सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   High Court's decision regarding religious worship or programs in private places is welcome: Madani

निजी जगह पर धार्मिक इबादत या कार्यक्रम से संबंधित हाईकोर्ट का फैसला स्वागत योग्य : मदनी

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 05 Feb 2026 01:04 AM IST
विज्ञापन
High Court's decision regarding religious worship or programs in private places is welcome: Madani
मौलाना महमूद मदनी।
विज्ञापन
देवबंद। जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने निजी जमीन पर धार्मिक इबादत या कार्यक्रम से संबंधित इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया फैसले का स्वागत किया है। मौलाना मदनी ने कहा कि यह फैसला भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत मिली धार्मिक आजादी की पुष्टि करता है।
Trending Videos

मौलाना महमूद मदनी ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में केवल नमाज पढ़ने या दूसरे धार्मिक आयोजनों पर एफआईआर दर्ज की गईं। धार्मिक इबादत को अकारण ही कानून-व्यवस्था का मुद्दा बनाकर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि देर आए दुरुस्त आए की तरह इलाहाबाद हाईकोर्ट का यह फैसला अब बहुत स्पष्ट सांविधानिक दिशा-निर्देश प्रदान करता है और ऐसी सभी कार्रवाई के खिलाफ एक कठोर सांविधानिक चेतावनी है कि मौलिक अधिकारों को प्रशासन के विवेक के अंतर्गत सीमित नहीं किया जा सकता। साथ ही संविधान नागरिकों को इबादत (पूजा-पाठ) का अधिकार देता है, जिसे राज्य अपनी मर्जी से न छीन सकता और न हो रोक सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed