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Saharanpur News: 147 करोड़ रुपये से घटकर 1800 रुपये हुआ मकान का गृहकर
Wed, 12 Aug 2026 01:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 12 Aug 2026 01:06 AM IST
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सहारनपुर। नगर निगम ने पिछले दिनों कमेला कॉलोनी के एक भवन स्वामी को 147 करोड़ रुपये के गृहकर का मांग नोटिस भेजा था। इसके बाद नगर निगम ने जांच की। दावा है कि भवन स्वामी द्वारा गलत सूचना भरे जाने के कारण ऐसा हुआ, जिसमें अब सुधार करा दिया गया है। अब गृहकर 147 करोड़ रुपये से घटकर 1800 रुपये हो गया है।
पांच अगस्त के संस्करण में नगर निगम की बड़ी चूक, 50 गज के मकान पर लगाया 147 करोड़ का गृहकर शीर्षक से प्रमुखता के साथ समाचार प्रकाशित किया गया था। इसके बाद नगर निगम ने जांच की तो पूरा मामला खुल गया। गृहकर एवं जलकर अनुभाग के एक अधिकारी ने बताया कि भवन स्वामी द्वारा फॉर्म में मकान 81,810 वर्ग मीटर में बना होने और 21 मंजिला होने की सूचना भरी गई थी। उसी के आधार पर टैक्स लगा दिया गया। हालांकि इसमें गृहकर एवं जलकर अनुभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की गलती यह सामने आई कि उन्होंने यह ध्यान नहीं दिया।
इस पर न तो कर्मचारी ने ध्यान दिया और न ही हस्ताक्षर करने वाले कर अधीक्षक ने। बहरहाल, नगर निगम के अधिकारी इस गलती के लिए भवन स्वामी द्वारा भरी गई गलत सूचना को जिम्मेदार मान रहे हैं। जांच के बाद मकान 85 गज का निकला है, जो सिंगल है। अब गृहकर भी 147 करोड़ रुपये से घटकर 1800 रुपये तक आ गया है, जिसके बाद भवन स्वामी के साथ ही नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली है। भवन स्वामी ने लिखकर भी दिया है कि उसके द्वारा गलत सूचना भरी गई थी।
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उधर, संबंधित कर अधीक्षक आशुतोष गुप्ता अब भी ऐसा कोई मांग नोटिस जारी होने की बात से इंकार कर रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि उन्होंने ऐसे किसी मांग नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। यदि हस्ताक्षर हैं तो वह फर्जी हैं।
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पांच अगस्त के संस्करण में नगर निगम की बड़ी चूक, 50 गज के मकान पर लगाया 147 करोड़ का गृहकर शीर्षक से प्रमुखता के साथ समाचार प्रकाशित किया गया था। इसके बाद नगर निगम ने जांच की तो पूरा मामला खुल गया। गृहकर एवं जलकर अनुभाग के एक अधिकारी ने बताया कि भवन स्वामी द्वारा फॉर्म में मकान 81,810 वर्ग मीटर में बना होने और 21 मंजिला होने की सूचना भरी गई थी। उसी के आधार पर टैक्स लगा दिया गया। हालांकि इसमें गृहकर एवं जलकर अनुभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की गलती यह सामने आई कि उन्होंने यह ध्यान नहीं दिया।
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इस पर न तो कर्मचारी ने ध्यान दिया और न ही हस्ताक्षर करने वाले कर अधीक्षक ने। बहरहाल, नगर निगम के अधिकारी इस गलती के लिए भवन स्वामी द्वारा भरी गई गलत सूचना को जिम्मेदार मान रहे हैं। जांच के बाद मकान 85 गज का निकला है, जो सिंगल है। अब गृहकर भी 147 करोड़ रुपये से घटकर 1800 रुपये तक आ गया है, जिसके बाद भवन स्वामी के साथ ही नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली है। भवन स्वामी ने लिखकर भी दिया है कि उसके द्वारा गलत सूचना भरी गई थी।
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उधर, संबंधित कर अधीक्षक आशुतोष गुप्ता अब भी ऐसा कोई मांग नोटिस जारी होने की बात से इंकार कर रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि उन्होंने ऐसे किसी मांग नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। यदि हस्ताक्षर हैं तो वह फर्जी हैं।