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Saharanpur News: ....मैं मरता तो इन्हें कौन संभालता, इसलिए साथ लेकर जाने का फैसला किया
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 21 Jan 2026 01:15 AM IST
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सहारनपुर के सरसावा स्थित कौशिक विहार कॉलोनी में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के बाद गमजद
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सहारनपुर। 1:18 सेकेंड का ऑडियो मेसेज अपनी दोनों बहनों को भेजने के बाद संग्रह अमीन ने जो कदम उठाया उससे हर कोई कांप गया। सोमवार रात सरसावा की कौशिक विहार कॉलोनी में रहने वाले संग्रह अमीन ने पहले अपनी मां, पत्नी और दो बेटों की हत्या कर दी और फिर खुद को गोली मार ली। इससे पहले अशोक राठी ने अपनी दोनों बहनों को व्हाट्सएप पर जो ऑडियो मेसेज भेजे थे उसमें बार-बार किसी मजबूरी का जिक्र किया गया है। आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी, जिसके सामने पांच जानों की कीमत भी शून्य हो गई। यह सवाल हर किसी के जेहन में कौंध रहा है, पुलिस और परिजन भी इसका जवाब तलाश रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, करीब छह-सात ऑडियो मेसेज मंगलवार तड़के 3:52 बजे भेजे गए। 1 मिनट 18 सेकेंड के एक ऑडियो में कहा जा रहा है कि पिंकेश और मोना मैं माफी चाहता हूं, मैंने बहुत बड़ी गलती कर दी है। मैं तुम्हारा भाई होकर बहुत गलत काम कर दिया है। मेरे सामने बहुत बड़ी समस्या थी। अगर केवल मैं मरता तो इन्हें कौन संभालता। मैंने इसलिए सभी को साथ लेकर मरने का फैसला किया है। इसमें किसी की कोई गलती नहीं है और मेरे बाद रक्षाबंधन, भैयादूज और भात धूमधाम से भरना। मेरे जाने का गम मत मनाना, जो काम मैंने छोड़े हैं वह तुम्हें पूरे करने हैं। मेरे जाने के बाद जो मेरा है वह सब तुम दोनों बहनों का है। अब तुम्हें ही देखना है आगे। मैं बहुत मजबूर हो गया था, मैं किसी को अपनी मजबूरी नहीं बता सकता था। मैं इतना मजबूर था कि अब अंत आ गया था, इसलिए मुझे मरना पड़ रहा है। मुझे माफ कर देना मेरी बहनों। मनीष भाई, जयवीर, मेरी दोनों बहनों और मेरे दोस्तों माफ कर देना, मुझे जाना पड़ रहा है मेरी मजबूरी है।
अशोक राठी के मकान से करीब 200 मीटर दूर बहन पिंकेश परिवार के साथ रहती है। मंगलवार सुबह पिंकेश ने मेसेज देखा, तब बेटे प्रीत को भेजा। इसके बाद पूरे घटनाक्रम का पता चला। प्राथमिक जांच में आया कि परिवार के चारों सदस्यों की हत्या करने के बाद अशोक राठी ने अपनी बहनों को यह मेसेज भेजे और फिर आत्महत्या कर ली।
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खामोश हो गईं पांच जानें, छोड़ गईं ढेरों सवाल
- सवाल नंबर एक : ऑडियो मेसेज में मजबूरी का जिक्र है। आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी थी जो यह कदम उठाना पड़ा, जिसके बारे में न परिजनों और न ही दोस्तों को पता। अक्सर आर्थिक तंगी में व्यक्ति इस तरह का कदम उठाता है, लेकिन ऐसा कोई बात सामने नहीं आई। कोई बात थी तो किसी नजदीकी से साझा की जा सकती थी।
- सवाल नंबर दो : अगर अशोक राठी का अपनी पत्नी के साथ विवाद था तो मां और दो मासूम बच्चों का क्या कुसूर। उन्हें क्यों मौत के घाट उतारा गया।
- सवाल नंबर तीन : पुलिस ने अशोक के पास से तीन देशी पिस्टल बरामद की। इनका कोई लाइसेंस भी नहीं था। ऐसे में सवाल है कि अशोक तीन पिस्टल कहां से लेकर आया और किससे खरीदी। इससे लग रहा है कि अशोक ने पूरे योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया।
