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Saharanpur News: शिक्षा समिति के नाम पर 1.20 करोड़ की धोखाधड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 22 Jan 2026 01:07 AM IST
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सहारनपुर। शिक्षा के नाम पर गठित एक समिति में करीब 1.20 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कपड़ा व्यापारी एवं समग्र शिक्षा समिति अध्यक्ष ने सहयोगियों, एक फाइनेंस कंपनी और बैंक प्रबंधन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोन लेने, संस्था के धन का दुरुपयोग करने का गंभीर आरोप लगाया है। एसएसपी के आदेश पर कुतुबशेर पुलिस ने 10 पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
थाना सदर बाजार में चंद्र नगर निवासी कश्मीरी लाल डंग ने तहरीर देकर बताया कि कपड़े का व्यापारी है। विपक्षी गौरव श्रीवास्तव ने उन्हें समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में नाम कमाने का झांसा देकर समग्र शिक्षा समिति का गठन कराया। इसके बाद ग्राम बीतिया में भूमि खरीदकर प्रज्ञान स्थली नाम से स्कूल की स्थापना की गई। सीबीएसई बोर्ड से 12वीं तक की मान्यता प्राप्त हुई।
आरोप है कि संस्था के नाम पर पहले इंडियन बैंक से 70 लाख रुपये का ऋण लिया गया, जिसकी गारंटी में पीड़ित समेत कई पदाधिकारी शामिल थे। बाद में अवांशा फाइनेंशियल कंपनी से 1.23 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया, जिसमें से बड़ी रकम विपक्षियों ने अपने-अपने खातों में ट्रांसफर कर ली। पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने धन के उपयोग पर सवाल उठाए तो उन्हें प्रताड़ित किया जाने लगा। बिना उनकी जानकारी और हस्ताक्षर के आईसीआईसीआई बैंक बोमनजी रोड शाखा से लगभग 1.20 करोड़ रुपये का नया ऋण स्वीकृत कराया गया।
आरोप है कि ओटीपी के बहाने आधार सत्यापन कराकर उनकी सहमति के बिना उन्हें गारंटर बना दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब सेंट्रल बैंक में लेन-देन के दौरान पीड़ित को उनके नाम दर्ज आईसीआईसीआई बैंक के लोन की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने बैंक प्रबंधन और फाइनेंस कंपनी से जवाब मांगा, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि संस्था के खातों से संयुक्त हस्ताक्षर के बिना लाखों रुपये निकाले गए। पीड़ित ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में भी प्रार्थना पत्र देकर फर्जी हस्ताक्षरों और दस्तावेजों की जांच की मांग की है। इस मामले में एसएसपी के आदेश पर थाना कुतुबशेर पुलिस ने पारितोष कालरा, राहुल कालरा, सुनील मखीजा, रजनी मखीजा, राजीव खुराना, गौरव श्रीवास्तव, धीरज सतीजा, प्रभात मित्तल, आवांश प्रबंधक निखिल, बैंक प्रबंधक विवेक मालवीर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
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थाना सदर बाजार में चंद्र नगर निवासी कश्मीरी लाल डंग ने तहरीर देकर बताया कि कपड़े का व्यापारी है। विपक्षी गौरव श्रीवास्तव ने उन्हें समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में नाम कमाने का झांसा देकर समग्र शिक्षा समिति का गठन कराया। इसके बाद ग्राम बीतिया में भूमि खरीदकर प्रज्ञान स्थली नाम से स्कूल की स्थापना की गई। सीबीएसई बोर्ड से 12वीं तक की मान्यता प्राप्त हुई।
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आरोप है कि संस्था के नाम पर पहले इंडियन बैंक से 70 लाख रुपये का ऋण लिया गया, जिसकी गारंटी में पीड़ित समेत कई पदाधिकारी शामिल थे। बाद में अवांशा फाइनेंशियल कंपनी से 1.23 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया, जिसमें से बड़ी रकम विपक्षियों ने अपने-अपने खातों में ट्रांसफर कर ली। पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने धन के उपयोग पर सवाल उठाए तो उन्हें प्रताड़ित किया जाने लगा। बिना उनकी जानकारी और हस्ताक्षर के आईसीआईसीआई बैंक बोमनजी रोड शाखा से लगभग 1.20 करोड़ रुपये का नया ऋण स्वीकृत कराया गया।
आरोप है कि ओटीपी के बहाने आधार सत्यापन कराकर उनकी सहमति के बिना उन्हें गारंटर बना दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब सेंट्रल बैंक में लेन-देन के दौरान पीड़ित को उनके नाम दर्ज आईसीआईसीआई बैंक के लोन की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने बैंक प्रबंधन और फाइनेंस कंपनी से जवाब मांगा, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि संस्था के खातों से संयुक्त हस्ताक्षर के बिना लाखों रुपये निकाले गए। पीड़ित ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में भी प्रार्थना पत्र देकर फर्जी हस्ताक्षरों और दस्तावेजों की जांच की मांग की है। इस मामले में एसएसपी के आदेश पर थाना कुतुबशेर पुलिस ने पारितोष कालरा, राहुल कालरा, सुनील मखीजा, रजनी मखीजा, राजीव खुराना, गौरव श्रीवास्तव, धीरज सतीजा, प्रभात मित्तल, आवांश प्रबंधक निखिल, बैंक प्रबंधक विवेक मालवीर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
