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Saharanpur News: 16 साल में तैयार हुए स्पोर्ट्स कॉलेज के निर्माण में मिली खामियां
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बेहट क्षेत्र के गांव शेरुल्लापुर स्थित स्पोर्ट्स कॉलेज।
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- हस्तांतरित होने से पहले प्रशासन द्वारा कराई गई है निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जिस स्पोर्ट्स कॉलेज को तैयार करने में 16 साल का लंबा समय लग गया। उसके निर्माण में कई खामियां निकल आई हैं। हालांकि जांच रिपोर्ट अभी तक अधिकारियों की टेबल पर नहीं पहुंची है लेकिन इन खामियों को दूर नहीं किया गया तो भविष्य में यहां पढ़ने वाले छात्रों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
जनपद को स्पोर्ट्स कॉलेज की सौगात मायावती सरकार में मिली थी। स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए बेहट क्षेत्र के शेरुल्लापुर जाटोवाला में जगह चिह्नित की गई। कार्य शुरू होते ही निर्माण में अड़चन आना शुरू हो गई थी। कॉलेज के लिए चिह्नित भूमि पर खड़े साल और अन्य प्रजाति के पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग से एनओसी लेने में लंबा समय लगा था। इसके बाद नई समस्या यह सामने आई कि स्पोर्ट्स कॉलेज बरसाती नदी क्षेत्र में है। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी ने बरसाती नदी के क्षेत्र को छोड़कर पीछे की जमीन स्पोर्ट्स कॉलेज को दिलाई। इसके अलावा प्रदेश में सरकारों के बदलने से भी स्पोर्ट्स कॉलेज को तैयार होने में अधिक समय लगा।
करीब 16 साल के लंबे इंतजार के बाद स्पोर्ट्स कॉलेज का भवन बनकर तैयार हो चुका है। अब इसमें कक्षाओं के संचालन की तैयारी है लेकिन कॉलेज की इमारतों को खेल विभाग को हस्तांतरित करने से पहले प्रशासन कॉलेज के भवनों की गुणवत्ता की जांच करा रहा है। पिछले दिनों कई विभागों की टीम ने कॉलेज के प्रशासनिक भवन और छात्रावास सहित सभी इमारतों को बारीकी से देखा। टीम ने देखा कि खिड़कियों पर जाली नहीं लगी हैं, जिसकी वजह से मच्छर, मक्खी और अन्य कीड़े अंदर प्रवेश कर रहे हैं।
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आशंका जताई कि जहरीला कीड़ा भी अंदर प्रवेश कर सकता है, जो छात्रों को नुकसान पहुंचा सकता है। प्रशासनिक भवन में कई जगह सीलन आई हुई है। सबसे खास बात है कि जिस छात्रावास में छात्र रहेंगे उसके कमरे बेहद छोटे बनाए गए हैं। शौचालय भी छोटे और घुटन भरे मिले हैं, जिनमें ठीक से बैठा भी नहीं जा सकता है। बाकी भवनों में टाइल्स आदि बिछाई गई हैं, लेकिन छात्रावास में सामान्य फर्श होने की बात कही गई है।
-- उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तकनीकी टीम द्वारा स्पोर्ट्स कॉलेज का निरीक्षण किया गया है। तकनीकी टीम से जांच आख्या आना बाकी है। उसमें जो भी तथ्य सामने आएंगे उन पर काम कराया जाएगा। - राहुल चोपड़ा, प्रधानाचार्य, स्पोर्ट्स कॉलेज/ खेल अधिकारी
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सहारनपुर। जिस स्पोर्ट्स कॉलेज को तैयार करने में 16 साल का लंबा समय लग गया। उसके निर्माण में कई खामियां निकल आई हैं। हालांकि जांच रिपोर्ट अभी तक अधिकारियों की टेबल पर नहीं पहुंची है लेकिन इन खामियों को दूर नहीं किया गया तो भविष्य में यहां पढ़ने वाले छात्रों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
जनपद को स्पोर्ट्स कॉलेज की सौगात मायावती सरकार में मिली थी। स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए बेहट क्षेत्र के शेरुल्लापुर जाटोवाला में जगह चिह्नित की गई। कार्य शुरू होते ही निर्माण में अड़चन आना शुरू हो गई थी। कॉलेज के लिए चिह्नित भूमि पर खड़े साल और अन्य प्रजाति के पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग से एनओसी लेने में लंबा समय लगा था। इसके बाद नई समस्या यह सामने आई कि स्पोर्ट्स कॉलेज बरसाती नदी क्षेत्र में है। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी ने बरसाती नदी के क्षेत्र को छोड़कर पीछे की जमीन स्पोर्ट्स कॉलेज को दिलाई। इसके अलावा प्रदेश में सरकारों के बदलने से भी स्पोर्ट्स कॉलेज को तैयार होने में अधिक समय लगा।
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करीब 16 साल के लंबे इंतजार के बाद स्पोर्ट्स कॉलेज का भवन बनकर तैयार हो चुका है। अब इसमें कक्षाओं के संचालन की तैयारी है लेकिन कॉलेज की इमारतों को खेल विभाग को हस्तांतरित करने से पहले प्रशासन कॉलेज के भवनों की गुणवत्ता की जांच करा रहा है। पिछले दिनों कई विभागों की टीम ने कॉलेज के प्रशासनिक भवन और छात्रावास सहित सभी इमारतों को बारीकी से देखा। टीम ने देखा कि खिड़कियों पर जाली नहीं लगी हैं, जिसकी वजह से मच्छर, मक्खी और अन्य कीड़े अंदर प्रवेश कर रहे हैं।
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आशंका जताई कि जहरीला कीड़ा भी अंदर प्रवेश कर सकता है, जो छात्रों को नुकसान पहुंचा सकता है। प्रशासनिक भवन में कई जगह सीलन आई हुई है। सबसे खास बात है कि जिस छात्रावास में छात्र रहेंगे उसके कमरे बेहद छोटे बनाए गए हैं। शौचालय भी छोटे और घुटन भरे मिले हैं, जिनमें ठीक से बैठा भी नहीं जा सकता है। बाकी भवनों में टाइल्स आदि बिछाई गई हैं, लेकिन छात्रावास में सामान्य फर्श होने की बात कही गई है।