- सवाल नंबर चार : अशोक अपनी मां के साथ गांव में रहना चाहता था, जबकि पत्नी और बच्चे सरसावा में बनाए गए नए मकान में शिफ्ट होना चाहते थे। इसे लेकर हाल ही में दंपती के बीच झगड़ा भी हुआ था। कहीं शहर और गांव में रहने की जिद इस नृशंस घटनाक्रम की वजह तो नहीं बनी।
- सवाल नंबर पांच : ऑडियो में दोनों बहनों के लिए यह भी कहा जा रहा है कि मैंने जो काम छोड़े हैं अब वह तुम्हें पूरे करने हैं। आखिर ऐसे कौन से काम हैं, जिनके बारे में बहनों को भी जानकारी नहीं है। कुल मिलाकर यह भयावह मंजूर अपने पीछे कई सवाल छोड़ गए।
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पुलिस के अनुसार, करीब छह-सात ऑडियो मेसेज मंगलवार तड़के 3:52 बजे भेजे गए। 1 मिनट 18 सेकेंड के एक ऑडियो में कहा जा रहा है कि पिंकेश और मोना मैं माफी चाहता हूं, मैंने बहुत बड़ी गलती कर दी है। मैं तुम्हारा भाई होकर बहुत गलत काम कर दिया है। मेरे सामने बहुत बड़ी समस्या थी। अगर केवल मैं मरता तो इन्हें कौन संभालता। मैंने इसलिए सभी को साथ लेकर मरने का फैसला किया है। इसमें किसी की कोई गलती नहीं है और मेरे बाद रक्षाबंधन, भैयादूज और भात धूमधाम से भरना। मेरे जाने का गम मत मनाना, जो काम मैंने छोड़े हैं वह तुम्हें पूरे करने हैं। मेरे जाने के बाद जो मेरा है वह सब तुम दोनों बहनों का है। अब तुम्हें ही देखना है आगे। मैं बहुत मजबूर हो गया था, मैं किसी को अपनी मजबूरी नहीं बता सकता था। मैं इतना मजबूर था कि अब अंत आ गया था, इसलिए मुझे मरना पड़ रहा है। मुझे माफ कर देना मेरी बहनों। मनीष भाई, जयवीर, मेरी दोनों बहनों और मेरे दोस्तों माफ कर देना, मुझे जाना पड़ रहा है मेरी मजबूरी है।
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अशोक राठी के मकान से करीब 200 मीटर दूर बहन पिंकेश परिवार के साथ रहती है। मंगलवार सुबह पिंकेश ने मेसेज देखा, तब बेटे प्रीत को भेजा। इसके बाद पूरे घटनाक्रम का पता चला। प्राथमिक जांच में आया कि परिवार के चारों सदस्यों की हत्या करने के बाद अशोक राठी ने अपनी बहनों को यह मेसेज भेजे और फिर आत्महत्या कर ली।
खामोश हो गईं पांच जानें, छोड़ गईं ढेरों सवाल
- सवाल नंबर एक : ऑडियो मेसेज में मजबूरी का जिक्र है। आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी थी जो यह कदम उठाना पड़ा, जिसके बारे में न परिजनों और न ही दोस्तों को पता। अक्सर आर्थिक तंगी में व्यक्ति इस तरह का कदम उठाता है, लेकिन ऐसा कोई बात सामने नहीं आई। कोई बात थी तो किसी नजदीकी से साझा की जा सकती थी।
- सवाल नंबर दो : अगर अशोक राठी का अपनी पत्नी के साथ विवाद था तो मां और दो मासूम बच्चों का क्या कुसूर। उन्हें क्यों मौत के घाट उतारा गया।
- सवाल नंबर तीन : पुलिस ने अशोक के पास से तीन देशी पिस्टल बरामद की। इनका कोई लाइसेंस भी नहीं था। ऐसे में सवाल है कि अशोक तीन पिस्टल कहां से लेकर आया और किससे खरीदी। इससे लग रहा है कि अशोक ने पूरे योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया।
- सवाल नंबर चार : अशोक अपनी मां के साथ गांव में रहना चाहता था, जबकि पत्नी और बच्चे सरसावा में बनाए गए नए मकान में शिफ्ट होना चाहते थे। इसे लेकर हाल ही में दंपती के बीच झगड़ा भी हुआ था। कहीं शहर और गांव में रहने की जिद इस नृशंस घटनाक्रम की वजह तो नहीं बनी।
- सवाल नंबर पांच : ऑडियो में दोनों बहनों के लिए यह भी कहा जा रहा है कि मैंने जो काम छोड़े हैं अब वह तुम्हें पूरे करने हैं। आखिर ऐसे कौन से काम हैं, जिनके बारे में बहनों को भी जानकारी नहीं है। कुल मिलाकर यह भयावह मंजूर अपने पीछे कई सवाल छोड़ गए।
