंने उठाया। वुडन सिटी और लकड़ी बाजार की समस्याएं भी उठाई। पार्षद फहाद सलीम ने निर्माणाधीन एसटीपी और नगर निगम में कथित तौर पर भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। उप सभापति मयंक गर्ग ने सफाई कर्मचारियों की पूरे प्रदेश में सर्वाधिक वेतन वृद्धि 17,446 और पांच लाख रुपये का अतिरिक्त बीमा कराने के लिए महापौर का आभार व्यक्त किया। सर्वसम्मति से 58 वार्डों की सफाई व्यवस्था ठेके पर देने का प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। उधर, ज्यादातर पार्षद प्रस्तावों पर चर्चा के साथ ही अपने वार्डों की समस्याएं गिनाने में लगे रहे।
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राजनीति को सेवा बताते हुए पार्षद ने छोड़ा मानदेय
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वार्ड 41 के पार्षद संजय सैनी ने राजनीति को सेवा बताते हुए पार्षद के रूप में मिलने वाले मानदेय को वापस कर दिया। उन्होंने लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी को प्रार्थना पत्र के साथ ही ब्लैंक चेक भी सौंपा। संजय सैनी ने बताया कि पार्षदों को हर महीने मिलने वाले 1500 रुपये के मानदेय की उन्हें जानकारी नहीं थी। ऐसे में बीते तीन साल में अभी तक जितना भी मानदेय उनके खाते में आया है वह पूरा नगर निगम को लौटाना चाहते हैं।
पास हुए प्रमुख प्रस्ताव
-सफाईकर्मियों के मानदेय वृद्धि और अन्य लाभ के साथ 58 वार्डों की सफाई व्यवस्था आउटसोर्स पर देना।
-व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर लगाया गया लाइसेंस शुल्क और सिनेमाघरों पर लगाए गए शो टैक्स, टिकट बिक्री टैक्स।
-सफाई व्यवस्था पर 32.55 करोड़ रुपये की अतिरिक्त ग्रांट को खर्च।
-छह वार्डों में 1.70 करोड़ रुपये की सीसी सड़कों और नालों का निर्माण।
-बाबा लालदास घाट से बुद्धू घाट तक 1.44 करोड़ रुपये से सड़क और सीसी रिटेनिंग वॉल निर्माण।
-गढ़ी मलूक में 300 वर्ग मीटर भूमि को निशुल्क रूप में समाज कल्याण विभाग को देना।