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Saharanpur News: न कनेक्शन, न टोटी, फिर भी पी गए चार लाख का पानी
Thu, 20 Aug 2026 12:50 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 20 Aug 2026 12:50 AM IST
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सहारनपुर। सरकारी व्यवस्था का रोचक मामला सामने आया है, जिसका पीड़ित कोई आम आदमी नहीं, बल्कि सरकारी दफ्तर है। मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय में न पानी का कनेक्शन और न ही टोटी, फिर भी नगर निगम ने कागजों में करीब चार लाख का पानी पिला दिया। नगर निगम में तमाम पत्राचार के बाद भी मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय को आज तक कनेक्शन नहीं मिला और बिल लगातार भेजा जा रहा है।
मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय की तरफ से कई साल पहले नगर निगम में पानी के कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। कनेक्शन की जरूरत इसलिए बताई गई थी कि बाहर से लोगों का आवागमन रहता है। इसलिए पीने के लिए पानी जरूरी है। हैरानी की बात यह है कि नगर निगम की तरफ से अभी तक कनेक्शन नहीं दिया गया और न ही मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय में कोई टोटी है, जिससे नगर निगम के पानी का इस्तेमाल किया जा रहा हो। इसके बावजूद पानी का बिल लगातार भेजा जा रहा है। करीब ढाई लाख रुपये जमा कराया जा चुका है। अब फिर से बिल भेजा गया है। उधर, मुख्य कोषाधिकारी सूरज कुमार ने बताया कि पानी के कनेक्शन के लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन कनेक्शन नहीं मिल रहा।
वहीं, जलकल विभाग के अवर अभियंता ललित शर्मा का कहना है कि ऐसा संभव नहीं है कि आवेदन किया गया हो और कनेक्शन न मिला हो। फिर भी मामले को दिखवाया जाएगा।
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इस नियम में उलझा मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय
नियमानुसार, यदि किसी घर या दफ्तर से 200 मीटर के दायरे में सीवर या पानी की लाइन है तो उस भवन स्वामी को सीवर और पानी का टैक्स देना पड़ता है। इसी नियम के दायरे में मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय फंसा हुआ है और मजबूरी में बिना पानी के बिल जमा कराना पड़ रहा है।
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मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय की तरफ से कई साल पहले नगर निगम में पानी के कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। कनेक्शन की जरूरत इसलिए बताई गई थी कि बाहर से लोगों का आवागमन रहता है। इसलिए पीने के लिए पानी जरूरी है। हैरानी की बात यह है कि नगर निगम की तरफ से अभी तक कनेक्शन नहीं दिया गया और न ही मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय में कोई टोटी है, जिससे नगर निगम के पानी का इस्तेमाल किया जा रहा हो। इसके बावजूद पानी का बिल लगातार भेजा जा रहा है। करीब ढाई लाख रुपये जमा कराया जा चुका है। अब फिर से बिल भेजा गया है। उधर, मुख्य कोषाधिकारी सूरज कुमार ने बताया कि पानी के कनेक्शन के लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन कनेक्शन नहीं मिल रहा।
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वहीं, जलकल विभाग के अवर अभियंता ललित शर्मा का कहना है कि ऐसा संभव नहीं है कि आवेदन किया गया हो और कनेक्शन न मिला हो। फिर भी मामले को दिखवाया जाएगा।
इस नियम में उलझा मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय
नियमानुसार, यदि किसी घर या दफ्तर से 200 मीटर के दायरे में सीवर या पानी की लाइन है तो उस भवन स्वामी को सीवर और पानी का टैक्स देना पड़ता है। इसी नियम के दायरे में मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय फंसा हुआ है और मजबूरी में बिना पानी के बिल जमा कराना पड़ रहा है।
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