गंगा का रौद्र रूप: हस्तिनापुर में बाढ़ का खतरा गहराया, तेज बहाव में बह गए हाईटेंशन लाइन के टावर
Meerut News: भीमगौड़ा और बिजनौर बैराज से छोड़े गए पानी के बाद हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। तेज बहाव में करोड़ों रुपये के हाईटेंशन टावर गंगा में बह गए। प्रशासन ने तटबंधों पर निगरानी बढ़ाकर राहत दलों को अलर्ट कर दिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब गंगा के मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। भीमगौड़ा और बिजनौर बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा नदी उफान पर है। हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र में बाढ़ का खतरा तेजी से बढ़ गया है। तेज बहाव के चलते कई स्थानों पर कटान हो रही है और गंगा की धारा में हाईटेंशन बिजली के करोड़ों रुपये मूल्य के टावर बह जाने से इलाके में दहशत का माहौल है।
गुरुवार को नायब तहसीलदार सचिन चौधरी, सिंचाई विभाग के एक्सईएन प्रमोद कुमार, क्षेत्राधिकारी पंकज लवानिया और अन्य अधिकारियों ने तटबंधों का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने और सिंचाई विभाग की टीम को लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए।
यह भी पढ़ें: Exclusive: आखिर हत्यारों तक कैसे पहुंच रहे जहरीले सांप? सपेरों ने झाड़ा पल्ला, बोले-हम तो बजा रहे नागिन बैंड
खादर क्षेत्र के गांवों में रहने वाले ग्रामीण बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंतित हैं। कई स्थानों पर खेतों तक पानी पहुंचने लगा है, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तटबंधों की सुरक्षा मजबूत करने और समय रहते राहत के इंतजाम करने की मांग की है।
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट रखा गया है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।